प्रेगनेंसी में ओमेगा-3 फिश ऑइल

Omega-3 Fish Oil And Pregnancy

प्रेगनेंसी में हमें किन पोषक तत्वों की ज़रूरत पड़ती है, इस विषय में विज्ञान आए दिन नई खोज कर रहा है। एक नए अध्यन में पता चला है की ओमेगा-3 फ़ैटि एसिड का बच्चे और माँ के विकास के कितना महत्वपूर्ण रोल है।

ओमेगा-3 मछली तेल: प्रेगनेंसी में इसके फायदे और खुराक

ओमेगा-3 पोलीअनसेच्युरेटेड एसिड परिवार का हिस्सा है, जो स्वास्थ और विकास के लिए काफी अहम है। बुरी बात ये है की आपको ये आसानी से नहीं मिलता, इसलिए आपको इसके लिए विशेष आहार लेना पड़ता है।

हालांकि एक मुख्य अमेरिकन डाइट में ओमेगा-3 काफी कम होता है। अध्यन के अनुसार ओमेगा-3 सबसे बड़े सहायक हैं EPA और DHA, अध्यन के अनुसार दोनों फ़ैटि एसिड का अपना अलग फायदा है।

EPA से प्रतिरोधक तंत्र और दिल अच्छा होता है। वहीं DHA से दिमाग, आँख और केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र बेहतर होती है, और ये दोनों ही गर्भवती महिलाओं के लिए अहम है।

ओमेगा-3 क्यों महत्वपूर्ण है?

हार्मोन्स जैसे घटक प्रोस्टेगलेंडिस के उत्पादन के लिए सही मात्रा में ओमेगा-3 लेने की ज़रूरत होती है। प्रोस्टेगलेंडिस से कई शारीरिक प्रक्रिया में मदद होती है, जैसे रक्त चाप, खून का थक्का, तंत्र संचार, किडनी की गतिविधि मुख्य है।

आहार में मौजूद फ़ैटि एसिड के प्रकार पर निर्भर करता है की कुछ निश्चित प्रकार के प्रोस्टेगलेंडिस अच्छी मात्रा में बनते हैं, वहीं दूसरों का उत्पादन होता ही नहीं। प्रोस्टेगलेंडिस के असंतुलन से आपको बीमारी हो सकती है। ओमेगा-3 से लाभकारी प्रोस्टेगलेंडिस का उत्पादन होता है, इसलिए वो काफी अहम हैं, इससे दिल की बीमारी से बचाव भी होता है।

ओमेगा-3 की अधिक मात्रा देने से मूड उतार-चढ़ाव की समस्या भी ठीक होती है। और अध्यन से पता चला है की ओमेगा-3 से कैंसर, आंत की समस्या और अन्य बीमारी का इलाज किया जा सकता है।