क्या आपका शरीर डिलिवरी के बाद एक्सर्साइज़ करने को तैयार हैं?

Postpartum exercises

बच्चे के पैदा होने के बाद कितनी जल्दी एक्सर्साइज़ शुरू की जा सकती है?

अमेरिका की एक बड़ी संस्था सलाह देती है की बच्चा पैदा करने के बाद यदि आपके डॉक्टर या दाई आपको एक्सर्साइज़ करने की आज्ञा दे देते हैं तो आप एक्सर्साइज़ कर सकती हैं, और आपको भी इसमें अच्छा फील होना चाहिए। वैसे आमतौर पर आपके डॉक्टर बच्चे के पैदा होने के छह हफ्ते बाद तक देखते हैं की आपकी सेहत कैसी है, और फिर वो कोई निर्णय लेते हैं।

वैसे अगर आपने प्रेगनेंसी के दौरान सही प्रकार से एक्सर्साइज़ की है और आपकी डिलिवरी भी प्रकृतिक तरीके से हुई है तो आप बच्चे को जन्म देने के कुछ दिनों बाद हल्की एक्सर्साइज़ जैसे टहलना, या योगा कर सकते हैं। आपको ये भी देखना है की आपको ये करते हुए कोई दर्द ना हो।

आपको बस इस बात का खयाल रखना है की आप कोई भी एक्सर्साइज़ को कुछ ज़्यादा ही न करें। अगर आपने प्रेगनेंसी के दौरान कोई भी एक्सर्साइज़ नहीं की तो आपको सलाह दी जाती है की कोई भी एक्सर्साइज़ करने से पहले आप अपने डॉक्टर से बात करें, और उनसे सलाह लें की कौन सी एक्सर्साइज़ आपके लिए सही है।

मैं शुरुआत किस एक्सर्साइज़ से शुरुआत करूँ?

आपको कम असर वाली एक्सर्साइज़ जैसे एरोबिक्स से शुरुआत करनी चाहिए, जैसे टहलना। जैसे जैसे आपको अपने पुरानी शक्ति मिलती है वैसे वैसे आप एक्सर्साइज़ की समय सीमा बढ़ा सकती हैं।

अगर आपका बच्चा ऑपरेशन से पैदा हुआ है तो आपको अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए, वो आपको बताएँगे की आपको कब एक्सर्साइज़ की शुरुआत करनी है। ऑपरेशन करने के बाद आपको पूरी तरह से सही होने में थोड़े हफ्ते लगते हैं, और आपको तब तक शायद खुद ही एक्सर्साइज़ करने का मन नहीं करेगा। वैसे आपको सलाह दी जाती है की आप ऑपरेशन के बाद भी थोड़ा टहलें क्योंकि इससे आप काफी तेज़ी से सही होती हैं।

अगर आपको एक्सर्साइज़ क्लास लेनी हैं तो आपको वहाँ एक्सर्साइज़ करनी चाहिए जहां डिलिवरी के बाद महिलाओं को एक्सर्साइज़ कराई जाती है। आपके शरीर को अभी सही होने की ज़रूरत है, इसलिए आपको अभी थोड़ा समय देना होगा।

क्या डिलिवरी के बाद मुझे अपनी पेट की मासपेशियों का ज़्यादा खयाल रखना है?

कई महिलाओं की पेट की मासपेशियों के बीच में थोड़ा गैप आ जाता है, क्योंकि प्रेगनेंसी में उनका पेट फैलता है। शायद ये जगह डिलिवरी के बाद पूरी तरह बंद हो जाए, लेकिन ज़्यादातर केस में इससे कोई नुकसान नहीं होता।

अपने पेट पर ज़्यादा अत्याचार न करें और काफी गहन एक्सर्साइज़ से बचें, खासकर बच्चे के पैदा होने के कुछ महीने बाद तक-ऐसा करने से आपकी मासपेशियों पर काफी असर पड़ता है इससे आपकी पेट की मासपेशियों पर विपरीत असर पड़ता है व वो तेज़ी से ठीक नहीं होती।

आप इसकी वजह अपने डॉक्टर या अपने फिटनेस कोच से पूछ सकती हैं की किस एक्सर्साइज़ से आपका पेट सही प्रकार से उभरेगा। अच्छी एक्सर्साइज़ से आपकी पीठ पर ज़्यादा असर नहीं पड़ना चाहिए।

कुछ महिलाओं के अनुसार पेट को ढकने वाले बॉडी रैप से उन्हें अपना प्रेगनेंसी से पहले वाला शरीर काफी तेज़ी से मिला, लेकिन फिटनेस एक्सपर्ट आपको इसके खिलाफ सलाह देते हैं। एक फिटनेस एक्सपर्ट कैथरीन क्रैम के अनुसार अपने पेट को किसी चीज़ से टाइट से ढकने पर आप उन मसल को सही प्रकार से काम करने से दूर रखते हैं, और इससे वो मसल या मासपेशियाँ कमजोर पड़ सकती हैं।

क्या एक्सर्साइज़ करने से मेरे स्तनपान पर असर पड़ेगा?

नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर आप सही मात्रा में पानी पी रही हैं, तो आपको थोड़ी मुश्किल एक्सर्साइज़ भी कोई परेशानी नहीं दे सकती, या कह सकते हैं की इससे आपके दूध पिलाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन आपको वो एक्सर्साइज़ नहीं करनी है जिससे आपके स्तन में दर्द होता है।

आपको एक्सर्साइज़ करते हुए एक सपोर्टिव ब्रा पहननी चाहिए, और आपको एक्सर्साइज़ करने से पहले ही अपने बच्चे को दूध पिला देना चाहिए जिससे आपको एक्सर्साइज़ करते हुए कोई दिक्कत न हो। अगर आपके स्तन में एक्सर्साइज़ करते हुए दर्द हो तो आपको दो फिटनेस ब्रा पहननी चाहिए, ताकि आपको थोड़ा ज़्यादा सपोर्ट मिले।

क्या कुछ ज़्यादा एक्सर्साइज़ करने से शरीर कोई संकेत देता है?

बच्चे के पैदा होने के एक हफ्ते के अंदर कुछ ज़्यादा ही एक्सर्साइज़ करने से आपको निम्न शारीरिक संकेत दिख सकते हैं। आपको निम्न स्थिति में डॉक्टर को फोन करना है:

अगर आपकी योनी के द्रव का रंग लाल हो जाए और ये कुछ ज़्यादा ही निकले

खून बार-बार निकलता रहे

यदि आपको एक्सर्साइज़ करते हुए जोड़ों, मसल या कहीं और ज़्यादा ही दर्द हो।

नीचे वाली स्थिति में थोड़ा रुक जाएँ और फिर एक्सर्साइज़ करें:

अगर आपको अच्छा लगने की जगह थोड़ी थकान लगे

एक्सर्साइज़ करने के बाद आपकी मासपेशियों में कुछ ज़्यादा ही देर के लिए दर्द हो, आपको चलने में थोड़ी दिक्कत हो। थोड़ी सी मसल कांपें।

अगर सुबह उठकर आपकी धड़कन सामान्य से थोड़ी तेज़ चल रही हों। आपको सुबह उठने से पहले अपनी शरीर की धड़कन को ढंग से देखना है, इससे आपकी सेहत का पता चलता है। अगर धड़कन कुछ ज़्यादा है तो इसका मतलब है की आप थोड़ा ज़्यादा ही एक्सर्साइज़ कर रही हैं और आपको आराम करने की ज़रूरत है।

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