सेरेना विलियम्स ने प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में टैनिस ग्रैंड स्लैम कैसे जीत लिया?

manage first trimester symptoms

प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में सीडियों पर चढ़ना काफी मुश्किल होता है, और इस समय ग्रैंड स्लैम जीतने की बात तो कोई सोच भी नहीं सकता। जी हाँ, ऐसा लगता है जैसे सेरेना विलियम्स ने ये कारनामा कर दिया है। उन्होने प्रेगनेंट होने के बावजूद भी ग्रैंड स्लैम टैनिस टूर्नामेंट जीत लिया है। एक स्नैपचैट पोस्ट(जो उन्होने बाद में डिलीट कर दिया) में उन्होने अपने पेट की फोटो के साथ लिखा “20 हफ्ते”। इसका मतलब उन्होने ऑस्ट्रेलियन ओपन थकान, जी मिचालने और प्रेगनेंसी में आने वाली अन्य समस्या के बावजूद भी जीता।

प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन(एक हार्मोन जिसकी वजह से गर्भाशय रिलेक्स होता है, जिससे बच्चे के लिए शरीर तैयार होता) की वजह से ब्लड प्रैशर कम होता है और इसकी वजह से कई महिलाओं को नींद और चक्कर आते हैं।

जो महिलाएं विलियम्स की तरह अपनी प्रेगनेंसी की शुरुआत में हैं, उनके लिए इस पहली तिमाही को संभालने के लिए कुछ साधारण तरीके होते हैं, चाहे आप टैनिस खेलें या नहीं।

शुगर का खयाल रखें

हालांकि आपको पहली तिमाही में बढ़ते बच्चे के लिए ज़्यादा कैलोरी की ज़रूरत नहीं है, लेकिन सही प्रकार की कैलोरी की इस समय सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है। पतला मीट, अनाज और कई प्रकार के सब्जी और फल आपकी ऊर्जा को बरकरार रखने के लिए काफी अहम हैं। पोषक तत्व से आपको और आपके बच्चे को सभी ज़रूरी विटामिन और मिनरल मिलते हैं। शुगर खून में ग्लूकोज़ की मात्रा को काफी बढ़ा देता है जिससे थकान लगती है। हालांकि आपका मिठाई खाने का मन कर सकता है, लेकिन सही तरीके से खाना, शुगर, मूड बदलने, दिल में जलन, बढ़ते हुए डियाबटीस को कंट्रोल रखने के लिए ज़रूरी है, साथ ही इससे आपका वज़न भी स्वस्थ तरीके से बढ़ता है। जब भी मीठा खाने का मन हो तब स्ट्रोबैरी, आम और अनानास जैसे फल सही संतुलन में खाए जा सकते हैं। नकली मिठेपन, और चीनी लेने से अच्छा है की आप नारियल शुगर और शहद लें।

शरीर में पानी की मात्रा बढ़ाएँ

एक गिलास फालतू पानी पीने से बढ़े हुए प्रोजेस्ट्रोन और रिलेक्सिन लेवल से लड़ने में मदद मिलती है। इन हार्मोन्स से रस प्रक्रिया पर असर पड़ता है, जिससे सूजन और जी मिचलता है। शरीर में पानी की मात्रा सही रखने पर चीजों से पोषण लेने में मदद मिलती हैं, वहीं विटामिन और मिनरल सही तरीके से खून कोशिका से होकर नाल तक पहुंचता है। जो आप खाती हैं उसके भी असर हो सकते हैं। पानी से भरे हुए खाद्य पदार्थ जैसे, सूप, फल जैसे संतरा, तरबूज और सब्ज़ी जैसे पालक और खीरा आपके शरीर में पानी की मात्रा को सही बनाए रखता है।

उबकाई से ऐसे लड़ें

जी मिचलने से बचने के लिए आपको थोड़ा-थोड़ा लेकिन निश्चित समय पर खाना लेना ज़रूरी है। जी मिचलने की समस्या आपको पूरे दिन हो सकती है, इसलिए खाने से इसका किसी हद तक समाधान मिल जाता है। अखरोट, केले, गाजर, सेम की फली में मौजूद विटामिन बी6 और 200 ग्राम तक मौजूद सप्लिमेंट अकेले या ऐन्टीहिस्टमीन के मेल से मदद मिलती है। इस बात का खयाल रखें की आप कोई भी दवाई डॉक्टर की सलाह के बिना ना लें। एक्सर्साइज़ के दौरान आप जो एंडोर्फिन छोड़ती हैं उससे भी जी मिचलाने की समस्या का हल होता है।

अपनी नींद का कार्यक्रम बनाएँ

पहली तिमाही में हार्मोन(कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन जिससे भ्रूण गर्भाशय में बना रहता है) मूड के बदलने और खून के मोटा होने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इससे एनर्जी कभी बढ़ती है तो कभी घटती है। अपने शरीर के अनुसार कम से 7-9 घंटे की नींद ज़रूर लें। नींद को भी उसी तरह से प्लेन करें जैसे आप एक्सर्साइज़ को प्लेन करती हैं। अन्य उपाय जैसे शाम को थोड़ा नींद लेना, शाम को एक्सर्साइज़ नहीं करना, और 6 बजे को बाद कम द्रव पीने से मदद मिलती है, कम पानी पीने से आप रातभर बाथरूम नहीं जाएंगी।

टहलना जारी रखें

जिन महिलाओं को डॉक्टर द्वारा अनुमति मिल जाती है उनके लिए टहलना ऊर्जा प्राप्त करने का माध्यम है। इस समय कोई भी नई शारीरिक एक्टिविटी स्टार्ट ना करें। अपनी दिल की गति को 140 धड़कन प्रति मिनट पर मैंटेन करें। गूदे के आसपास की एक्सर्साइज़ और खिंचाव से बढ़ती हुई प्रेगनेंसी में होने वाले कमर के दर्द से बचने में मदद मिलती है। प्रसव पूर्व की क्लास ज़रूर लें, इससे पेट में होने वाले दर्द और खिंचाव के दर्द से बचाव होता है।

पहली बार माँ बनने वाली महिलाएं पहली तिमाही को काफी मुश्किल फील करती हैं। अगर कोई भी समस्या ज़्यादा गंभीर बन रही हो तो अपने डॉक्टर से ज़रूर मिलें।