प्रेगनेंसी में एक्सर्साइज़ कब खतरे की घंटी बन जाती है?

Warning signs when exercising during pregnancy?
When to stop exercising?

प्रेगनेंसी में एक्सर्साइज़ करना आपके के लिए काफी अच्छा है। इससे आपको चैन मिलता है, मसल मजबूत होती हैं, और आराम मिलता है। एक्सर्साइज़ करने से डिलिवरी के बाद आप जल्दी शेप में आती हैं।

प्रेगनेंसी में ज़्यादातर एक्सर्साइज़ करना सुरक्षित है। टहलना एक अच्छा पहला कदम है। कई एक्सपर्ट आपको योगा की सलाह देते हैं की इससे आप शारीरिक और मानसिक रूप से अच्छे रहते हैं। योगा एक्सपर्ट से हमेशा पूछें की आपके लिए क्या सही एक्सर्साइज़ है।

महीने बीतने के साथ आपको कुछ अडजस्टमेंट करने होते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि आपका बच्चा और पेट दोनों बढ़ता है। इससे आपका संतुलन और अवस्था दोनों बदलती है। इस समय बच्चे को ऑक्सिजन देने के लिए आपके शरीर को ज़्यादा मेहनत करनी होती है। इसलिए बाद में आप जल्द ही थकने लगती हैं। आपके जोड़ भी और संवेदनशील हो सकते हैं।

प्रेगनेंसी में एक्सर्साइज़ करते हुए खतरे के संकेत

सबसे आम खतरे के संकेत नीचे दिए हैं। जब भी आपको इनमें से कुछ भी फील हो, तो एक दम से मत रुकिए, थोड़ा चलें, पानी लें। एक दम से रुकने से नुकसान भी हो सकता है। अगर फिर से दिक्कत आती है तो अपने डॉक्टर को फोन करें।

उल्टी होना या जी मिचलना

अगर आप बीमार हैं और उल्टी आ रही है, तो यह नॉर्मल से थोड़ा ज़्यादा है। आराम करें और खुद को थकाए नहीं। इसका मतलब लो ब्लड प्रैशर भी हो सकता है, या ब्लड शुगर में कमी। याद रखें की एक्सर्साइज़ करने से पहले हल्के स्नैक लेने ना भूलें। इसके अलावा डॉक्टर द्वारा दिए गए डायट चार्ट को फॉलो करें।

दिल में घभराहट

अगर आपको कभी भी छाती में घभराहट हो तो रुक जाएँ। ऐसा काफी कड़ी एक्सर्साइज़ करने की वजह से हो सकता है। इसको धीरे-धीरे रोकें और फिर डॉक्टर को कॉल करें।

चक्कर आने

अगर आपको एक्सर्साइज़ के समय या बाद में चक्कर आएँ तो डॉक्टर को बताएं। अगर आपको सर में दर्द या घभराहट हो तो इसका मतलब हो सकता है की आपमें पानी की कमी हो। या आपके खून में आइरन की कमी हो सकती है।

पीठ/कूल्हों/कोख में दर्द

प्रेगनेंसी के समय आपके शरीर में काफी हार्मोनल बदलाव होते हैं। इससे उन्हे लीगमेंट्स पर असर पड़ता है जो आपके जोड़ को सपोर्ट देते हैं। इससे उनमें स्थिरता काफी कम आती है, और चोट का खतरा बढ़ जाता है। अगर आपको कूल्हों, पीठ और कोख में दर्द हो तो डॉक्टर से मिलें।

सूजन

एक्सर्साइज़ के बाद आपके हाथ और पाँव सूज सकते हैं। लेकिन अगर वहाँ ज़्यादा सूजन है तो अपने डॉक्टर से मिलें। यह एक स्थिति हो सकती है जिससे ब्लड प्रैशर बढ़ता है और शरीर में ज़्यादा द्रव रहता है। इससे गर्भनाल में खून की सप्लाई रुक सकती है, और यह बच्चे के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इसलिए इसका बिना किसी देरी से इलाज़ होना चाहिए।

शरीर का तापमान एक दम से बदलना

एक्सर्साइज़ से शरीर का तापमान बढ़ सकता है। ऐसे बदलाव आपके शरीर के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। अगर आपको नीचे दी कोई भी समस्या महसूस हो तो तुरंत अपने डॉक्टर को कॉल करें:

  • हाथ नम पड़ें या उनमें पसीना आए
  • अगर आपके शरीर का तापमान ज़्यादा बढ़े
  • यदि आपका चेहरा गर्म या ठंडा पड़े
  • आपको काफी पसीना आए

एक्सर्साइज़ करते हुए हमेशा काफी पानी पिएँ। एक्सर्साइज़ का सेशन 45 मिनट से ज़्यादा ना रखें। जब ज़्यादा गर्मी या उमस हो तो एक्सर्साइज़ ना करें।