क्या आप प्रेगनेंसी में आम खा सकती हैं?

mangoes during pregnancy

 

हाँ यह आम का सीज़न है। गर्मियों की प्रेगनेंसी में आप आम खाए बिना रहें इस बात की संभावना काफी कम है। क्या आपको प्रेगनेंसी में आम नहीं खाने चाहिए, या इस दौरान आम खाए जा सकते हैं? चलिए इस बारे में पढ़ते हैं:

आम के फायदे

  • आम विटामिन ए के अच्छे स्त्रोत होते हैं।
  • इनमें प्री-बायोटिक फाइबर भरपूर होते हैं
  • इसमें फ्लेवोनोइड्स(रसायन) जैसे एल्फा कैरटिन, बीटा क्रिप्टोज़ेनटिन और बीटा कैरोटीन होता है।
  • आम में बड़ी मात्रा में विटामिन सी होता है जो बहुत अच्छा ऑक्सिकरणरोधी होता है।
  • इनमें फोलेट, कॉपर, और पॉटेश्यम भी होता है।

प्रेगनेंसी में आम से कैसे मदद मिलती है?

आम में भरपूर मात्रा में मिनरल और विटामिन होते हैं। चलिए इस बात पर नज़र डालते हैं की प्रेगनेंसी के दौरान आम कैसे फायदेमंद हो सकते हैं:

विटामिन ए

आम विटामिन ए का अच्छा स्त्रोत होता है।

  • विटामिन ए से देखने की शक्ति अच्छी होती है
  • इससे प्रतिरक्षा तंत्र अच्छा होता है।
  • प्रेगनेंसी में भ्रूण के विकास में मदद होती है।
  • यह बलगम झिल्ली और त्वचा को अच्छा बनाए रखता है।
  • आम में मौजूद कैरोटीन से कई बीमारी दूर रहती हैं।
  • इससे दिल, फेफड़ों, गुर्दों, हड्डियों, और आँखों का विकास होता है।
  • इससे शरीर के कई तंत्र तैयार होते हैं जैसे श्वशन तंत्र, केन्द्रीय स्नाऊतंत्र और हृदय तंत्र

फाइबर

आम में मौजूद फाइबर आपको लंबे समय के लिए भरपूर रखता है।

  • इससे पाचन तंत्र अच्छा रहता है।
  • प्रेगनेंसी की पहली तिमाही में महिलाओं को कब्ज़ की समस्या होती है। फाइबर से भरे हुए फल जैसे आम खाने से कब्ज़ से दूर रहा जा सकता है।
  • इससे ब्लड प्रैशर नॉर्मल तक करने में मदद मिलती है।

विटामिन सी

विटामिन सी काफी शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट(ऑक्सीकरणरोधी) है।

  • इससे प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत होता है।
  • विटामिन सी से ज्ञान-संबंधी और तंत्रिका संबंधी फंक्शन ढंग से काम करते हैं।
  • इससे मज्जा के बनने और घाव को भरने में मदद मिलती है।
  • इससे ऑक्सिजन फ्री कण साफ होते हैं जो शरीर खतरनाक बीमारी जैसे कैंसर से सुरक्षित रखती है।
  • विटामिन सी से माँ और बच्चे के मसूड़े और दांत स्वस्थ रहते हैं।
  • इससे लौह पदार्थ को लेने में मदद मिलती है, जिसकी माँ को काफी मात्रा में प्रेगनेंसी संबंधी खून की कमी से उभरने में ज़रूरत होती है।
  • ऊतक को सही बनाने में विटामिन सी काफी अच्छी भूमिका निभाता है, इसके अलावा हड्डी के विकास और अच्छी त्वचा को बनाने में यह मददगार है।

पॉटेश्यम

इससे हृदय की गति नियंत्रण में रहती है और ब्लड प्रैशर भी सही रहता है।

  • प्रेगनेंसी में जैसे ही आपका खून गाढ़ा होना शुरू होता है वैसे ही आपके शरीर को अतिरिक्त मिनरल की ज़रूरत होती है।
  • पॉटेश्यम से द्रव और एलेक्ट्रोलाइट बैलेन्स के बीच संतुलन बना रहता है।
  • यह नसों को संवेग भेजता है और इससे मासपेशियों की जकड़न भी बनी रहती है।
  • यह प्रेगनेंसी में आए मरोड़ों को सही करने में भी मदद करता है।

विटामिन बी6

विटामिन बी6 से ज्ञान-संबधि विकास काफी अच्छे से होता है और यह साधारण तंत्रिका को भी अच्छे से संभालता है।

  • यह प्रतिरक्षा क्रिया को संभालने में मदद करता है।
  • कई अध्यन के अनुसार विटामिन बी6 से सुबह के जी मिचलने की समस्या भी ठीक होती है, जो की प्रेगनेंसी में काफी आम समस्या है।
  • इससे लाल कोशिकाओं के बनने में भी मदद मिलती है और तंत्रिकासंचारण को बनाने में ये अहम है। इससे आपके बच्चे के दिमाग के विकास होता है और तंत्रिका तंत्र भी बनता है।

कॉपर

कॉपर रक्त-कोशिका को बनाने वाला एक अहम पोषक तत्व है।

  • इससे कई हम अंग जैसे दिल, रक्त-वाहिकाएँ और खोपड़ी बनने में मदद मिलती है।
  • यह माँ बनने जा रही महिलाओं की हड्डी के स्वास्थ का खयाल रखती हैं।

फोलेट

फोलेट प्रेगनेंसी में काफी अहम भूमिका निभाता है और शायद आपके डॉक्टर ने आपको फोलेट सप्लिमेंट देने शुरू भी कर दिए होंगे।

  • फोलेट की कमी से बच्चे के दिमाग और रीड़ की हड्डी में कमी हो सकती है।
  • फोलेट लाल रक्त कोशिका और डीएनए बनाने में मदद करता है।
  • यह दिल के सिस्टम के सही तरीके से क्रियान्वन में अहम है।

सारांश

कच्चे और पक्के दोनों आम प्रेगनेंसी में खाए जा सकते हैं। पके हुए फलों में प्रकर्तिक शुगर होता है, यह उच्च कैलोरी मीठे का अच्छा विकल्प हो सकता है। पका हुआ आम भूख बढ़ाता है, पाचन शक्ति को सही रखता है, और त्वचा के लिए अच्छा होता है।

प्रेगनेंसी एक नाज़ुक और अहम समय होता है, इसलिए कोई खाने की आदत बनाने से पहले हम आपको सलाह देंगे की आप अपने डॉक्टर से मिलें।