अलर्ट: क्या आपको अनियमित पीरियड हो रहे हैं? इस स्थिति में प्रेगनेंट होने के तरीके

Irregular Periods

 

अगर आपके पीरियड नियमित हैं तो एक साल में आपको 13 महावारी पीरियड होंगे, इसका मतलब है की साल में आपको 13 बार गर्भ धारण करने के मौके मिलेंगे। वहीं दूसरी तरफ जिन महिलाओं को अनियमित पीरियड होते हैं उन्हे साल में गर्भ धारण करने के कम मौके मिलते हैं।

अनियमित पीरियड का कैसे पता लगाएँ?

इसका जवाब देने के लिए अच्छा होगा की हम एक नियमित महावारी चक्र के बारे में बात करें। शायद यह जानकर आपको हैरानी हो, लेकिन 28 दिनों बाद भी पीरियड नहीं होने पर आपकी महावारी साइकिल को नॉर्मल माना जाएगा।

जिन महिलाओं को पुरानी अनियमितता है उनके हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है(शायद एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के साथ)। इसी हार्मोनल असंतुलन की वजह से महावारी की फ्रिक्वेन्सी पर असर पड़ता है। यह बता पाना भी इतना आसान नहीं होता की हार्मोनल असंतुलन क्यों है। हालांकि दो ऐसी वजह हैं जिनको हार्मोनल असंतुलन का कारण माना जाता है।

हार्मोनल असंतुनल का सबसे आम कारण पोलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम को माना जाता है। यह एक ऐसी मेडिकल अवस्था है जो मल्टी-फोलिकल्स को बढ़ाती है, जिससे उच्च लेवल के एस्ट्रोजन अंडों को बिना छोड़े बनते हैं। बढ़े हुए एस्ट्रोजन गर्भाशय की परत को बढ़ाते हैं, यह तब तक मोटा होता है जब तक यह गिर ना जाए, इसकी वजह से बिना अंडोत्सर्जन के महावारी का खून निकलना शुरू हो जाता है।

किस वजह से हार्मोनल असंतुलन होता है?

  • खाने का विकार: जिन महिलाओं की खाने की आदत काफी अजीब हैं उन्हे हार्मोनल असंतुलन होता है, इसकी वजह से अनियमित महावारी या कोई महावारी नहीं होती।
  • ज़्यादा एक्सर्साइज़: वो महिलाएं जोरदार एक्सर्साइज़ करती हैं उन्हे अनियमित पीरियड हो सकते हैं। गहन एक्सर्साइज़ द्वारा उत्पन्न बढ़े हुए स्ट्रैस से पोषण की कमी होती है, जिससे बड़े बदलाव होते हैं। यह बदलाव कभी-कभी दिमाग के लिए हार्मोन्स सक्रिय करना मुश्किल कर देते हैं, जिससे फोलिकल का विकास नहीं हो पाता है। फोलिकल के विकास की कमी से एस्ट्रोजन की कमी होती है, जिससे अनियमित पीरियड होते हैं।

क्या अनियमित पीरियड से आपके गर्भ धारण करने पर कोई प्रभाव पड़ता है?

अनियमित पीरियड का मतलब होता है की आपके अंडे सही समय पर नहीं निकल रहे हैं, या किसी केस में बिलकुल भी नहीं निकल रहे हैं। आपको पता ही होगा की बिना अंडे के गर्भ धारण करना नामुमकिन है, जितना कम आप अंडे निकालती हैं, उतने ही कम चान्स आपके गर्भ धारण करने के होते हैं।

गर्भ धारण करने के मौके बढ़ाना

अपनी महावारी साइकल को जानें

सबसे पहले आपको अपनी महावारी साइकल के बारे में पता होना चाहिए। अगर आपको अनियमितता का शक हो तो इसे ठीक करने के लिए अपने डॉक्टर से बात करें। अंडों का उत्सर्जन ज़्यादा होने से प्रेगनेंट होने के चान्स भी ज़्यादा होंगे।

अपने उपजाऊ पीरियड का पता करें

अगर आपको अनियमित महावारी है तो अपने उपजाऊ पीरियड के बारे में पता करना थोड़ा मुश्किल है। आप ब्लड टेस्ट या चार्ट तापमान करवाकर अंड उत्सर्जन पीरियड को कन्फ़र्म कर सकते हैं, और फर्टाइल यानी उपजाऊ पीरियड में गर्भ धारण कर सकती हैं।

भार को संभालें

अगर आपका वज़न कम है तो आपको वज़न बढ़ाने की ज़रूरत है, क्योंकि नीचे के फैट का संबंध सीधे-सीधे एस्ट्रोजन लेवल से होता है, इससे अनियमित साइकल हो सकती हैं। अगर आपका वज़न कुछ ज़्यादा ही है तो एक्सर्साइज़ से अपना वज़न कम करें। PCOS होने पर यह काफी मददगार होता है।

अच्छा खाना खाएं

अच्छा खाना आपके लिए काफी अहम है। फास्ट फूड या बनाया हुआ खाना लेने से अच्छा है की आप फल, सब्जी या अनाज खाएं। ऐसा खाना ना खाएं जिसमें ज़्यादा फैट या कार्बोहाइड्रेट हो।

नियमित रूप से एक्सर्साइज़ करना

हार्मोन्स की मुक्ति के लिए शरीर का सही तरीके से काम करना ज़रूरी है। एक्सर्साइज़ करने से आपका शरीर सही तरीके से काम करता है। हालांकि ज़्यादा एक्सर्साइज़ करने से उपजाऊता पर फर्क पड़ता है, सही तरीके से की गई एक्सर्साइज़ आपके अच्छे स्वास्थ और महावारी साइकल के लिए काफी अहम है।