प्रेगनेंसी में आपको कितना वज़न बढ़ाना चाहिए?

weight gain during pregnancy

आपको प्रेगनेंसी में कितना वज़न बढ़ाना चाहिए या आपके शरीर में ये कैसे बंटता है, इससे जुड़े सवालों के जवाब पाइए। ये भी जानिए जन्म देने के बाद आपको अपना वज़न कम होने से जुड़ी टेंशन भी नहीं लेनी चाहिए।

प्रेगनेंसी में आप जितना सोच सकती हैं उससे ज़्यादा वज़न बढ़ा सकती हैं, और आने वाले समय में आपका वज़न बढ़ेगा ही। फिर भी आपको ये जानना चाहिए की आपको इस समय कितना वज़न बढ़ाना चाहिए।

अगर आपने कुछ ज़्यादा ही वज़न बढ़ा लिया तो इससे आपको गर्भवस्था की डायब्टीस हो सकती है, या इससे आपको प्रसव या डिलिवरी से जुड़ी समस्या हो सकती है। ज़्यादा वज़न बढ़ाने से आपके पेट पर खिंचाव के निशान भी पड़ सकते हैं। कुछ महिलाएं ज़्यादा ही वज़न बढ़ा लेती हैं इससे उनको और उनके बच्चे दोनों को खतरा होता है।

काफी कम वज़न बढ़ाना भी सही नहीं है। पाँच में से एक महिला ऐसा करती है, और इससे आपका बच्चा समय से पूर्व या कम वज़न वाला पैदा हो सकता है। तो कुल मिलाकर आप अपना वज़न एक सही रफ्तार से बढ़ाएँ, जो आपके और आपके बच्चे के लिए अच्छा है।

वैसे प्रेगनेंसी में काफी कुछ करना होता है, और उसके साथ वज़न पर कंट्रोल रखना मुश्किल हो सकता है, लेकिन थोड़ी सी कोशिश से ये कंट्रोल में रह सकत है। और आपके डॉक्टर इससे जुड़ी बेहतरीन सलाह आपको दे सकते हैं।

अपने बीएमआई को समझना

आपने शायद काफी जगह सुना होगा की आपको प्रेगनेंसी में 25-35 पाउंड तक वज़न बढ़ाना है, लेकिन ये उन महिलाओं के लिए होता है जिनका बॉडी मास इंडेक्स नॉर्मल होता है। आपका बीएमआई आपकी लंबाई और वज़न से नापा जाता है। आपको कितना वज़न बढ़ाना है इस बात का पता चला है इस बात से की आपका बीएमआई क्या है।

कब कितना वज़न बढ़ना चाहिए

जैसे आप अपना बीएमआई निकालते हैं वैसे ही अपना वज़न कब कितना बढ़ाना उतना सीधा विज्ञान नहीं है। आपके वज़न की दर कई बात पर निर्भर करती है, जैसे आपका चयपचय, आप कितनी एक्टिविटी करते हैं और आपकी आनुवंशिकता- एक ऐसा कारण जिसकी वजह से आपको पूरी प्रेगनेंसी में अपने डॉक्टर से मिलना ही चाहिए। फिर भी इसके अलावा एसीओजी जो अमेरिका की एक बड़ी संस्था है वो आपको निम्न तरीके से वज़न बढ़ाने की सलाह देती है:

पहली तिमाही: इस समय आपका बच्चा काफी छोटा होता है, मतलब आपको ज़्यादा से ज़्यादा तीन से चार पाउंड वज़न बढ़ाने की ज़रूरत पड़ती है। हालांकि अगर आपको जी मिचलने की समस्या है तो आप वज़न बढ़ाने की जगह वज़न घटा भी सकती हैं। ऐसा होना भी काफी आम है, आप खोए हुए वज़न को बाद में दूसरी तिमाही में प्राप्त कर सकती हैं।

दूसरी तिमाही: यहाँ बच्चा थोड़ा बढ़ना शुरू होता है। और आपका वज़न यहाँ से बढ़ना चाहिए, काफी तेज़ी से, अब आपको इस तिमाही में कम से कम 14 पाउंड वज़न बढ़ाना है।

तीसरी तिमाही: इस तिमाही में आपका बच्चा काफी तेज़ी से बढ़ता है, लेकिन आपका वज़न ज़्यादा नहीं बढ़ेगा, आपका वज़न इस समय 10 पाउंड बढ़ेगा। कुछ महिलाएं देखती हैं की नौवे महीने में कुछ महिलाओं का वज़न ज़्यादा नहीं बढ़ता या बिलकुल नहीं बढ़ता।

आपका वज़न धीरे से ही बढ़ना चाहिए, क्योंकि आपके वज़न का मतलब है आपके बच्चे के वज़न पर असर पड़ना, सही प्रकार से वज़न बढ़ने से आपके बच्चे को सही प्रकार से पोषण मिलते हैं। आपको कितना वज़न किस तिमाही में बढ़ाना चाहिए ये आपके बीएमआई पर निभार करता है:

एसीओजी के अनुसार इतना वज़न बढ़ना चाहिए
प्रेगनेंसी से पहले का वज़न बॉडी मास इंडेक्स वज़न की रेंज, पाउंड में दूसरी और तीसरी तिमाही में इतना वज़न बढ़ाने की सलाह दी जाती है
कम वज़न 18.5 से कम 28–40 1 (1-1.3)
आम वज़न 18.5–24.9 25–35 1 (0.8-1)
ज़्यादा वज़न 25–29.9 15–25 0.6 (0.5-0.7)
मोटीपे 30 या ज़्यादा 11–20 0.5 (0.4-0.6)

अगर आपके पेट में जुड़वा बच्चे या उससे ज़्यादा हैं तो आपको ज़्यादा बच्चों के लिए खाना है। यदि आपके पेट में जुड़वा हैं तो आपको पूरी प्रेगनेंसी में 37 से 54 पाउंड वज़न बढ़ाना है। अधिक वज़न वाली महिलाओं को 31 से 50 पाउंड वज़न बढ़ाना है और मोटापे की शिकार महिलाओं को 25 से 42 पाउंड वज़न बढ़ाना है।

जो आपका बताया गया है आप उसे कैसे और कितना फॉलो कर सकती हैं? अगर सच कहें तो सच्चाई में ऐसा आप शायद ही कर पाएँ। कभी कभी आपको कुछ खाने का मन नहीं करेगा, वहीं कभी कभी आपको इतनी भूख लगेगी की आप कुछ कंट्रोल नहीं कर पाएंगी। आपको इन किसी भी चीज़ को लेकर ज़्यादा चिंता नहीं करनी है। अगर आप अच्छा वज़न या स्वस्थ वज़न बढ़ा लेती हैं तो आपको ज़्यादा चिंता नहीं करनी चाहिए।

वज़न कहाँ लगता है?

क्या आपने भी सोचा है की ये वज़न कैसे बांटा जाता है? आपको लग सकता है की सारा वज़न आपके पेट में ही जा रहा है पर ऐसा नहीं होता। अगर आपका वज़न 30 पाउंड बढ़ गया है तो उसका बंटवारा ऐसे होता है:

बच्चा: 7.5 पाउंड

गर्भनाल डेढ़ पाउंड

एम्निओटिक द्रव 2 पाउंड

गर्भाशय का बढ़ना कम से कम 2 पाउंड

स्तन का बढ़ना 2 पाउंड

खून का घनत्व बढ़ना 4 पाउंड

मातृत्व ऊतक में द्रव 4 पाउंड

चर्बी, 7 पाउंड

आपका वज़न हर जगह बढ़ना चाहिए, और इसी वजह से आपकी प्रेगनेंसी स्वस्थ रह सकती है और ऐसा करके ही आप बच्चे को पैदा करने के बाद भी तैयार रहती हैं।

अपना वज़न नापना

सबसे अच्छा तरीका है की आप अपने वज़न को बार-बार तोलती रहें, ऐसा करने से आपको पता चलेगा की सब ठीक है:

वज़न जिस भी दिन में पर समय आपका वही होना चाहिए

आपको हर बार वही कपड़े पहनने हैं या कोई कपड़े नहीं पहनने हैं

आपको तराज़ू नहीं बदलना है

आपको हफ्ते में एक बार वज़न लेना है, अगर आपको बार-बार वज़न लेना सही नहीं लगता तो महीने में दो बार आपको वज़न लेना चाहिए

आप महीने में अपने डॉक्टर से एक बार मिलती हैं, और इस समय के लिए अपना वज़न देखने का इंतज़ार करना सही है, पर आपको ये भी दिमाग में रखना है की एक महीने में काफी कुछ हो सकता है, इसलिए आपको महीने में दो बार वज़न देख ही लेना चाहिए।

कितनी कैलरी लेनी हैं?

आपकी प्रेगनेंसी तभी स्वस्थ रह सकती है जब आपका आहार काफी संतुलित होगा। इसका मलतब है कड़ी मेहनत, कुछ लोग कहते हैं की आपको दो के लिए खाना है, लेकिन इस बात में कोई सच्चाई नहीं है, या कह सकते हैं है की ये थोड़ा बढ़ा-चढ़ा के बोली गई बात है। आपको शायद पहली तिमाही में ज़्यादा कैलरी की ज़रूरत पड़े ही नहीं। दूसरी तिमाही में आपको आम से 300 कैलरी ज़्यादा लेनी हैं, और आपकी आखरी तिमाही में आपको 500 कैलरी अधिक लेनी है वो भी प्रति दिन। एक नियम ये है की ज़्यादा खाने से अच्छा है की आप पोषण वाला भोजन खाएं, इससे आपको एनर्जी मिलती है, इससे आपकी जी मिचलने की समस्या भी नियंत्रण में रहती है। ऐसा करने से आपके बच्चे का विकास भी अच्छा होता है, और उसके सभी अहम अंग सही तरीके से बनते हैं।

आपको ये बात भी दिमाग में रखनी है की इस समय आपका चयपचय काफी तेज़ी से काम करता है, काफी शारीरिक क्रिया होने की वजह से आपको शायद पहले की तरह वज़न बढ़ता हुआ नहीं दिखे, इसलिए आपको ज़्यादा कैलरी लेनी पड़ सकती है। अगर आपका वज़न ज़्यादा या आप मोटापे की शिकार हैं तो आपको ज़्यादा कैलरी की ज़रूरत शायद ना पड़े। कोई भी कैलरी आहार शुरू करने से पहले आपको हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

वज़न से जुड़ी खतरे की घंटी

अगर आप दूसरी तिमाही के किसी भी हफ्ते में तीन पाउंड से ज़्यादा वज़न बढ़ाती हैं तो और आपका वज़न तीसरी तिमाही के किसी भी हफ्ते में दो पाउंड से ज़्यादा बढ़ता है तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए, क्योंकि ये प्रीक्लेम्सिया के लक्षण हो सकते हैं। अगर आपका चौथे से आठवे हफ्ते के बीच किसी भी लगातार दो हफ्ते में वज़न नहीं बढ़ता तो आपको इस कारण भी अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए।

क्या वज़न कभी कम भी होगा?

कई महिलाओं को लगता है की प्रेगनेंसी में जो वज़न उनका बढ़ता है वो बच्चे के पैदा होने के बाद भी कम नहीं होगा, लेकिन आपको इस बारे में ज़्यादा चिंता नहीं करनी है। आप कई अच्छे तरीकों से प्रेगनेंसी में अपने वज़न का कम कर सकती हैं।

आप अपने वज़न कम करने की क्लास में कई महिलाओं से मिल सकती हैं जहां आपको कई बातें सीखने को मिलेंगी। कई जिम में 3 महीने के बच्चों के लिए भी देखभाल गृह होते हैं, आप यहाँ अपने बच्चे को ला सकती हैं और अपने एंडोर्फिंस को बढ़ा सकती हैं। कई महिलाएं ये देखकर भी चौंक जाती हैं की केवल बच्चे को दूध पिलाने से ही उनका काफी वज़न कम हो जाता है, जो महिलाएं कुछ महीनों के लिए अपने बच्चों को दूध पिलाती हैं उनका वज़न उन महिलाओं से तेज़ी से कम होता है जो बिलकुल भी दूध नहीं पिलाती हैं। अगर आपने प्रेगनेंसी में अपना वज़न सही प्रकार से बढ़ाया है तो आपको बच्चे के पैदा होने के बाद अपना वज़न कम करने में ज़्यादा दिक्कत नहीं आती।

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