प्रेगनेंसी के दर्द- इस समय दर्द का क्या करें?

प्रेगनेंसी को संभालना ही अपने आप में काफी बड़ा काम है। प्रेगनेंसी के साथ आपको कई प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है। ऐसे लक्षण जो आपने पहले कभी नहीं देखे होंगे- जैसे दर्द। दर्द वैसे आपकी बढ़ते हुए गर्भाशय की वजह से होता है। इसलिए आपको कमर और श्रोणि के पास दर्द होता है।

इन कारणों की वजह से आपको प्रेगनेंसी में दर्द होता है और इनको संभालने के तरीके

सर का दर्द

प्रेगनेंसी में बार बार सर दर्द होता है। ये लाभग सभी महिलाओं को होता है, और ऐसा होना नॉर्मल है। कभी कभी आपको सर के दोनों ओर दर्द लगता है। इसे टेंशन वाला दर्द कहते हैं जो पहली तिमाही में होता है। इस समय अच्छा संतुलित आहार लेने से और एक्सर्साइज़ करने से आपको दर्द को कम करने में मदद होगी। कम समय के अंतराल में खाना लेने से आपका ब्लड शुगर लेवल सही रहता है। आपको इस समय गरम पानी से नहाना है या सर के दोनों तरफ बर्फ से सिकाई करनी है।

बवासीर

ये वेरिकोज़ नस ही होती है, वो नस जो सूज जाती है। इस समय अपने वज़न को सही रखें और अपने शरीर को हिलाते रहें। पाँव में ज़्यादा तनाव देना अभी सही नहीं है।

सीने में जलन

क्या आपको छाती में जलन अक्सर होती है? ये तभी होता है जब आपके शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। नए हार्मोन्स से आपके अंदर गेस्टिक एसिड बनता है जो गले में ऊपर की तरफ आता है। इससे बचने के लिए आपको मसाले वाला और तला हुआ नहीं खाना है। इस समय कार्बोनेटेड पेय पदार्थ और एसिड फ्रूट व सब्जी लेना भी सही नहीं है। पूरे दिन में थोड़ा थोड़ा कई बार खाएं और खाने के बाद च्विंग गम चबाएँ।

आपकी कमर में नीचे की ओर दर्द

दो-तिहाई से ज़्यादा महिलाओं को ये होता है। ऐसा आपके बढ़ते हुए गर्भाशय की वजह से होता है जो बार-बार जगह बदलता है। हार्मोनल बदलव से आपके हिप जोड़ भी ढीले होते हैं और इससे आपके स्नायु भी ढीले होते हैं व दर्द होता है। इस समय खिंचाव वाली और स्विमिंग जैसी एक्सर्साइज़ करें। इस समय नियमित रूप से टहलने पर आपको मदद मिलेगी। इस समय अपनी मुद्रा को सही रखें, और सीधे बैठें।

कार्पल टनल सिंड्रोम

आपको अपने हाथों में जो सुन्नता महसूस होती है वो कार्पल टनल सिंड्रोम की वजह से होती है। ऐसा हाथ को कम हिलाने से होता है, अगर आप हाथ को बार हिलाके या खिंचाव करके एक्सर्साइज़ करते हैं तो आप कार्पल टनल सिंड्रोम से बच सकती हैं।

अगर आपको इन सलाह से भी मदद ना हो तो अपने डॉक्टर से बात करें। आपके डॉक्टर आपको किसी भी स्थिति को सही प्रकार से समझा पाएंगे, इसके अनुसार वो आपकी मदद करने में सफल होंगे।