Early signs of pregnancy

यदि आपका कोई पीरियड छूट गया हो तो ये प्रेगनेंसी का सबसे पहला संकेत है। लेकिन पीरियड ज़्यादा भरोसे वाले नहीं होते हैं और बिना किसी चेतावनी के ये देर हो सकते हैं। प्रेगनेंसी का पहला संकेत 6वें हफ्ते के पास दिखाई देता है, और इस समय ही घरेलू प्रेगनेंसी किट के प्लस साइन से इसकी पुष्टि होती है।

इन संकेतों की शुरुआत और गहनता हर किसी के अनुसार अलग-अलग होती है, लेकिन नीचे दिए गए कुछ संकेत काफी कॉमन हैं(लेकिन सभी महिलाएं इन्हे महसूस नहीं करती हैं)

खाने से घृणा

प्रेगनेंसी की शुरुआत में खाने से दूर जाना कोई असाधारण बात नहीं है। यह गर्भधारण करने के दूसरे हफ्ते ही शुरू हो सकता है। इस समय आपके कुछ पसंदीदा खाने आपको बुरे लग सकते हैं। हालांकि इसका असली कारण किसी को नहीं पता है, ऐसा कहा जाता है की एस्ट्रोजन की बढ़ी हुई मात्रा से ये होता है।

क्या किया जाए?

कई महिलाओं को नींबू और अदरक से राहत मिलती है। अगर खाने से घृणा कुछ ज़्यादा ही बढ़ जाए तो अपने डॉक्टर से मिलें।

पेट में सूजन

यह प्रोजेस्ट्रोन की वजह से होता है, जो आपके पाचन तंत्र को धीमा कर देते हैं, इससे खट्टी डकार और कब्ज़ हो जाता है। आपको पेट के आस-पास थोड़ा मोटापा लग सकता है, और आपकी फेवरेट जींस भी आपको फिट नहीं आएगी। इसके साथ पीठ का दर्द और एठन और आपको PMS फील हो सकता है।

क्या किया जाए?

अगर भयंकर दर्द ना हो तो कुछ ना करें, खून निकलने पर भी एक्शन लिया जाना चाहिए।

मूड का बदलना

क्या बिना किसी बात के गुस्सा और टीवी सिरियल देखने के बाद रोना आ रहा है? चिंता मत करें प्रेगनेंसी किस शुरुआत में मूड चेंज होना बड़ी बात नहीं है। आपके शरीर में काफी हार्मोन्स बनते हैं इसलिए आप इसके अनुसार खुद को एडजस्ट करते हैं। सबको इस समय अलग महसूस होता है, और आपको अच्छा और बुरा दोनों लग सकता है।

क्या किया जाए?

बस इस बात का ध्यान रखें की आपको और आपके आस-पास के लोगों खासकर आपके पति को इसके बारे में पता हो, इससे उन्हे आपको सपोर्ट करने में मदद होगी। हालांकि अगर आपको लंबे समय के लिए डिप्रेशन लगे तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।

लगातार पेशाब जाना

आप ये सोचती होंगी की लगातार पेशाब जाने की समस्या प्रेगनेंसी की बाद की स्टेज में होती होगी, लेकिन ये पहली तिमाही के छटे हफ्ते शुरू हो जाता है। ऐसा आपकी किडनी में बढ़े हुए खून के संचार की वजह से होता है, इससे और पेशाब करने का मन करता है। ये प्रेगनेंसी के साथ बढ़ता ही रहेगा। इस समय खून काफी मोटा हो जाता है जिससे किडनी में ज़्यादा खून पर काम चलता है। और फिर गर्भाशय आपकी थैली पर दबाव बनाता है और आपको टॉइलेट जाना पड़ता है।

क्या किया जाए?

काफी तरल पदार्थ लें। हाँ, आपको लग सकता है की इससे हालात और बिगड़ जाएंगे, पर लेकिन प्रेगनेंसी में बड़ी मात्रा में तरल पदार्थ लेने चाहिए। अगर पेशाब करते हुए आपको कोई जलन या खुजली हो तो अपने डॉक्टर से मिलें।

थकान

क्या थकावट ही रहती है? टीवी देखते हुए नींद आ जाती है? किसी को नहीं पता ऐसा क्यों होता है, लेकिन पहली तिमाही में ऐसा होता है। प्रोजेस्ट्रोन की वजह से ऐसा हो सकता है, क्योंकि ये आपको धीमा करते हैं। रात को बार-बार पेशाब जाना और जी मिचलने से भी आलस आता है।

क्या किया जाए?

प्रसव के पूर्व वाले विटामिन ज़रूर लें, एक संतुलित आहार लें, काफी तरल पदार्थ लें, हमेशा चुस्त रहें और सही टेस्ट लेना ना भूलें। वैसे ये दिक्कत दूसरी तिमाही में अपने आप सही हो जाती है।

सर में दर्द

कुछ महिलाओं को ज़्यादा ही सर में दर्द होता है। ऐसा बढ़े हुए हार्मोन, और शरीर में पानी की मात्रा कम लेने से होता है।

क्या किया जाए?

वैसे ज़्यादातर सर में दर्द इतना भयंकर नहीं होता, लेकिन अगर आपको कोई दवाई लेनी है तो अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें।

जी मिचलना

कुछ महिलाओं को दूसरे महीने से ये समस्या आती है तो कुछ को शुरुआत से ही ये समस्या आ सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस समय पेट ढंग से खाना नहीं पचा पाता और उल्टी करने का मन करता है। इसका दूसरा कारण HCG हार्मोन हो सकता है, ये हार्मोन आपके खून और पेशाब में आपके पहले पीरियड मिस करने से पहले से रहता है। एक थियरि के अनुसार जी मिचलने और खाने से घृणा नैचुरल है और इससे आपके शरीर की उन खानों से रक्षा होती है जो आपके बच्चे पर असर कर सकते हैं।

क्या किया जाए?

कुछ डॉक्टर जी मिचलने से बचने के लिए विटामिन B6 सप्लिमेंट देते हैं। अगर आपके पेट में उल्टी की वजह से कुछ टिक नहीं रहा है तो अपने डॉक्टर से बात करें।

शरीर का ज़्यादा तापमान

एक नियम के अनुसार अगर आप अपनी नीचे की बॉडी का तापमान देख रही होंगी और ये आपको दो हफ्तों तक बढ़ा हुआ दिखे तो आप प्रेगनेंट हो सकती हैं।

क्या किया जाए?

घर में प्रेगनेंसी किट लाएँ और देखें क्या हुआ है, खबर पॉज़िटिव होने के काफी चान्स हो सकते हैं।

कम खून निकलना

उपजाऊ अंडे अपने आपको गर्भाशय की लाइनिंग में गर्भधारण के 6-12 दिनों बाद स्थापित कर लेते हैं। इससे थोड़ा खून निकल सकता है। इसमें कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन अगर आप प्रेगनेंट होने की कोशिश कर रही हैं या आपको शक है की आप प्रेगनेंट हैं तो आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए। ज़्यादा खून निकलने से आपका गर्भपात भी हो सकता है।

क्या किया जाए?

कई महिलाओं को थोड़े खून निकलने और पीरियड में कन्फ़्युशन हो जाता है। हालांकि अगर ये कुछ ज़्यादा ही हो तो अपने डॉक्टर से मिलें।

स्तन में दर्द

ये प्रेगनेंसी में काफी आम संकेत है, ऐसा हार्मोन्स के बढ्ने की वजह से होता है। बढ़े हुए हार्मोन्स की वजह से स्तन में ज़्यादा द्रव इकट्ठा होता है, और वहाँ दर्द भी होता है।

क्या किया जाए?

एक सहज सीनाबंद या चोली ले लें। ये पूरी प्रेगनेंसी में काफी काम आती है।