पहली तिमाही: प्रसव पूर्व दूसरी बार डॉक्टर से मिलना

2nd prenatal visit

पहली तिमाही: प्रसव पूर्व दूसरी बार डॉक्टर से मिलना

आज आपके डॉक्टर आपकी और आपके बच्चे की प्रोग्रैस देखेंगे, और फिर आपका स्क्रीनिंग टेस्ट हो सकता है। इसका मतलब है की आप आज अपने बच्चे को देख पाएँगी। डॉक्टर आपके प्रेगनेंसी से जुड़े सभी सवालों के जवाब भी देंगे। इस समय आपके गर्भपात का खतरा टल गया है, इसलिए आपको अब अपनी प्रेगनेंसी के बारे में सबको बता ही देना चाहिए।

क्या उम्मीद की जाए

आज आपका स्क्रीनिंग टेस्ट होगा, जिससे आपके डॉक्टर देखेंगे की बच्चे में कोई क्रोमोसोम की विकारता तो नहीं है। कई प्रकार के टेस्ट से इसका पता चलता है। आपके डॉक्टर इस बात का फैसला करेंगे की आपके लिए कौनसा टेस्ट अच्छा है। आपको अगर कोई टेस्ट नहीं देना है तो आप इस बारे में फैसला ले सकते हैं।

अगर आप टेस्ट के लिए जाती हैं तो आपका अल्ट्रासाउंड भी होगा, यहाँ डॉक्टर बच्चे की गर्दन के पीछे वाले भाग के मोटापे का पता लगाएंगे। आपका आज ब्लड टेस्ट भी होगा। इन दोनों टेस्ट के रिज़ल्ट से पता चलेगा की आपके बच्चे में डाउन सिंड्रोम व ट्रिसोमी 18 तो नहीं है, ट्रिसोमी 18 मतलब अतिरिक्त क्रोमोसोम 18, इससे जन्म में विकारता आती है, और दिमाग पर भी असर पड़ता है।

अगर आपका टेस्ट नॉर्मल नहीं है तो आपको थोड़ा चेतावनी जैसा महसूस हो सकता है, लेकिन रिज़ल्ट से इतना नहीं डरना चाहिए। ज़्यादातर केस में रिज़ल्ट कैसा भी रहे, पर बच्चा काफी स्वस्थ पैदा होता है। अगर कुछ बड़ा रिस्क दिख रहा है तो आपके डॉक्टर आपको 20वें हफ्ते में फिर से अल्ट्रासाउंड करवाने की सलाह दे सकते हैं। या वो आपको एम्निओसेंटीसिस या सीवीएस टेस्ट लेने की सलाह दे सकते हैं। अगर आपके डॉक्टर आपको सीवीएस टेस्ट लेने को बोलते हैं तो आपको ये जल्द से जल्द लेना चाहिए, इसलिए अपने डॉक्टर से पूछें की आपको ये टेस्ट कब लेना है।

आपको इस समय डॉक्टर ये बातें भी पूछेगा:

वो आपसे आपका ब्लड प्रैशर और वज़न भी पूछेगा

वो आपके बच्चे की धड़कन को देखेंगे। इस समय आप पहली बार बच्चे की धड़कन को सुनने में सफल हो पाएँगी।

वो आपको आपका यूरिन सैंपल छोड़ने के लिए कहेंगे ताकि पता लगे की शुगर और प्रोटीन लेवल कितना है। शुगर के अधिक होने से हो सकता है की आपको गर्भावस्था की डायब्टीस हो। ज़्यादा प्रोटीन होने से आपको किडनी या पेशाब के थैली में इन्फ़ैकशन हो। आपकी प्रेगनेंसी में बाद में ज़्यादा प्रोटीन का मतलब प्रीक्लेम्सिया हो सकता है।

इन बातों को पूछें:

आपके डॉक्टर आपकी सेहत के बारे में पूछेंगे, वो आपसे आपकी दिनचर्या, तनाव का स्तर पूछेंगे ताकि उन्हें पता लग सके की आपके बच्चे पर आपके स्वास्थ का क्या असर पड़ सकता है। आपको नीचे दी गई चीज़ें पूछनी ही चाहिए:

आप अपने खाने में क्या बदलाव करके अपने बच्चे को ज़्यादा से ज़्यादा पोषण दे सकती हैं। इसमें सब्जी, फल ज़्यादा खाना और बाहरी खाना कम खाना शामिल है। आपको इस समय ज़्यादा फाइबर वाला खाना लेना है।

आपके सोने की आदत, जैसे आपको कब सोना है और कितने समय के लिए सोना है।

आपको अपने वज़न के बारे में पूछना है की कहीं वो कुछ ज़्यादा तो नहीं बढ़ रहा है।

आपको इस समय अपनी जॉब या वहाँ के तनाव के बारे में बात करनी चाहिए।

अपने डॉक्टर से पूछें:

क्या अभी सबको प्रेगनेंसी के बारे में बताने का समय आ गया है?

आइरन सप्लिमेंट से कब्ज़ हो रही है, क्या किया जाए?

क्या किसी खास मुद्रा में सोना चाहिए?

अगर खून या अलग द्रव निकले तो मुझे आपको फोन करना है?

प्रेगनेंसी से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारी एंगों हेल्थ एप यहाँ डाउनलोड करें।