डॉक्टर डेस्क: प्रेगनेंसी में डॉक्टर से मिलने का सही समय क्या होता है?

visit your doctor during pregnancy

इस पोस्ट में बताया गया है की आपको अपनी प्रेगनेंसी में डॉक्टर से कब मिलना चाहिए। अगर आप गर्भ धारण करने से पहले अपने डॉक्टर से नहीं मिली हैं तो जब आपको अपनी प्रेगनेंसी का पता चले उस समय आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।

प्रेगनेंसी कोई बीमारी नहीं है! प्रेगनेंसी में डॉक्टर से क्यों मिलना? खैर हम आपको बताना चाहेंगे की यह एक ऐसी मानसिक स्थिति है जिसमें आपको अपना विशेष खयाल रखने की ज़रूरत होती है। माँ और होने वाला बच्चा ठीक है इस बात को सुनिश्चित करने के लिए आपको डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है। इसकी वजह से समय पड़ने पर आपको सही कदम उठाने में मदद मिलती है। कुछ लोग डॉक्टर से प्रेगनेंसी में थोड़ी देरी से मिलते हैं जिससे शुरुआती प्रेगनेंसी में कई दिक्कत आ सकती हैं।

ऑर्गनाइज्ड प्रीनेटल केयर(जिसमें माँ बनने वाली महिलाओं का खयाल रखा जाता था) को 1901 में सामाजिक कार्यकर्ता और नर्सों के प्रयास से अमेरिका में लाया गया। बोस्टन के हॉस्पिटल में जिन महिलाओं का नाम होता था उनका खयाल नर्स उनके घर जाकर रखती थी, यह बाद में इतना सफल हुआ की आउटपेशेंट पेरेंटल क्लीनिक को 1911 में बनाया गया। 1954 में निकोलस जे ईस्टमन ने ऑर्गनाइज्ड प्रीनेटल केयर को माँ की जान बचाने वाला सबसे बड़े फ़ैक्टर होने का श्रेय दिया।

उस समय से हम काफी आगे आ गए हैं और अब बच्चों की जान भी पहले से ज़्यादा बचाई जाती है, वहीं माँ का खयाल भी अच्छे से रख जा सकता है। इस गाइड को फॉलो करके जानें की प्रेगनेंसी में आपको डॉक्टर से कब मिलना चाहिए:

शैड्यूल विजिट

प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में 3 से 4 हफ्तों के अंतराल पर आपको डॉक्टर से मिलना होता है। प्रेगनेंसी बढ़ने के साथ डॉक्टर से मिलने का सिलसिला भी बढ़ता है। हर एक विजिट का अलग मकसद होता है। हम इस दौरान आपके शरीर के लक्षणों, जांच और आपके विचारों पर बाते करते हैं, आपकी मेडिकल स्थिति देखने के लिए हम आपको कुछ टेस्ट भी लिखते हैं।

अगर आप अपने डॉक्टर से नियमित रूप से मिली हैं तो ये काफी अच्छा होता है, क्योंकि आप अपनी प्रेगनेंसी से जुड़ी कई बातें आराम से रख पाती हैं, और इनका जवाब भी डीटेल में मिलता है। डॉक्टर कुछ छोटी चीजों का भी खयाल रखता है जैसे आपकी सेहत, एटिट्यूड, परिवार का सपोर्ट और इत्यादि। इससे आपसी समझ और भरोसे की वजह से आने वाले समय में एक मजबूत रिश्ता बन जाता है। आपके बच्चे का जन्म लेना काफी बड़ी घटना है और इस बड़ी ज़िम्मेदारी को आप उसी इंसान को देना चाहेंगे जिस पर आपको भरोसा हो की वो सही व्यक्ति है।

डॉक्टर हर एक विजिट के लिए कुछ अलग प्लेन करके रखता है, यह अलग-अलग केस में अलग स्थिति होती है पर आमतौर पर शुरुआती 6 महीने में 3-4 हफ्तों में मिलना होता है, फिर सातवे महीने से 2 हफ्तों में, और प्रेगनेंसी से पहले के चार हफ्तों में हफ्ते में एक बार मिलना होता है। अपने डॉक्टर के बताए प्लेन पर ही चलें, यह काफी आसान और सुरक्षित है, और इस बात की संभावना काफी कम है की कुछ ज़रूरी मिस होगा।

जब भी आपको थोड़ा अजीब लग रहा हो उस समय के लिए कुछ खास विजिट ली जा सकती हैं

अगर एक खांसी या जुकाम कुछ दिनों में नहीं जाए तो आपको डॉक्टर को फोन करने से अच्छा उससे मिलना चाहिए। प्रेगनेंसी में इन्फ़ैकशन काफी खतरनाक हो जाता है। अगर डॉक्टर द्वारा बताए गए दर्द से अलग पेट में कुछ अजीब से दर्द हो तो आपको अपने डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए।

कुछ और लक्षण इसमें जोड़े जा सकते हैं:

  • एक पाँव का सूजना या दोनों पाँव का बुरी तरह सूजना
  • सांस लेने में दिक्कत
  • अगर इन्फ़ैकशन का शक हो, जैसे गले में दर्द, यूरिन में खून निकलना, बुखार, पस से भरी सूजन
  • कुछ ज़्यादा ही उल्टी होना
  • पेट में खाना ना रख पाना
  • योनी से खून निकलना या ज़्यादा द्रव निकलना
  • बच्चे का कम हिलना
  • और कोई ऐसे लक्षण जो आपको अजीब लगें

किसी भी शंका में अपने डॉक्टर से मिलने में संकोच मत कीजिए। किसी भी संदेह को दूर करने के लिए अपने डॉक्टर से मिलना ही एक अच्छा विकल्प होता है।