मछली में मर्करी(पारे) का स्तर

Fish during pregnancy

पहले कई बार इसको लेकर विवाद हुआ है, लेकिन FDA अब इस बात की सलाह देता है की जो भी महिला प्रेगनेंट हैं, या बच्चे को दूध पिला रही हैं, उन्हे अधिक से अधिक मात्रा में मछली खानी चाहिए। मछली में काफी अहम पोषक पदार्थ होते हैं, जैसे ओमेगा-3 वसा एसिड, प्रोटीन, विटामिन, और आइरन जैसा खनिज भी इसमें होता है। ये पोषक पदार्थ एक गर्भवती महिला के लिए काफी अहम होता है, क्योंकि ये सब बढ़ते हुए बच्चे के लिए काफी ज़रूरी पोषक पदार्थ हैं।

मुझे कितनी मछली खानी चाहिए?

कई अमेरिकी लोग प्रचुर मात्रा में मछली नहीं खाते। हालांकि FDA सलाह देता है की सबको हफ्ते में 8-12 आउंस मछली खानी चाहिए, जिनमें कम मर्करी होता है। आपको वो मछली खानी चाहिए जिनमें मर्करी कम होता है, जैसे सैल्मन, तिलेपिया, शृम्प, टुना, कॉड और कैटफिश शामिल है। आपको सफ़ेद टुना को एक हफ्ते में 6 आउंस से ज़्यादा नहीं लेना चाहिए।

मुझे कौन सी मछली नहीं खानी चाहिए?

मर्करी एक ऐसा तत्व है जो समंदर, झील और झरनों में मिल सकता है। इन सभी जगह मर्करी मेथिलमर्करी में बदल जाता है, एक न्यूरोटॉक्सिक जो ज़्यादातर सभी मछली में कम मात्रा में पाया जाता है। अगर मेथिलमर्करी को अधिक मात्रा में लिया गया तो ये तंत्रिका तंत्र के लिए जहरीला हो सकता है। अधिक मर्करी होने की वजह से चार प्रकार की मछली को एक प्रेगनेंट महिला को नहीं लेना चाहिए।

मेक्सिको की टाइलफिश, स्वोर्डफिश, शार्क और किंग मैकेरेल इसमें शामिल हैं।

इसके साथ अगर आप लोकल झील या नदी की मछली खाते हैं तो आप पता करके खाएं की इस पानी में कौन सी मछली हैं। आपको ये जानकारी अपने लोकल मतस्य नियामक की वैबसाइट पर मिल जाएगी। अगर आपको जानकारी नहीं मिलती तो आपको यहाँ की मछली हफ्ते में बस 6 आउंस ही लेनी चाहिए।

इस बात की सलाह भी दी जाती है की प्रेगनेंट महिलाओं और दूध पिलाने वाली महिलाओं को कच्ची मछली नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इससे आपको फूड पोइजनिंग हो सकती है। प्रेगनेंसी में आपको कुछ भी काफी ध्यान से खाना चाहिए।

अगर मैंने अधिक मर्करी युक्त मछली खाई तो?

ऐसा होने मुश्किल है की एक मछली खाने से आपको कोई नुकसान होगा। हालांकि प्रेगनेंसी में ऐसी मछली ना खाई जाए तो अच्छा है।