मैं प्रेगनेंसी में किस तरह अपनी पीठ और श्रोणि की रक्षा करूँ?

Back and pelvis during pregnancy

 

प्रेगनेंसी से मेरी पीठ और श्रोणि पर कैसे फर्क पड़ता है?

प्रेगनेंसी शायद आपकी पीठ का आकार ही बदल दे। आपकी पीठ नीचे से थोड़ी सपाट भी हो सकती है। इससे आपकी कोख के पास का हिस्सा यानी श्रोणि और पीठ के जोड़ और हिल सकते हैं। आपकी पीठ, पेट, और श्रोणि का निर्माण आपके जोड़ों को सपोर्ट करने के लिए किया गया था। जैसे ही आपकी कोख गर्भावस्था में बढ़ती है वैसे ही इनके लिए काम करना मुश्किल हो जाता है। इससे आपको दर्द हो सकता है।

आपका बच्चा आपकी पीठ के लिए अंदरूनी सपोर्ट के रूप में काम करता है। जैसे ही बच्चा बड़ा होता है वैसे ही आपकी पीठ सख्त हो जाती है, इससे आपको हिलने में दिक्कत होती है। इससे झुकना भी मुश्किल हो जाता है।

आपकी श्रोणि ज़्यादा हिलती है क्योंकि इसकी पीठ की तरह रक्षा की जाती है। इसलिए प्रेगनेंसी में पीठ के दर्द से ज़्यादा श्रोणि में दर्द होता है। इसलिए प्रेगनेंसी में श्रोणि की एक्सर्साइज़ करना सही माना जाता है। इससे श्रोणि मजबूत होती है और प्रेगनेंसी में पेशाब लीक होने की समस्या कंट्रोल होती है।

मैं प्रेगनेंसी में अपनी पीठ और श्रोणि कैसे बचा सकती हूँ?

ज़्यादा वज़न ना उठाएँ

अगर आपको अपना बैग या छोटा बच्चा उठाना है तो उन्हे अपने शरीर के पास रखें। अपना घुटना मोड़ें, और कमर ना झुकाएँ। और फिर उन्हे उठाएँ। अगर आपके पास दो बैग हैं तो दोनों तरफ बैग लें। इससे वज़न आधा-आधा बट जाता है।

डेलि एक्सर्साइज़ करें

नियमित रूप से एक्सर्साइज़ करें, कम से कम हफ्ते में तीन दिन एक्सर्साइज़ करने से आप फिट रहती हैं और प्रसव के लिए तैयार होती हैं। इससे श्रोणि का दर्द भी कम होता है, और पीठ का दर्द नियंत्रण में रहता है। इस समय कई प्रकार की निम्न एक्सर्साइज़ की जा सकती हैं:

  • टहलना
  • जॉगिंग
  • स्विमिंग
  • योगा
  • पिलेट्स

अपनी मुद्रा(पोश्चर) अच्छी करें

ऐसे खड़ी हों जैसे कोई आपको तार के ज़रिए ऊपर खींचने की कोशिश कर रहा हो। अपनी श्रोणि को टाइट करें। इससे आपकी पेट की मसल से आपकी पीठ को सपोर्ट मिलेगा। कमर सपाट होने की वजह से श्रोणि में दर्द आम है। पीछे मुड़ने की सलाह भी दी जाती है खासकर तब जब आप काफी देर के लिए बैठी हों।

सही तरीके से बैठना भी ज़रूरी है

इस बात का खयाल रखें की बैठते हुए आपकी कमर को सहारा मिले। इसलिए आप कुशन यानी तकिया का इस्तेमाल कर सकती हैं। अपने पाँव को थोड़ा फैला दें ताकी आपके पेट को जगह मिले। अगर काम में आपको काफी देर के लिए बैठना पड़ता है तो हर 20 मिनट में टहलने की कोशिश भी करें।

आरामदायक जूते पहनें

वो पहनें जो अच्छा लगे। आरामदायक जूते आपको टहलने और जॉग करने में मदद करते हैं। ध्यान रखें की ऊंची एड़ी की सैंडिल ना पहनें उनसे आपको पीठ में दर्द हो सकता है। सबसे अहम बात है की हील्स के साथ आप अपना बैलेन्स आसानी से नहीं बना सकती हैं।

संतुलित खाना खाएं

हाई BMI यानी बॉडी मास इंडेक्स से आपको श्रोणि में और पीठ में दर्द हो सकता है। हमेशा पोषक खाना खाएं। आप खुदको हमारे साथ रजिस्टर करके फ्री प्रेगनेंसी डाइट पा सकती हैं।

कैट एंड कैमल एक्सर्साइज़ करें

चारों जोड़ों तक पहुँचने से पीठ का दर्द कम हो सकता है। कैट और कैमल एक्सर्साइज़ से आपके पीठ का दर्द कम हो सकता है।

अच्छी अवस्था में सोएँ

16वें हफ्ते के बाद पीठ पर सोने से आपको चक्कर आ सकते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपका बच्चा आपकी खून की नलिकाओं पर दबाव बनाता है। कोशिश करें की आप अपने बाईं तरफ सोएँ, और इस समय घुटने मुड़े होने चाहिए। पाँव के बीच में एक दो तकिया भी रखे दें। इससे आपके कूल्हे और श्रोणि को सपोर्ट मिलेगा।

सीडियों पर आराम से चढ़ें

एक समय में एक ही कदम लें। ऊपर एक पाँव चढ़ाएँ। फिर दूसरा उसके बाद चढ़ाएँ। सीडियों पर आपको काफी सजग रहने की ज़रूरत है।