प्रेगनेंसी में योगा-मेडिटेशन(ध्यान)

प्रेगनेंसी योगा के 4 हिस्से:

  • आसन
  • प्राणायाम
  • मेडिटेशन
  • रिलेक्सेशन

चलिए मेडिटेशन यानि ध्यान की बात करते हैं।

मेडिटेशन क्या है?

मेडिटेशन में आपके दिमाग को गहन विश्राम करने की ट्रेनिंग दी जाती है। इसे रिलेक्स करने और अंदुरिणी ऊर्जा को बढ़ाने के लिए किया जाता है। इससे आपको सोने से ज़्यादा आराम मिलता है। मेडिटेशन तब होता है जब आपका दिमाग पूरी तरह शांत हो जाता है।

इसमें लक्ष्य होता है आपके शरीर और दिमाग में संतुलन बनाना। मेडिटेशन यानि ध्यान में आप शरीर के कई हिस्सों पर फोकस करते हैं। इससे आपको शरीर में हो रहे बदलाव पर ध्यान देने में मदद मिलती है। इससे आपका मानसिक फोकस भी बढ़ता है। डिलिवरी और प्रसव के समय ये दोनों बातें आपके लिए काफी ज़रूरी है।

मेडिटेशन कैसे रिलेक्सेशन से अलग है?

मेडिटेशन में आपको ध्यान लगाना पड़ता है। इसलिए ये रिलेक्सेशन और योग निंद्रा से अलग है।

प्रेगनेंसी में मेडिटेशन किया जा सकता है?

हाँ, किया जा सकता है। प्रेगनेंसी की किसी भी अवस्था में मेडिटेशन किया जा सकता है। हालांकि जब आप अपने आखरी हफ्तों में हों तो योगा की कुछ मुद्रा आपके लिए असहज हो सकती हैं। ऐसा आपके बढ़ते हुए पेट की वजह से होता है। अपने योगा एक्सपर्ट की सलाह हमेशा लें।

मेडिटेशन के क्या फायदे हैं?

  • इससे फोकस बढ़ता है
  • ये आपको अंदर की भावनाओं से जोड़ता है
  • इससे आपकी जागरूकता बढ़ती है
  • मूड बदलने जैसी चीजों में मदद होती है
  • आप शांत और रिलेक्स होती हैं
  • शरीर से जुड़ाव लगता है
  • ध्यान भी अच्छा होता है
  • खुदकी अच्छी समझ होती है

मेडिटेशन करने के तरीके

  • अपने घर में एक आरामदायक और शांत जगह चुनें। आप इसे ऑफिस में कुर्सी के ऊपर भी कर सकते हैं।
  • ध्यान दें की कमरे में हवा सही से पास हो रही हो।
  • अपने एक्सपर्ट की सलाह हमेशा मानें। शुरुआत करनी है तो ग्रुप के साथ शुरुआत करें।
  • शुरुआत में 10-15 मिनट से शुरू करें। इसे ज़्यादा ना करें।
  • अपने फोन को साइलेंट पर रखें!
  • आरामदायक कपड़े पहनें।
  • इस समय पेट कम ही भरा होना चाहिए
  • ध्यान रखें की इस दौरान आपके चेहरे पर मुस्कान हो। अपने अनुभव को एंजॉय करें।