यूरिन(पेशाब) में असंयम महसूस करती हैं: कोख की मासपेशियों को मजबूत करने वाली इन एक्सर्साइज़ को ट्राय कीजिए

कई महिलाएं प्रेगनेंसी में यूरिन के बार-बार लीक होने या असंयम की समस्या का सामना करती हैं। आप अपनी कोख की मासपेशियों को मजबूत करके इस परेशानी से बच सकती हैं। जैसा की नाम से पता चलता है ये मासपेशियाँ कोख का एक फ्लोर बना देती हैं और इनको डिलिवरी के लिए मजबूत करने की ज़रूरत होती है।

आप अपनी पेलविस फ्लोर मसल यानी कोख की मासपेशियों को सख्त करने के लिए तीन एक्सर्साइज़ को कर सकते हैं, इस बात की पुष्टि करें की आप इन्हे करने से पहले डॉक्टर की सलाह ले चुकी हों।

केगल्स एक्सर्साइज़

यह एक्सर्साइज़ किसी भी अवस्था में की जा सकती है, यह दिन में किसी भी समय, यहाँ तक की खाली या भरे पेट भी की जा सकती है।

  • अपनी कोख को ऐसे सिकोड़ें जैसे आप पेशाब को लीक होने से रोक रही हों या आप गैस निकलने से रोक रही हों।
  • 3 सेकंड के लिए सिकोड़ें और 3 सेकंड के लिए ही रिलेक्स करें। सिकोड़ना और रिलेक्स करना एक बराबर ही होना चाहिए।
  • एक बार में 5-6 बार करें और दिन में 10-15 बार की जा सकती हैं।

पेवलिक फ्लोर मसल यानी कोख की मासपेशियों को बाकी मसल से अलग करने के लिए हमें छोटे से टेस्ट की ज़रूरत होती है। जब भी आप अगली बार पेशाब करने जाएँ तो रोक-रोक कर पेशाब करने की कोशिश करें। इस समय ध्यान दें की किन मसल की वजह से आप पेशाब रोकती हैं। ये मसल ही आपकी पेलविक फ्लोर मसल हैं। इसे ज़्यादा ना करें क्योंकि डॉक्टर ज़्यादा देर तक या ज़्यादा बार पेशाब नहीं रोकने की सलाह देते हैं।

वॉल स्क्वाट

  • दोनों पाँव अलग होने के साथ आपको दीवार के साथ खड़ा होना है। अपनी रीड़ की हड्डी को पूरी तरह से दीवार से टच होने दें।
  • हाथ साइड रखें और हथेली को दीवार की तरफ कर दें। धीरे से अपने दोनों घुटने मोड़ दें और जितना हो सके उतना नीचे जाएँ। इस बात का ध्यान रखें की आपकी गर्दन और पीठ बिलकुल सीधी हो।
  • 2-3 सेकंड तक ऐसे ही रहें और फिर सीधे आराम से खड़े हों।
  • ऐसा 7-10 बार करें।

बिल्ली और ऊंट(Cat and Camel)

यह प्रेगनेंसी में होने वाले कोख और पीठ के दर्द को कम करने वाली सबसे अहम एक्सर्साइज़ है। जैसा की नाम से पता चलता है इस एक्सर्साइज़ में आपको बिल्ली और ऊंट की नकल करनी है।

  • बिल्ली और ऊंट की तरह नीचे लेट जाएँ
  • अपनी कोहनी को सीधे रखते हुए अपने हाथ को कंधों के नीचे रखें और घुटने कूल्हों के नीचे होने चाहिए, पाँव खुले होने चाहिए।
  • जैसे ही आप इस पोसिशन में आए तब अपनी रीड़ की हड्डी को नैचुरल रहने दें, इसके बाद अपनी गर्दन को ऊपर करें और पीठ को नीचे, जैसे बिल्ली करती है; और फिर पीठ को ऊपर करें जैसे ऊंट कूबड़ बनाता है।
  • ऐसा 10 बार करें, और सांस को साधारण तरीके से ही लें।