प्रेगनेंसी में कैल्सियम की महत्वता

Calcium during pregnancy

प्रेगनेंसी के दौरान मजबूत हड्डी और दांतों के विकास के लिए बच्चे को कैल्सियम की ज़रूरत होती है। प्रेगनेंसी में सही तरीके से कैल्सियम लेने से बच्चे के दिल का विकास सही होता है और धड़कन की गति भी अच्छी रहती है। यह खून का थक्का बनने, मसल को मजबूत करने और नसों के बनाने में अहम है।

सही मात्रा में कैल्सियम लेने से प्रेगनेंसी में हाइपरटेंशन और प्रीक्लेमसिया का रिस्क कम होता है। अगर शरीर को सही मात्रा में कैल्सियम नहीं मिलता है तो बच्चा माँ की हड्डी से कैल्सियम लेना शुरू कर देता है जिससे बाद में माँ की सेहत पर फर्क पड़ सकता है।

खाने में कैल्सियम के स्त्रोत

दूध और डेरी के और उत्पादन कैल्सियम के अच्छे स्त्रोत हैं। इसके अलावा डब्बा बंद मछली, कैल्सियम वाला सेरियल, जूस, सोया और ब्रेड इसके अच्छे स्त्रोत हैं। किसी भी खाने का लेवल चैक करलें क्योंकि हर खाने में कैल्सियम हो ज़रूरी नहीं।

नीचे दिए गए खाने कैल्सियम का बेहतरीन स्त्रोत होते हैं:

  • 1 कप प्लेन कम फैट वाला योगर्ट
  • 42ग्राम बिना मलाई का मोजेरेला पनीर
  • 250ml कम फैट वाला फलों का योगर्ट
  • 250ml कैल्सियम वाला सोया मिल्क
  • 177ml कैल्सियम वाला संतरे का जूस
  • 85ग्राम डब्बे वाली पिंक सैमन मछली, हड्डी और द्रव के साथ
  • 250ml बिना फैट यानी वसा वाला दूध
  • 1 कप कॉटेज पनीर
  • आधा कप वनीला सॉफ्ट-सर्व फ़्रोजन योगर्ट आधा कप वनीला आइस क्रीम
  • एक टुकड़ा सफ़ेद ब्रेड
  • 250ml दूध

कैल्सियम की ज़रूरत और सप्लिमेंट

प्रीनेटल विटामिन आपको 150mg कैल्सियम देगा। अगर आपको खाने से अच्छा कैल्सियम नहीं मिल रहा है तो आप कैल्सियम सप्लिमेंट अलग से भी ले सकते हैं। लेकिन एक बात दिमाग में रखें की शरीर एक बार में ज़्यादा से ज़्यादा 500mg कैल्सियम ही ले सकता है। आपको कैल्सियम का समावेश करने के लिए विटामिन डी लेना ही पड़ेगा। इसलिए याद रखें की आप हर दिन विटामिन डी भी लें।

सप्लिमेंट वाला कैल्सियम दो रूप में आता है: कैल्सियम कार्बोनेट और कैल्सियम सिट्रेट। कैल्सियम कार्बोनेट आपको कैल्सियम की अधिकतम मात्रा प्रदान करता है पर आपको इसके शोषण के लिए ज़्यादा पेट के एसिड की ज़रूरत पड़ती है। इसलिए कैल्सियम कार्बोनेट सप्लिमेंट को खाने के साथ लेना ही अच्छा है। कैल्सियम सिट्रेट के लिए पेट के एसिड की ज़रूरत नहीं पड़ती है, इसलिए शरीर इसे आसानी से सोख लेता है। ये खाने के दौरान या जलन कम करने वाली दवाइयों को खाते हुए लिया जा सकता है।

इस बात का ध्यान रखें की आप कुछ ज़्यादा ही कैल्सियम ना लें। सभी स्त्रोत से कैल्सियम लेने की कुल मात्रा 2500mg से ज़्यादा नहीं बढ़नी चाहिए, अगर आप 18 साल से कम हैं तो 3000mg ले सकते हैं। प्रेगनेंसी में ज़्यादा ही कैल्सियम लेने से कब्ज़ हो सकता है, और पथरी भी हो सकती है। इसके साथ इसकी ज़्यादा मात्रा से शरीर की आइरन और ज़िंक सोखने की क्षमता कम होती है।