प्रेगनेंसी में दौड़ने के फायदे और नुकसान

Running during pregnancy

दौड़ने से आपका शरीर और दिल स्वस्थ रहता है। जब आप थक जाते हैं उस समय इसी आदत की वजह से आप शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त महसूस करते हैं। सबसे अच्छी बात है की आप कहीं भी दौड़ सकते हैं, और यह आपकी दिनचर्या का हिस्सा भी आसानी से बन जाता है। लेकिन प्रेगनेंसी में क्या आप दौड़ना चालू रख सकते हैं?

प्रेगनेंसी के समय दौड़ना क्या सुरक्षित है?

अगर आप स्वस्थ हैं और आपकी प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत नहीं है तो जवाब है हाँ, आप दौड़ सकते हैं, हालांकि अगर आपको प्रेगनेंसी में कोई समस्या या स्वास्थ की कोई भी परेशानी है तो दौड़ना सही नहीं माना जाता है। गर्भावस्था में कोई व्ययाम दिनचर्या बनाने या दौड़ने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

अगर आपका डॉक्टर आपको दौड़ने की सलाह देता है, तो उस समय भी आप अपने शरीर की सुनें-अपने शरीर को ज़्यादा तनाव ना दें। हर कुछ लिमिट से ही करें। प्रेगनेंट होने से पहले जो महिलाएं दौड़ती थी, वो प्रेगनेंसी के दौरान भी अपनी आदत को अपनी सुविधा के अनुसार जारी रख सकती हैं।

लेकिन अगर आपने कुछ ही दिनों पहले भागना शुरू किया है तो आराम से शुरुआत करें: पहले अपने शरीर को 5-10 मिनट के लिए तैयार करें, उसके बाद आराम से टहलें, फिर इससे थोड़ा तेज़ 5 मिनट के लिए दौड़ें। इसके बाद 5-10 मिनट तक थोड़ा आराम करें।

अगर आपके जोड़ में दर्द नहीं और आप और दौड़ने को तैयार हैं तो आप अपनी गति बढ़ा सकती हैं, या हफ्तों के हिसाब से अपनी दूरी को बढ़ा सकती हैं। प्रेगनेंट महिलाओं को सलाह दी जाती है की वो दिन या हफ्ते के ज़्यादातर दिनों में 20-30 मिनट तक एक्सर्साइज़ करें।

पहली तिमाही में दौड़ने के बारे में सलाह

शांत रहें: आराम दायक कपड़ें पहनें, जिससे आपको सांस लेने में आसानी हो।

पानी पीते रहें: दौड़ने से पहले, दौड़ने के दौरान और बाद में काफी पानी पीना चाहिए। आप दौड़ने के बाद और पहले अपना वज़न करके पता लगा सकती हैं की आपमें पानी की कमी है या नहीं। अगर आपका वज़न घटा है तो इसका कारण आपके शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसा होने पर प्रयाप्त पानी पीना चाहिए, ताकि आपका पुराना वज़न वापिस आ जाए। आपमें पानी की कमी है या नहीं इसको देखने का एक और तरीका है और वो है अपना यूरिन चेक करना। इसे हल्का पीला या साफ होना चाहिए। अगर यह गाढ़ा पीला है तो आपको पानी पीने की आवयशकता है।

टिप: सादा पानी सबसे अच्छा होता है, लेकिन अगर आप स्पोर्ट्स ड्रिंक का इस्तेमाल कर रही हैं तो इसमें शुगर की मात्रा कम करने के लिए पानी मिलाएँ- स्पोर्ट्स ड्रिंक के एक हिस्से में पानी के दो हिस्से।

त्वचा की सुरक्षा: मेलेस्मा(गर्भावस्था में होने वाली त्वचा की समस्या) से बचने के लिए एक मुंह वाली टोपी पहनिए। 30 SPF वाले सनब्लॉक का इस्तेमाल करें, या धूप के हिसाब से ज़्यादा SPF का प्रयोग करें।

अच्छे जूते पहनें: आपके जूतों की वजह से आपके पैर को अच्छा सपोर्ट मिलना चाहिए, खासकर एड़ियों के पास। ऐसे जूतों को खरीदें जिनमें शॉक को सहने की क्षमता हो और वो पहनने में काफी लचीले हों। प्रेगनेंसी में आपके जूते का नंबर बढ़ सकता है, इसलिए ज़रूरी है की आप सही नंबर का जूता लाएँ।

स्पोर्ट्स ब्रा पहनें: एक ऐसी स्पोर्ट्स ब्रा को खरीदें जो आपके स्तन को सहारा दे सके और आपके बढ़ते स्तन के साथ बढ़ सके।

दूसरी तिमाही में भागने के बारे में सलाह

अपने रास्ते का चुनाव करें- कुछ प्रेगनेंट महिलाएं सीधा भागना पसंद करती हैं क्योंकि सीधे भागने और बिना कहीं मुड़ने से जोड़ों पर कम असर पड़ता है। आप कैसा भी रास्ता चुनें लेकिन इस बात को सुनिश्चित करें की वो एरिया सेफ हो, यह इतना दूर ना हो की एमर्जन्सि के समय आप फंस ही जाएँ। साथ फोन रखना भी सबसे ज़रूरी होता है।

संतुलन का खयाल रखें: जैसे ही आपका पेट बढ़ता है वैसे ही आपका गुरुत्वाकर्षण केंद्र भी बदलता है, इस वजह से संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है, और गिरने का डर रहता है। ऐसी जगह ना दौड़ें जहां पेड़ की जड़ें, पत्थर और बाकी अवरोध हों। साफ रास्ते पर चलें।

अपने बढ़ते पेट को सहारा दें: अगर भागने की वजह से उछलना थोड़ा मुश्किल हो गया है तो अपने पेट को सहारा देने के लिए बैली सपोर्ट बैंड पहनें।

तीसरी तिमाही में दौड़ने को लेकर सलाह

जितनी सतर्क आप पहली और दूसरी तिमाही में थी, उतनी ही इस दौरान भी रहिए। अगर आपको भागने में थकावट लगती है वो अपने शरीर की सुनें, आराम करें। अपने आपको ज़्यादा पुश करना सही नहीं होगा।

तीसरी तिमाही में दौड़ने वाले की गति अपने आप कम हो जाती है- प्रसव का दिन पास आने की वजह से दौड़ने से अच्छा है की आप तेज़ी से टहलें।

इस बात के संकेत की आप अपने शरीर को ज़्यादा तकलीफ दे रही हैं

उस समय तक ना भागे की आपकी सांस फूल जाए और थकान लगे। अपने शरीर को ज़्यादा तकलीफ देने से आपके बच्चे तक जा रही ऑक्सिजन अपना रास्ता भी बदल सकती है। अगर आपको नीचे दिए हुए कोई भी संकेत महसूस हों तो आराम करें:

  • व्ययाम करने के बाद अगर आप अच्छा महसूस करने की जगह थकान महसूस कर रही हों।
  • एक्सर्साइज़ के दौरान या बाद में अगर जोड़ों और स्नायु में दर्द हो
  • अगर आपकी मासपेशियाँ कमजोर महसूस कर रही हों, इसके अलावा एक्सर्साइज़ के बाद शरीर में दर्द हो।
  • अगर आराम करते हुए आपके दिल की गति सामान्य से 10 धड़कन ज़्यादा हो।

ऊपर दिए हुए संकेत इस बात का इशारा करते हैं की आपके शरीर ने ज़्यादा काम कर लिया है, और आपको अब आराम करना चाहिए।

एक्सर्साइज़ करते हुए चेतावनी के संकेत

इन परिस्थितियों में दौड़ना बंद करके अपने डॉक्टर को कॉल करें:

  • अगर छाती में दर्द हो या योनी से खून निकले
  • अगर आपको चक्कर आने जैसा या बेहोश होने जैसा महसूस हो रहा हो।