इन 5 आसान योगा को आप प्रेगनेंसी में कर सकती हैं

प्रेगनेंसी में योगा आपके शरीर के लिए काफी अच्छा है। इससे आप स्ट्रॉंग, रिलेक्स और शांत होती हैं। चलिए बात करते हैं 5 आसान योगा की जिन्हे आप घर में प्रेगनेंसी के समय कर सकती हैं।

1.बटरफ्लाय स्ट्रेच

Butterfly stretch

एक नॉर्मल डिलिवरी के लिए ये काफी अहम एक्सर्साइज़ है। इसे करने के लिए हमको अपने पाँव बटरफ्लाय अवस्था में करने होते हैं। इसमें कोई गतिविधि नहीं होती है।

1)दोनों पाँव के पंजे जोड़ते हुए नीचे बैठ जाइए।

2)जितना हो सके अपने पाँव को पेट के करीब लाएँ, इस समय आपको दोनों पाँव हाथ से पकड़ने हैं।

3)इसी अवस्था में रहें और अपने घुटने को ज़मीन के काफी पास लाएँ।

4)इस अवस्था में 5 सेकंड तक रहें, इससे आप श्रोणि में खिंचाव महसूस करेंगी।

5)घुटनों को ऊपर करके इस तनाव को छोड़ें और फिर उन्हे नीचे लाएँ। ऐसा 10 बार करें।

2.केगल एक्सर्साइज़

Kegel exercises

सबसे पहले तो ये जानें की पेल्विक फ्लोर है कहाँ। इसे जानने के लिए आपको पेशाब करते हुए एक दम से रोक देनी चाहिए। इसे ज़्यादा ना करें, ऐसा करने से आपकी थैली को नुकसान हो सकता है।

यह एक्सर्साइज़ किसी भी अवस्था में की जा सकती है, यह दिन में किसी भी समय, यहाँ तक की खाली या भरे पेट भी की जा सकती है।

  • अपनी कोख को ऐसे सिकोड़ें जैसे आप पेशाब को लीक होने से रोक रही हों या आप गैस निकलने से रोक रही हों।
  • 3 सेकंड के लिए सिकोड़ें और 3 सेकंड के लिए ही रिलेक्स करें। सिकोड़ना और रिलेक्स करना एक बराबर ही होना चाहिए।
  • एक बार में 5-6 बार करें और दिन में 10-15 बार की जा सकती हैं।

पेवलिक फ्लोर मसल यानी कोख की मासपेशियों को बाकी मसल से अलग करने के लिए हमें छोटे से टेस्ट की ज़रूरत होती है। जब भी आप अगली बार पेशाब करने जाएँ तो रोक-रोक कर पेशाब करने की कोशिश करें। इस समय ध्यान दें की किन मसल की वजह से आप पेशाब रोकती हैं। ये मसल ही आपकी पेलविक फ्लोर मसल हैं। इसे ज़्यादा ना करें क्योंकि डॉक्टर ज़्यादा देर तक या ज़्यादा बार पेशाब नहीं रोकने की सलाह देते हैं।

3.कैट एंड कैमल

Cat and camel

इससे पीठ का दर्द और श्रोणि का दर्द कम होता है। इसे करने के तरीके:

1)अपने हाथों और घुटनो के बल लेटें, जैसे बिल्ली या ऊंट बैठता है।

2)अपने हाथों को कंधों के नीचे रखें और इस समय कोहनी सीधी होनी चाहिए और घुटनों को कूल्हों के नीचे होना चाहिए, पाँव और कंधों में अच्छी दूर होनी चाहिए।

3)जैसे ही आप ये चारों कर लें, अपनी रीड़ की हड्डी को आराम दें। फिर अपनी गर्दन को ऊपर और रीड़ की हड्डी को नीचे करें, जैसे बिल्ली करती है। फिर अपनी रीड़ की हड्डी को ऊपर करें और ऊंट जैसा कूबड़ बनाएँ।

4)ऐसा 10 बार करें, और सांस आराम से लें।

4.वृक्षासन

Tree Pose

1)ताड़ासन में सीधी खड़ी हों, और उंगली को आपस में बांध लें

2)अपनी हथेली को बाहर और हाथ को ऊपर सर के ले जाएँ, इस समय हथेली को छत की तरफ होना चाहिए। अपने सर और गर्दन को खिंचा हुआ रखें।

3)ऐसा 10-15 सेकंड तक करें और सांस भी आराम से लेती रहें, व फिर हाथों को आराम से नीचे करें। ऐसा 7-10 बार करें।

5.बैठे हुए एक तरफ खिंचाव

Seated side stretch

इसको वज्रासन की अवस्था में ही करते हैं। हालांकि पाँव फैलाकर भी इसे कर सकते हैं

1)अपने दोनों हाथों को जोड़ें और उन्हे ऊपर की तरफ लें

2)रीड़ की हड्डी के खिंचाव के लिए इन्हे ऊपर करें

3)उठे हुए हाथों को अपनी बाईं तरफ ले जाएँ जैसे आपको ज़मीन टच करनी हो, फिर इसे सीधी तरफ ले जाएँ। इसे 2-3 सेकंड लंबा करें और फिर आराम की स्थिति में आएँ।

4)ऐसा 5 बार करें।