क्या पनीर की खुशबू से आपका दिमाग खराब हो रहा है? जानिए प्रेगनेंसी में जी मिचलने की समस्या से कैसे बचना है

जी मिचलने की समस्या प्रेगनेंसी के छटे हफ़्ते से शुरू हो सकती है पर ये चौथे हफ़्ते से भी शुरू हो सकती है। हालांकि जी मिचलने की समस्या से 14वें हफ्ते में निजात मिल जाता है, पर किसी को एक महिना फालतू लगता है।

प्रेगनेंसी में जी मिचलने की समस्या होती क्यों है?

हार्मोनल बदलाव: इस समय काफी हार्मोनल बदलाव होते हैं। किसी को नहीं पता की इन हार्मोन्स से जी क्यों मिचलता है पर ये साबित हो गया है की इन हार्मोन्स के विकसित होने पर आपको जी मिचलने की समस्या होती है।

गंध को लेकर संवेदनशीलता: इस समय आपको काफी दूर से गंध आ सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि कुछ गंध हमें इस समय ज़्यादा ही चुभती हैं।

तनाव: कुछ स्टडी से ये भी पता चला है की महिलाओं को तनाव की वजह से उल्टी और जी मिचलने की समस्या होती है। हालांकि इसका कोई ठोस सुबूत नहीं है।

अगर जी नहीं मिचल रहा हो इसका मतलब गर्भपात है?

कई डॉक्टर जी मिचलने की समस्या को काफी अच्छा मानते हैं, क्योंकि उनके अनुसार इसका अर्थ है गर्भनाल का सही प्रकार से बढ़ना। लेकिन ज़रूरी नहीं है की सबको जी मिचलने की समस्या हो। आपको ज़्यादा चिंता नहीं करनी है। कई महिलाओं को पूरी प्रेगनेंसी में जी मिचलने की समस्या नहीं हुई पर उनकी डिलिवरी काफी अच्छी रही। इसलिए ज़्यादा चिंता ना करें।

जी मिचलने से ऐसे बच सकते हैं:

इस समय कम भोजन दिन में कई बार करें, नॉर्मल तीन बार खाने से बचें

खाने के बाद लेटने से बचें

उस खाने से दूर रहें जिससे आपको उल्टी आती हो

आपने खाने को ठंडा ही खाएं क्योंकि जब खाना गरम होता है तब उसमें ज़्यादा अरोमा होता है।

आपको नियमित रूप से द्रव लेना होगा खासकर अपने खाने के बीच में। आप इस समय जूस भी पी सकती हैं।

इस समय एक्सर्साइज़ करना और टहलना काफी फायदेमंद होता है।

जब भी मन करे सो जाएँ क्योंकि थकान में आपके जी मिचलने की समस्या काफी गंभीर हो सकती है।

एरोमाथेरेपी लें, क्या पता इससे आपको मदद ही मिल जाए।