प्रेगनेंसी में शरीर का तापमान कुछ ज़्यादा ही रहता है?

Overheating during pregnancy

प्रेगनेसी में शरीर का तापमान ज़्यादा रहता है, इसका क्या मतलब है?

एक्सर्साइज़ करना आपके लिए काफी अच्छा है, क्योंकि इससे आपका दिल और मसल अच्छी रहते हैं और ताकत भी मिलती है। एक्सर्साइज़ करते हुए आपकी बॉडी काफी गहन काम करती है इसलिए शरीर का तापमान बढ़ जाता है। लेकिन जब ये ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ जाए तो ये अच्छी बात नहीं है। इससे आपको चक्कर आ सकते हैं यहाँ तक की आप बेहोश भी हो सकती हैं, और बच्चे को नुकसान हो सकता है।

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका शरीर प्रेगनेंसी से पहले जैसे आपके तापमान को नियंत्रित रखता था वो इस समय नहीं रख पाता है। इसलिए शरीर का ठंडा रखना काफी ज़रूरी है। इसलिए एक्सर्साइज़ करते हुए आपको काफी पानी पीना चाहिए।

एक्सर्साइज़ करते हुए मैं शरीर को ठंडा कैसे रखूँ?

आप नीचे दी गई सावधानी बरतकर अपने शरीर को ज़्यादा गर्म होने से बचा सकती हैं।

  • काफी द्रव पीना चाहिए। पानी की कमी से शरीर का तापमान बढ़ सकता है। इसलिए हर समय अपने साथ पानी की बोतल रखें।
  • खुदको ज़्यादा तनाव ना दें। एक्सर्साइज़ का उद्देश्य आपको अच्छा फील करवाते हुए फिट रखना है।
  • अपने शरीर की आवाज़ हमेशा सुनें। जब आपमें सांस की कमी हो तो नीचे बैठ जाएँ।
  • उमस और गर्मी में एक्सर्साइज़ ना करें। इस समय अच्छा है की आप कोई जिम जॉइन करें या घर के अंदर एक्सर्साइज़ करें।
  • कम असर वाली एक्सर्साइज़ करें। इससे आपके तापमान के बढ़ने की संभावना कम रहेगी।

एक्सर्साइज़ करते हुए मेरे शरीर के तापमान बढ़ने की कितनी संभावना है?

अगर आप सावधानी बरतेंगी तो शरीर के ज़्यादा गर्म होने की संभावना कम है।

ऐसी सलाह दी जाती है की आप गर्म टब, सौना और स्पा का इस्तेमाल प्रेगनेंसी में ना करें। इससे आपका शरीर ज़्यादा गर्म हो सकता है और बच्चे को नुकसान होगा। अगर आपको चिंता हो तो आप अपने शरीर का थर्मामीटर से तापमान ले सकती हैं। थर्मामीटर को बगल के अंदर रखें।

अगर आपको पसीना आए तो ज़्यादा चिंता ना करें। यह नैचुरल चीज़ है। बस ध्यान रखें की आप काफी पानी ले रही हों।

क्या बढ़े तापमान से मेरे बच्चे पर कोई फर्क पड़ेगा?

अभी तक ऐसी कोई भी स्टडी नहीं है, जिससे पता चला हो की प्रेगनेंसी में तापमान बढ़ने से बच्चे पर कोई फर्क पड़ता है। कुछ जानवरो पर की गई शोध के अनुसार बढ़े तापमान से नवजात में कुछ कमी होती है।

सावधानी बरतनी सबसे अच्छी है जिससे शरीर का तापमान नहीं बढ़ता है।