गर्भावस्था में पिलेट्स

पिलेट्स क्या है?

पिलेट्स एक एक्सर्साइज़ है जिसमें गति को नियंत्रित किया जाता है। इसमें कई पोज़िशन और चलन होते हैं। लंबी सांस लेना और रिलेक्स करना इसके अहम पहलू हैं। अगर इसे सही तरीके से किया जाए तो इससे लचकता, मजबूती आती है और सहनशक्ति बढ़ती है।

पिलेट्स में पेट, पीठ की मसल, कोख की मसल पर ध्यान दिया जाता है। इसलिए इन मासपेशियों को सख्त करना अहम है। इसमें कई ऐसी अवस्था होती हैं जिससे आप मसल को मजबूत कर सकते हैं, और धीरे-धीरे ये और चुनौतीपूर्ण हो जाता है, लेकिन इससे आपके शरीर पर तनाव नहीं पड़ता।

प्रेगनेंसी में पिलेट्स कैसे मेरी मदद करता है?

प्रेगनेंसी में पिलेट्स से आपका पेट, पीठ की मसल और कोख की मसल मजबूत होती है इसलिए प्रेगनेंसी में यह काफी अच्छी एक्सर्साइज़ है। पिलेट्स में उन मसल पर लक्ष्य रखा जाता है जो प्रेगनेंसी में आपको दिक्कत दे सकती हैं।

नियमित रूप से पिलेट्स करने से आपको निम्न चीजों में मदद मिलती है:

  • पीठ दर्द कम होता है: आप अपनी पेट के सबसे अंदर की मसल की एक्सर्साइज़ करते हैं, जिससे आपकी कोख और पीठ मजबूत होती है।
  • पेट की मसल मजबूत होती है: इसकी वजह से आपको बढ़ते हुए वज़न को सहने में मदद मिलती है।
  • पेलविस फ्लोर यानी कोख अच्छी होती है: इससे आपके कोख, थैली और अंतड़ी को सपोर्ट मिलता है, क्योंकि बच्चा अंदर लगातार बढ़ता और हिलता रहता है। इस समय छींख या खांसी से जब आपका यूरिन निकलता है ये उससे भी आपको बचा सकता है।
  • अचीव बैलेन्स: प्रेगनेंसी में महिलाओं को लगता है की उनका बैलेन्स पहले जैसा अच्छा नहीं रहा। पिलेट्स से आपका अंदुरिणी भाग मजबूत होगा और इससे आपको ठहराव मिलता है।
  • रिलेक्स: लंबी सांस लेने के दौरान पिलेट्स आपको रिलेक्स करता है।

पिलेट्स कैसे करें?

आप नीचे दिए स्टेप्स फॉलो कर सकती हैं। कुछ भी करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

  1. अपने घुटनों और हाथ के बल नीचे बैठे। हाथों को कंधों की सिदाई में लाएँ, और घुटनों को कूल्हों की। अपनी कमर सीधी रखें।
  2. सांस अंदर लें। जैसे ही आप सांस लें वैसे आप अपनी पेलविक फ्लोर को सिकोड़ें और नाभि को अंदर बाहर करें।
  3. 8-10 सेकंड के लिए होल्ड करें, और 10 बार ये दोहराएँ।

प्रेगनेंसी में पिलेट्स करने के तरीके

  • शुरू करने से पहले अपने कोख की मसल को ढूंढ लें। जितना आप अपनी कोख की मसल यानी मासपेशी को सिकोड़ेंगी, उतना ही अच्छा पिलेट्स होगा।
  • अगर आप पिलेट्स क्लास जॉइन करने के बारे में सोच रही हैं तो किसी अनुभवी की देख-रेख में ही ये करें।
  • अगर आपको किसी भी समय दर्द या अच्छा ना लगे तो एक्सर्साइज़ करना रोक दें। और अपने डॉक्टर को इसकी जानकारी दें।