प्रेगनेंसी में भूख ना लगने की समस्या का क्या किया जाए?

Loss of appetite during pregnancy

प्रेगनेंसी में आपको पोषक खाने की ज़रूरत जितनी होती है उतनी कभी नहीं होती है। आपको इन तरीकों से देखना चाहिए की आप और आपके बच्चे की सभी जरूरतें पूरी हो रही हैं या नहीं।

आपको इस समय हमेशा पिज्जा या आइसक्रीम खाने का मन करता है? प्रेगनेंसी एक ऐसा समय है जहां आपके वज़न बढ़ने पर आपको जमकर तारीफ मिलती है, और आपको खाने के लिए उत्साहित किया जाता है। लेकिन जैसे ही आप सोचती हैं की आप आने वाले समय में क्या स्वस्थ खाना खाएँगे वैसे ही आपकी भूख एक दम से गायब हो जाती है। और इसके साथ जी मिचलने से आपको कुछ भी खाने का मन ही नहीं करता है।

प्रेगनेंसी में सही प्रकार से वज़न बढ़ाने का मतलब है की आप बच्चे के लिए एक अच्छा माहौल बना रही हैं। वैसे आप प्रेगनेंसी से पहले कितने वज़न वाली रही हैं, इस बात पर सब कुछ निर्भर करता है, पर आपको इस दौरान 25-35 पाउंड वज़न बढ़ाना चाहिए। पहली तिमाही में जब आपको जी मिचलने की समस्या होती है तब आपको ढंग से भूख भी नहीं लगती, इस समय आप एक या दो पाउंड वज़न बढ़ा सकती हैं, कभी-कभी तो आपका वज़न घट भी सकता है। ऐसा होना भी नॉर्मल है।

इस समय आपका भ्रूण काफी छोटा होता है और उसे इस समय ज़्यादा पोषण की ज़रूरत नहीं होती है- तो अगर आप इस समय अपने सभी विटामिन ले रही हैं तो आपकी जरूरतें भी अपने आप पूरी हो जाती हैं। पहली तिमाही के बाद आपको सलाह दी जाती है की आपका वज़न हर हफ्ते एक पाउंड बढ़ना चाहिए। अगर आपको दूसरी तिमाही में भी भूख नहीं लग रही है, या आपका वज़न सही प्रकार से नहीं बढ़ रहा है तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें।

अब भी चिंता हो रही है? हम कहेंगे ज़्यादा चिंता ना करें, आपको इस समय कभी अच्छा लगेगा और कभी बुरा, सबसे बड़ी बात है की आपको अपने बच्चे का सही खयाल रखना है। कुछ महिलाएं इन तरीकों से अपनी भूख ना लगने की समस्या हो संभाल लेती हैं।

पहली तिमाही में भूख का ना लगना

किस वजह से पहली तिमाही में भूख नहीं लगती?

कह सकते हैं की पहली तिमाही में जी मिचलने की समस्या की वजह से आपको भूख ना लगने की शिकायत हो सकती है, और ये जी मिचलने की समस्या 75% महिलाओं को होती है, वैसे भी जब आपको कई बार टॉइलेट जाना पड़े तो भूख का कम लगना काफी स्वाभाविक है। जी मिचलने की समस्या शायद प्रकृतिक है, इस तरीके से आपका कोई भी नुकसानदायक चीज़ लेने का मन नहीं करता है, इस वजह से आपको प्रेगनेंसी में किसी खास खाने से घृणा होती है।

बढ़े हुए हार्मोन्स जैसे एस्ट्रोजन और प्रेगनेंसी हार्मोन्स hCG की वजह से आप बात-बात पर इमोश्नल हो जाती हैं, और इसी वजह से आपको जी मिचलने की समस्या भी काफी ज़्यादा लगती है, और इस समय आपको कुछ ज़्यादा ही सुँघाई भी देता है जिसकी वजह से आपकी भूख पर असर पड़ता है। आपके मुंह में आपको धातु जैसा फील भी हो सकता है।

भूख जाने पर मैं सभी पोषण को कैसे लूँ?

अगर आपको भूख भी नहीं लग रही हो तो इन तरीकों से आप अपनी पोषण की ज़रूरत पूरी कर सकती हैं।

खूब पीएं: आपको इस समय काफी मात्रा में पेय-पदार्थ लेना है, कैलोरी वाली चीज़ लेने से अच्छा है की आप लिक्विड लें। वैसे ये आपकी दिनचर्या पर निर्भर करता है पर प्रेगनेंट महिलाओं को दिन में कम से कम 8-10 आउन्स पेय-पदार्थ लेना चाहिए, इसमें सभी स्त्रोत शामिल हैं, जैसे सब्जी और फल। नींबू या अदरक के साथ गरम पानी, या अदरक की चाय भी पानी का विकल्प हो सकती है, खासकर तब जब आपको जी मिचलने की समस्या ने कुछ ज़्यादा ही परेशान किया हो। आपको कोई भी हर्बल चाय या कोई अन्य चीज़ लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए, हालांकि कुछ पेय-पदार्थ तो आपको प्रेगनेंसी में लेने ही नहीं है।

ज़्यादा ना खाएं: आपको दिन में छह बार कम कम खाना है। कुछ लोग सोचते हैं की प्रेगनेंसी में महिलाओं को तीन बार भर पेट खाना लेना है, लेकिन इस बात में सच्चाई नहीं है। आपको दिन में तीन बार खाना लेने की जगह दिन में छह बार छोटा-छोटा भोजन लेना है, इससे आपको बार बार भूख लगने की समस्या का भी हल हो जाएगा।

हल्का भोजन लें: जब भी आपको दिन में छोटी सी भूख लगे तब आपको प्रोटीन और ज़्यादा से ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट लेना है, इससे आपका खून में शुगर का स्तर सही रहेगा और आपको बार बार भूख का अहसास भी नहीं होगा। इस समय आपको केले जैसे फल लेने चाहिए, इनसे आपका पेट भरा-भरा रहेगा। आपको इस समय अनाज से बने स्नैक्स भी लेने चाहिए।

जिस भोजन से ज़्यादा ही सुगंध आए उसे ना लें: इसमें मसाले वाले और वसा वाले भोजन आते हैं-जिसका मतलब है फास्टफूड का पूरी तरह बहिष्कार, जैसे बर्गर, फ्राइड राइस आदि। इस समय आप इन चीजों की जगह सलाद, भुना हुआ चिकन, या सैल्मन ले सकते हैं।

अच्छा स्वाद का फायदा लें: अगर आपको कोई चीज़ खाने का मन ही कर रहा है तो उसे ले लें, लेकिन आपको ये याद रखना है की आपने दिन वो सभी पोषण ले लिए हों जो आपको लेने के लिए कहे गए हों।

खाने का तापमान थोड़ा बदलें: कुछ महिलाओं को प्रेगनेंसी में अपना खाना थोड़ा ठंडा ही अच्छा लगता है, वहीं कुछ महिलाओं को इस समय गरम ही अच्छा लगता है। अगर आपको भी गरम ठंडा खाने का मन करता है तो अपने अनुसार खाने का तापमान रखें।

विटामिन ज़रूर लें: आपको विटामिन दिन में वैसे ही लेना है जैसे आपको भी दैनिक काम करती हैं। आपको गर्भधारण करने के एक महीने पहले ही विटामिन लेना शुरू कर देना चाहिए, या कम से कम गर्भधारण करने के समय तो शुरू ही करना चाहिए। इससे आपको काफी मदद मिलेगी।

अन्य मदद भी लें: आपको जी मिचलने की समस्या को कम करने के लिए अपने डॉक्टर से भी बात करनी चाहिए। आप इस समय खास विटामिन ले सकती हैं जिसमें ज़्यादा बी6 होता है। आप अन्य तरीकों से भी अपने जी मिचलने की समस्या को कम कर सकती हैं।

दूसरी तिमाही में भूख का कम लगना या न लगना

दूसरी तिमाही में भूख क्यों नहीं लगती?

कई महिलाओं को ये प्रेगनेंसी का सबसे अच्छा समय लगता है- आप इस समय काफी तेज़ी से पेट में बच्चे को बड़ा कर रही हैं, पर बिना किसी मोटे पेट के साथ, इससे भी अच्छी बात है की ज़्यादातर प्रेगनेंट महिलाओं को इस समय अपनी भूख पहले से ज़्यादा ही लगती है। आप इस समय शायद सही में सबसे अच्छा फील कर सकती हैं। पर इसके साथ हम कहना चाहेंगे की हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता है। अगर आपको लगे की आपको अब भी खाने का मन नहीं कर रहा है तो आपको वही काम करने हैं जो आपको पहली तिमाही में करने के लिए कहा गया था, जैसे काफी पानी पीना, और अन्य द्रव लेना।

मैं दूसरी तिमाही में अपने पोषण को कैसे सही प्रकार से लूँ?

अगर आपको अब भी कम भूख लग रही हो, तो आपको वही पहली तिमाही वाले कम करने हैं, इस समय काफी पानी लें, दिन में ज़्यादा बार कम कम खाएं, अधिक सुगंध वाली चीज़ से दूर रहें, वसा और मसाले वाले खाने से भी दूर रहें, प्रसव पूर्व के विटामिन भी लेना न भूलें, इससे आपको सभी प्रकार का पोषण मिलेगा, चाहे आप कम खाएं या नहीं।

यही समय है जब आप सही मात्रा में कैल्सियम भी लें, मतलब दिन में 1200 मिलीग्राम, आपको दिन में 75 ग्राम प्रोटीन भी लेना है, 400-600 माइक्रोग्राम फोलेट सभी स्त्रोत से लेना है। आपको ओमेगा-3 वाला भोजन भी लेना है जैसे मछली, आपको हर स्त्रोत से 200-300 मिलीग्राम ओमेगा-3 लेना है, इससे आपके बच्चे के दिमाग का विकास अच्छा होता है। जब आपको थोड़ा भूख लगना शुरू हो जाए तो आपको दो बार हफ्ते में मछली खानी चाहिए।

तीसरी तिमाही में भूख का न लगना

तीसरी तिमाही में भूख क्यों नहीं लगती है?

आपकी प्रेगनेंसी के आखरी कुछ महीनों में जी मिचलने की समस्या लगभग पूरी तरह से चली जाती है- और इसकी जगह लेता है आपका फूला हुआ पेट। आपकी भूख शायद इस समय पूरी तरह से वापस आ जाए, लेकिन आमतौर पर थोड़ा सा खाने से ही आपको पेट भरा होने की अनुभूति हो सकती है।

आपके बढ़े हुए गर्भाशय की वजह से आपके बाकी अंगों के लिए कम जगह बचती है, जैसे आपका यकृत, व ये बाकी जगह पर जाता रहता है। इससे आपको सीने में जलन हो सकती है। आपको इस समय कब्ज़ भी हो सकता है, जिसका मतलब है की बाकी सभी प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती हैं।

जहां आपको इस तिमाही में पहली तिमाही से कुछ ज़्यादा भूख लगती है वहीं आपको इस समय क्या खाना है और क्या नहीं यह आपके लिए काफी अहम कदम हो सकता है, और आपको सही में अब भी काफी देखकर खाना है।

अगर भूख नहीं लगे तो तीसरी तिमाही में मैं अपना पोषण कैसे लूँ?

ज़्यादा ना खाएं: जैसे आपने पहले 12 हफ्तों में किया था वैसे ही आप दिन कई बार छोटी मात्रा में खाएं, जिससे आपका पेट भरा रहेगा और आपको पोषण भी मिलते रहेंगे। इस समय आपका पेट काफी सिकुड़ता है इस वजह से आप ज़्यादा नहीं खा सकेंगी, इसलिए यदि आप दिन में थोड़ा थोड़ा चरती रहेंगी तो इससे आपको मदद मिल सकती है। इस समय क्योंकि आपको जी मिचलने की समस्या कम होगी, इसलिए आपके लिए और भी ज़रूरी हो जाता है की आप आप सभी पोषण लें, बस कैलरी लेने से ही सब कुछ प्राप्त नहीं होगा।

फाइबर लेती रहें: आपको इस समय फाइबर वाला खाना लगातार लेना चाहिए, जैसे हरे पत्तों वाली सब्जी, अनाज वाली ब्रेड, एवाकाडो, और सूरजमुखी के बीज, इससे आपके कब्ज़ की समस्या सही रहेगी और आपको थोड़ा आराम मिलेगा।

आपको इस समय पहली तिमाही की तरकीब भी आजमानी चाहिए। जैसे काफी द्रव पीना, और आपको सही मात्रा में विटामिन भी लेना है।

आपको इस समय काफी अजीब चीज़ भी खाने का मन करेगा, ये होना आम है, लेकिन आपको बच्चे की वजह से सब त्यागना पड़ेगा, एक स्वस्थ जीवन की शुरुआत आपसे ही होती है।

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