एक अच्छी डिलिवरी के लिए आपको प्रेगनेंसी में कितना वज़न बढ़ाना चाहिए? स्वस्थ तरीके से वज़न बढ़ाने के बारे में जानें

Pregnancy weight gain

एक बड़ी स्टडी के अनुसार 75% प्रेगनेंट महिलाएं का वज़न स्वस्थ तरीके से नहीं बढ़ता

एक अध्यन से पता चला है की 75% प्रेगनेंट महिलाएं सलाह के अनुसार स्वस्थ तरीके से वज़न नहीं बढ़ाती हैं। मोनाश यूनिवरसिटि के शोधकर्ता के नेतृत्व ने पुरानी शोध का अध्यन किया और इसमें उन्होने एशिया, अमेरिका और यूरोप से डाटा लिया, लेकिन इसकी अपनी लिमिट थी क्योंकि विकासशील देशों ने स्टडी पूरी नहीं की।

इस स्टडी में पता चला की प्रेगनेंसी में थोड़ा या हद से ज़्यादा वज़न बढ़ाने पर बच्चे के समय से पहले या सिजेरियन से होने का खतरा रहता है। साथ ही मोटापे और बढ़ती हुई गर्भावधि से बढ़े वज़न दोनों ही बढ़ रहे हैं। इस स्टडी में पता चला की 23% महिलाएं डॉक्टर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार वज़न नहीं बढ़ा पाती, और 50% से ज़्यादा कुछ ज़्यादा ही वज़न बढ़ा लेती हैं। ऐसा देखा गया की उचित वज़न से ज़्यादा वज़न केवल वेस्टर्न देशों की महिलाओं में ही मिला।

इस स्टडी के अनुसार 7% महिलाएं कम वज़न का शिकार थी, और कुछ महिलाएं मोटापे के साथ उस ही समय ज़्यादा वज़न वाली थी।

इस स्टडी से ये भी पता चला की जो महिलाएं ज़्यादा वज़न बढ़ाती हैं उन्हे बड़ा बच्चा होने की वजह से सिजेरियन से गुजरना पड़ता है। जिन महिलाओं का प्रेगनेंसी के समय वज़न कम होता है और जो सही वज़न नहीं बढ़ाती हैं उनके बच्चे के 8% चान्स कम वज़न होने के होते हैं, और 8% चान्स ही बच्चे के पहले पैदा होने के होते हैं।

प्रेगनेंसी में स्वस्थ तरीके से वज़न बढ़ाना

कम वज़न वाली महिलाओं को प्रेगनेंसी में 12.5-18kg वज़न बढ़ाना चाहिए

स्वस्थ वज़न वाली महिलाओं को 11.5-16kg वज़न बढ़ाना चाहिए

ज़्यादा वज़न वाली महिलाओं को 7-11kg वज़न बढ़ाना चाहिए

मोटी महिलाओं को 5-9kg वज़न बढ़ाना चाहिए

सलाह से ज़्यादा या कम वज़न बढ़ाने पर आपको खतरनाक प्रेगनेंसी या बच्चे के कम वज़न के पैदा होने का खतरा बढ़ सकता है।

एक स्वस्थ वज़न कैसे पाएँ

स्वस्थ वज़न प्राप्त करने का एक आदर्श रेट क्या है? यह हर व्यक्ति के हिसाब से अलग है। अपने डॉक्टर से पूछें की आपके लिए सबसे अच्छा प्लेन क्या है, वो आपके प्रेगनेंसी से पहले के वज़न और प्रेगनेंसी के साथ के वज़न को देखकर आपको सलाह देंगे। माँ बनने वाली महिलाओं को पहली तिमाही में स्वस्थ से तरीके कुछ पाउंड से वज़न बढ़ाने की सलाह दी जाती है, इसके बाद चौथे से आठवे महीने तक आपको औसत हर हफ्ते एक पाउंड वज़न बढ़ाने की सलाह दी जाती है।

आप सही वज़न पाने के लिए ये कर सकती हैं:

केलोरी घटाएँ: आपका लक्ष्य ना तो वज़न घटाना और नाही वज़न बढ्ने से रोकना है। आपका लक्ष्य बस इसे एक अच्छी दर पर रखना है। ऐसा करने के लिए पोषक तत्वों को इकट्ठा करना शुरू करें। पोषक तत्व से आपका पेट भरा रहता है और आपको जंक फूड के मुक़ाबले जल्दी भूख नहीं लगती। आप कम से कम केलोरी लेंगी साथ ही आप बच्चे को भी अच्छा भोजन देंगी।

कुछ चीज़ें बदलें: आपको जानकार काफी आश्चर्य होगा की कुछ बदलाव करने से आपकी प्रेगनेंसी डाइट अच्छी हो सकती है, और इससे स्वस्थ तरीके से आप बढ़ेंगी। आपको खुदको किसी चीज़ से वंचित नहीं रखना है, बस कुछ एडजस्टमेंट करने हैं। आप सेरियल को बिना मलाई वाले दूध के साथ लें, लो फैट दूध से बचें, क्योंकि इसमें भी काफी केलोरी होती हैं; आप ताज़ा या जमे हुए फलों को सूखे हुए फलों के मुक़ाबले ज़्यादा लें; बेक फ्राइस, फ्रेंच फ्राइस लेने से अच्छा है; सैन्विच में मियोनिस की जगह मस्टर्ड लें; आइस क्रीम की जगह जमी हुई योगर्ट लेना अच्छा है। महिलाओं को प्रोटीन वाली डाइट के लिए कार्बोहाइड्रेट का इस्तेमाल भी नहीं करना चाहिए। प्रतिबंधित डाइट आपके बच्चे के लिए अच्छी नहीं है क्योंकि उसको इस समय बैलेन्स डाइट(आहार) की ज़रूरत होती है।

अपने खाने को ढंग से देखें- ज़्यादा केलोरी चाहे वो कहीं से भी आएँ आपको ज़्यादा वज़न दे सकती हैं। तो अपने खाने का थोड़ा खयाल रखें। एक मीट का आहार कम्प्युटर के माउस के आकार से ज़्यादा बड़ा नहीं होना चाहिए। ऐसे खाने को चुनें जो आपके बच्चे को अच्छे पोषक तत्व देने के साथ-साथ आपका पेट भी भर दे, और उसमें ज़्यादा केलोरी ना हो।

वज़न कम करें- केलोरी के लिए सबसे ज़्यादा चिंता वाला स्त्रोत फैट यानी वसा है। एक स्वस्थ वज़न के लिए ऐसे खाने को कम खाएं जिसमें मोटापा कुछ ज़्यादा ही हो। ज़्यादा से ज़्यादा असंतृप्त वसा की दो मात्रा लें, लेकिन सब कुछ एक दम से ना काटें। किसी खास वज़ह से ही इन्हे ‘ज़रूरी वसा अम्ल’ कहते हैं।

शरीर को बिज़ि रखें- अगर आपको डॉक्टर की सलाह मिल गई है तो जिम, योगा या टहलने के लिए जाएँ। दिल की नियमित एक्सर्साइज़ से आपका वज़न सही रहता है और अन्य फायदे भी होते हैं।