स्तनपंप या ब्रेस्ट पंप कैसे खरीदें?

Breast pump guide

ब्रेस्ट पंप के बारे में

अगर आपको बच्चे के जन्म के बाद ऑफिस फिर से जॉइन करना हो, बच्चे के बिना बाहर जाना हो या बस आराम लेना हो, तो इस समय आप अपने दूध को ब्रेस्ट पंप की मदद से बच्चे को उसके बिना साथ होकर भी दे सकती हैं।

अब नियम बदलने के बाद ज़्यादातर इन्शुरेंस प्लैन ब्रेस्ट पंप और उससे जुड़े सभी समान को कवर करती हैं। नीचे देखिए की महिलाएं किस प्रकार के ब्रेस्ट पंप को चुनती हैं।

ब्रेस्ट/स्तन पंप के प्रकार

ब्रेस्ट पंप के दो प्रकार होते हैं: बिजली/बैट्री वाला और हाथ से चलने वाला पंप। देखते हैं की आपके लिए कौन सा पंप अच्छा है:

वो महिलाएं जो बच्चों से दूर हैं: एलेक्ट्रिक पंप

जो महिलाएं अपने काम पर लौट जाती हैं या आमतौर पर बाहर रहती हैं उनमें यह एलेक्ट्रिक पंप काफी फेमस है।

इस प्रकार का पंप पूरी तरह से ऑटोमैटिक रहता है, इसमें बच्चे के लिए काफी आराम से दूध निकलता है। ज़्यादातर पंप दोनों ही निपल से दूध एक साथ निकाल सकते हैं।

कुछ मॉडल तो बच्चे की तरह से दूध ही चूसते हैं, इस तरीके से दूध निकलना काफी आरामदायक हो जाता है, लेकिन इसका ये मतलब नहीं है की आप ज़्यादा दूध का उत्सर्जन करेंगी।

एलेक्ट्रिक पंप वैसे 5 पाउंड का होता है और इसमें जमा करने वाला बैग, क्लिप, लेबल और निपल का तरल होता है। अगर आप एलेक्ट्रिक पंप के लिए जा रही हैं तो अच्छी तरह से फिट होने वाला टॉप ही पहनें।

कई पंप में अंदर ही बैट्री होती है, जिससे आप चलते-चलते ही अपना दूध निकाल सकती हैं। कुछ पंप तो कार की बैट्री पर भी चल सकते हैं, जोकि महिलाओं के लिए काफी अलग अनुभव है।

जिन महिलाओं को दूध पिलाने में दिक्कत होती है, उन्हें हॉस्पिटल ब्रेस्ट पंप इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं।

अगर शुरुआती कुछ हफ्तों में आपको अपने बच्चे को दूध पिलाने में दिक्कत हो रही है या आपका बच्चा खुदसे सही तरीके से दूध नहीं पी पा रहा है तो आपको इस पंप को इस्तेमाल करने की सलाह दी जा सकती है। अगर बच्चा अब भी मेडिकल देखभाल में है तब भी आप इन पंप का इस्म्तेमल कर सकती हैं। अगर आपको कोई दिक्कत है और आपके दूध बनाने की क्षमता पर फर्क पड़ता हो तो भी आपको इसके इस्तेमाल की सलाह दी जाती है।

जो माताएँ दिन में एक या कम बार दूध निकालती हैं: हाथ वाला पंप

हाथ से निकाला जाने वाला पंप छोटे समय के लिए अच्छा है। जैसे जो माँ थोड़े समय के लिए अपने बच्चे को किसी देखभाल करने वाली के साथ छोड़ना चाहती हैं, तो इसका इस्तेमाल कर सकती हैं।

ये पंप कहीं भी ले जाए जा सकते हैं, ज़्यादातर सबका वज़न 2 पाउंड से कम होता है और इनकी कीमत भी एलेक्ट्रिक पंप से कम होती है, इसलिए ये काफी महिलाओं द्वार इस्तेमाल किया जाता है। कुछ महिलाओं को ये इसलिए अच्छा लगता है क्योंकि इसको कहीं भी ले जाना आसान है। कुछ महिलाओं के अनुसार हाथ वाले पंप का अनुभव काफी प्रकृतिक लगता है, और वो दूध का निकलने अपने अनुसार कभी भी बंद कर सकती हैं।

इसमें आपको एक पिस्टन पंप करना पड़ता है, जिससे दूध चूसा जाता है। इन पंप से एक स्तन एक समय में खाली होता है और आपको दोनों हाथों की ज़रूरत पड़ सकती है। हालांकि कुछ पंप आप एक हाथ से इस्तेमाल भी कर सकती हैं।

इसकी कुछ अपनी कमियाँ भी हैं, जैसे इनका इस्तेमाल काफी देरी लगाता है, और आपको काफी प्रयत्न करना पड़ता है। कुछ महिलाओं के अनुसार ये पंप इतने स्लो होते हैं की थकान ही लग जाती है, और कभी-कभी तो सही से दूध भी नहीं निकलता। कुछ माताओं के अनुसार इससे पूरी तरह से दूध नहीं निकलता, और इससे बच्चे को पूरा दूध नहीं मिलता। आपको वैसे रबर वाले पुराने मॉडल से दूर ही रहना चाहिए।

सुरक्षा के लिए ज़रूरी बातें

इस्तेमाल किया हुआ पंप ना लें: हालांकि आपको किसी से ये पंप उधार लेना आम बात लगती होगी, और आपको लगता होगा की इससे कुछ नहीं होता, लेकिन FDA ऐसा करने से सख्त मना करता है, और सभी डॉक्टर भी इसके खिलाफ ही आपको सलाह देंगे। स्तन के दूध में कई बैक्टीरिया और HIV जैसा वाइरस भी हो सकता है, और इसी वजह से इस्तेमाल किए हुए पंप से आपको ये दिक्कत हो सकती हैं, और फिर आपके बच्चे को कोई बीमारी लग सकती है। आपके द्वारा पहले इस्तेमाल किए हुए पंप का भी फिर से प्रयोग करना सही नहीं है।

कुछ पंप जो हॉस्पिटल में होते हैं वो कई बार इस्तेमाल के लिए बने होते हैं, इसमें स्तन का दूध पंप के अंदर नहीं जाता। हो सके तो आप नया पंप लाकर ही इस्तेमाल करें, और जांच करलें की कुछ गड़बड़ी ना हो।

डबल पंप की एक साइड इस्तेमाल करते हुए दूसरी साइड सील कर दें: ऐसा नहीं करने से पंप के चूसने की क्षमता कम होती है और इससे पंप धीरे-धीरे बेकार होता जाता है।

शील्ड का साइज़ अपने अनुसार चुनें: पंप के साथ जो शील्ड आती है हो सकता है वो आपके साइज़ की ना हों। दूध पंप करते हुए अपने निपल का साइज़ देखें। क्या आपका निपल लाल या सफ़ेद हो रहा है? दर्द हो रहा है? क्या सही से दूध निकल रहा है? पंप होने के बाद भी आपको लग रहा है की आपके स्तन में दूध है? अगर हाँ, तो आपको अलग शील्ड की ज़रूरत पड़ सकती है। आमतौर पर महिलाओं को पंप के साथ आने वाले साइज़ से एक साइज़ बड़ा शील्ड चाहिए होता है। कुछ ज़्यादा ही छोटी शील्ड से आपके स्तन में दर्द हो सकता है। अगर आपको अपना साइज़ डिसाइड करने में दिक्कत हो रही है तो कृपया अपने डॉक्टर से बात करें।

इस्तेमाल करने के बाद पंप के सभी हिस्से साफ करलें: ज़रूरी नहीं है की आप इन्हें दवाई से धोएँ, आपको इसे बस बर्तन धोने के साबुन और गर्म पानी से धोना चाहिए। फिर इन्हें गर्म पाने से 10-15 सेकंड के लिए धोएँ, व फिर तौलिए से इसे सूखा लें।

ट्यूब को ना धोएँ: ट्यूब को तब तक ना धोएँ जब तक उसमें दूध ना जाए। पंप करने के बाद आप ट्यूब में पानी की कुछ बूंदें देख सकते हैं। अगर ऐसा होता है पंप को शुरू कर दें और ट्यूब को सूखा दें। अगर आप ट्यूब में दूध देखें तो मैनुअल में देखें की इसे कैसे साफ करना है, और फिर से इस्तेमाल करने से पहले इसे सही से सूखने दें।