गर्म और उमस में प्रेगनेंसी कैसे फिट रखें

एक्सपर्ट के अनुसार आपको अपने शरीर का उस समय ज़्यादा खयाल रखना चाहिए जब मौसम गर्म हो। प्रेगनेंसी में तो यह बात और भी ज़रूरी बन जाती है। भारत में मौसम गर्म और उमस वाला हो सकता है, इसलिए आपको अपने लिए सुरक्षित एक्सर्साइज़ चुननी चाहिए।

पहली तिमाही में आपको ज़्यादा गर्म होने से बचना चाहिए, इससे बच्चे पर असर पड़ सकता है। ज़्यादातर डॉक्टर के अनुसार आपको अपनी फिटनेस का प्लेन दूसरी तिमाही से चालू करना चाहिए। इसके अलावा कुछ चेतावनी हैं जो आपको एक्सर्साइज़ करते हुए ध्यान रखनी चाहिए।

गर्मी और उमस के मौसन में प्रेगनेंसी फिटनेस के लिए कुछ खास विकल्प।

प्रीनेटल योगा

आपकी सेहत के लिए प्रेगनेंसी में योगा काफी अच्छा है। जब इसको टहलने के साथ जोड़ा जाता है तो इसके कुछ अलग ही फायदे होते हैं। इन दोनों को प्रेगनेंसी में करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ प्रेगनेंसी में टहलने की फायदे भी देखें।

हालांकि गर्मी और उमस में आपको योगा नहीं करना चाहिए। सबसे अच्छा है की आप किसी बंद जगह पर योगा क्लास जॉइन करें। आप एक्सपर्ट को अपने घर आने के लिए भी कह सकती हैं। यहाँ देखें की किस प्रकार का योगा आपको प्रेगनेंसी में करना चाहिए।

ठंड में चलना ही सही है

सुबह के समय चलना सबसे अच्छा है। आप देर शाम टहलने भी जा सकती हैं। अगर बाहर काफी गर्मी है तो आप अंदर ही चलें। ट्रेडमिल या किसी जिम में टहला जा सकता है।

फिटनेस बैंड या ट्रैकर खरीदना सबसे अच्छा होता है। इससे आप अपने कदमों, दिल की धड़कन, और बाकी चीजों का भी खयाल रख सकती हैं। इससे आप डेलि गोल यानि लक्ष्य याद रखने में समर्थ होती हैं। जब आप अपनी तरक्की देखती हैं तो आपको प्रोत्साहन मिलता है।

घर के काम भी करें

घर रहकर भी रोज़ के काम आपको फिट रख सकते हैं। झाड़ू लगाना, या पोछा करना इसमें शामिल है।

वो काम करें जिसमें आपका शरीर थोड़ा हिले। वैक्युम क्लीनर से अच्छा है की आप झाड़ू से फर्श साफ करें।

अंदर डांस करना

आपके हृदय के संचार के लिए डांसिंग काफी अहम है। किसी शांत जगह एक अच्छा गाना चलाएं, और सहज होकर उसपर डांस करें। ध्यान रखें की आप कूदने, मुड़ने और झुकने जैसी गतिविधि एक दम से ना करें।

बेहतर है की आप डांस क्लास जॉइन कर लें। इससे आपको एक जोश की अनुभूति होगी। क्लास में आप अपने दोस्त भी बना सकती हैं। अपने टीचर को बताएं की आप गर्भवती हैं।

कम असर वाले एरोबिक्स

एरोबिक्स से आपके फेफड़े और हृदय अच्छे रहते हैं, और आपकी मसल यानी मासपेशियाँ मजबूत होती हैं। कम असर वाले एरोबिक्स में कूदने, ऊंची किक, और तेज़ चलने से बचा जाता है। आपको नियम के अनुसार हर समय एक पाँव ज़मीन पर रखना ज़रूरी है। आप क्लास भी जॉइन कर सकती हैं।

ऐसी सलाह दी जाती है की आपको एक्सपर्ट से बात करने के बाद ही कोई भी ऐसी एक्सर्साइज़ करनी चाहिए जो आपके लिए बैस्ट हो।