प्रसव पूर्व पहली बार डॉक्टर से मिलना

Prenatal visit

मुझे पहली बार डॉक्टर से क्यों मिलना चाहिए?

जैसे ही आपको पता चले की आप प्रेगनेंट हैं वैसे ही आपको अपने डॉक्टर से मिलने के लिए अपोइंटमेंट लेनी चाहिए।

अगर आपने अभी तक नहीं सोचा की आप किस डॉक्टर/नर्स को दिखाने वाली हैं, तो इसका समय आ गया है, क्योंकि पूरी प्रेगनेंसी में आपको इस डॉक्टर की ज़रूरत पड़ेगी ही। आप अपना डॉक्टर बाद में वैसे बदल भी सकती हैं, इसलिए अभी इस बारे में ज़्यादा टेंशन ना लें।

ज़्यादातर कई डॉक्टर आपको तब मिलेंगे जब आठ हफ्तों की गर्भवती हो जाएंगी। कुछ आपसे थोड़ा जल्दी मिलेंगे, यदि आपको कोई मेडिकल से जुड़ी दिक्कत है तो आपके डॉक्टर आपसे जल्दी मिल सकते हैं। इन दिक्कत में योनी से खून निकलना, पेट में दर्द, और कुछ ज़्यादा ही उल्टी होना शामिल है।

अगर आप कोई दवाई इससे पहले से ले रही हैं तो अपने डॉक्टर को इसके बारे में ज़रूर बताएं, और पूछें की क्या ये दवाई आप अब भी ले सकती हैं या नहीं।

आप पहली बार डॉक्टर से काफी समय बाद मिलेंगी, अगर आपको कोई दिक्कत आई तो आपके डॉक्टर आपको समय से पूर्व मिल सकते हैं। इस समय और बाद में ज़्यादा डरे नहीं, और अपने डॉक्टर हर चीज़ के बारे में खुलके बातें करें। अगर आपको कुछ पूछना है तो उसकी एक अच्छी सी लिस्ट भी बना लें।

डॉक्टर आपसे निम्न चीज़ें पूछ सकते हैं:

आपके कुछ मुद्दे

क्या आपकी महावारी की साइकिल आम है, या नहीं?

आपके आखरी पीरियड का आखरी दिन कब था, इससे वो बता पाएंगे की आपकी डिलिवरी डेट कब होगी।

आपके आखरी पीरियड से आपने कोई लक्षण या दिक्कत तो नहीं देखी

आपको कोई सेक्स से जुड़ी बीमारी तो नहीं

आपकी पिछली प्रेगनेंसी से जुड़ी डिटेल्स

आपकी मेडिकल हिस्ट्री

आप पहले कौनसी दवाई लेती थी

दवाई से जुड़ी कोई एलर्जी

मनोविज्ञान से जुड़ी कोई दिक्कत

पहले कोई ऑपरेशन या हॉस्पिटल में भर्ती होने का इतिहास

आदतें जो आपकी प्रेगनेंसी पर असर डाल सकती हैं

धूम्रपान

शराब पीना

कोई और ड्रग्स का इस्तेमाल करना

आपके परिवार की मेडिकल हिस्ट्री

क्या आपके किसी भी परिवार के सदस्य को कोई भी गंभीर बीमारी रही है।

आनुवांशिक दिक्कत

क्या आपको, बच्चे के पिता को या उनके परिवार के किसी सदस्य को क्रोमोसोम से जुड़ी कोई दिक्कत या आनुवांशिक विकारता तो नहीं है, या पहले आपके बच्चे में कोई दिक्कत रही है?

अगर आपको कोई दाद, या इन्फ़ैकशन हुआ हो, तो इसकी जानकारी भी अपने डॉक्टर को ज़रूर दें।

प्रसव पूर्व आनुवांशिक टेस्ट के बारे में जानें

आपके डॉक्टर आपको कई प्रकार के स्क्रीनिंग टेस्ट ऑफर करेंगे, जो आपको बताएँगे की आपके बच्चे को डाउन सिंड्रोम हो सकता या अन्य कोई क्रोमोसोम से जुड़ी दिक्कत, या कोई जन्म विकार।

आपकी पहली तिमाही में आपको 9-13 हफ्तों के बीच ब्लड टेस्ट लेने के लिए कहा जा सकता है। अगर आपके एरिया में न्यूकल ट्रेंसलुसेंसि स्क्रीनिंग मौजूद है तो ये आपको 11 से 13 हफ्ते के बीच लेने के लिए कहा जाएगा, एक प्रकार का अल्ट्रासाउंड। साथ में ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड को ही स्क्रीनिंग टेस्ट कहते हैं।

अगर आपके बच्चे के आनुवांशिक दिक्कत के साथ पैदा होने के चान्स ज़्यादा होते हैं तो नोनिनवेसिव प्रीनेटल टेस्टिंग एनआईपीटी लेने को कहा जाएगा, वो भी पहली तिमाही में। यह वो ब्लड टेस्ट है जिससे डाउन सिंड्रोम का पता चलता है और इससे अन्य क्रोमोसोम से जुड़ी दिक्कत का भी प्रेगनेंसी के दसवें हफ्ते में पता चलता है।

अगर आपने ये नहीं लिया है तो आपको केरियर स्क्रीनिंग टेस्ट लेना होगा। यह एक सिम्पल खून और लार का टेस्ट है जिसमें पता चलता है की बच्चे को 100 आनुवांशिक विकारों में से कोई होने का रिस्क है या नहीं, जैसे सिस्टिक फिब्रोसिस, कोशिका की बीमारी आदि।

फिर अंत में आपको आनुवांशिक परख टेस्ट दिया जाएगा, जिससे पता चलता है की बच्चे को डाउन सिंड्रोम है या नहीं, या उसे असल में कोई दिक्कत है, अगर हाँ तो ये दिक्कत कौन सी है। इन टेस्ट में कोरिओनिक विलस सैंपलिंग सीवीएस होता है, जो आमतौर पर 10 से 12 हफ्ते में होता है, और एम्निओसेंटीसिस भी किया जाएगा जो 16 से 20 हफ्ते के बीच होता है।

सीवीएस और एम्निओसेंटीसिस में थोड़ा गर्भपात का खतरा रहता है, इसलिए जो महिलाएं इन टेस्ट को करवाती हैं उन्हें इस बात की जानकारी रहती है की शायद उनके बच्चे को आनुवांशिक या क्रोमोसोम से जुड़ी समस्या हो। कुछ महिलाएं दोनों में से कोई भी टेस्ट करवाने से पहले अपने स्क्रीनिंग टेस्ट के रिज़ल्ट आने का इंतज़ार करती हैं।

अगर आपको इससे जुड़ी और भी जानकारी लेनी है तो आपको एक आनुवांशिक सलाहकार से बात करनी चाहिए। वो आपको इस बारे में बताएँगे की आपको क्या टेस्ट कब लेना है। वैसे हम आपको बताना चाहेंगे की सीवीएस और एम्निओसेंटीसिस दोनों ही टेस्ट में गर्भपात का खतरा होता है ये एक धारणा बन गई है। कुछ अध्यन के अनुसार इस बात में कोई भी सच्ची नहीं है, आजकल इन दोनों टेस्ट में भी गर्भपात की दर काफी कम है। वैसे भी महिलाओं को गर्भपात होते ही हैं, इसलिए पता लगा पाना की गर्भपात की वजह से हुआ काफी मुश्किल है। आपको सीवीएस और एमनिओ लेने से पहले उस सेंटर के बारे में ढंग से जान लेना चाहिए जो ये टेस्ट करता हो, पता करें की यहाँ गर्भपात की दर क्या है, और यहाँ के डॉक्टर को कितना अनुभव है।

आपकी जांच करेंगे और आपको थोड़े टेस्ट लिख सकते हैं

कुछ डॉक्टर आपकी पहली मुलाक़ात में ही आपका अल्ट्रासाउंड करेंगे। लेकिन अगर आपको कोई मेडिकल से जुड़ी दिक्कत नहीं है तो शायद आपका अल्ट्रासाउंड ही भी नहीं। नीचे दी गई चीज़ें होती हैं:

पूरे शरीर की जांच

श्रोणि की जांच, इसमें पेप स्मीयर भी होता है देखने के लिए कोई विषम कोशिका तो नहीं है, जिससे सर्विकल कैंसर का पता चलता है।

आपकी पेशाब का टेस्ट हो सकता है, देखने के लिए की कहीं आपको पेशाब की थैली का इन्फ़ैकशन तो नहीं है।

आपके डॉक्टर आपका ब्लड टेस्ट भी करेंगे:

आपके खून का प्रकार देखने और Rh स्टेटस देखने के लिए

सीफ़िलिसिस, हेपेटाइटस बी, और खसरे की जांच के लिए टेस्ट

प्रतिरोधक क्षमता का टेस्ट देखने के लिए चेचक तो नहीं है, यदि आपने इस वाइरस के विरोधी टीके लिए हैं तो आपको इसका खतरा नहीं होता है।

आप एक स्क्रीनिंग टेस्ट के लिए भी अनुरोध कर सकती हैं देखने के लिए की आपके पास कमव के लिए एंटीबॉडी है या नहीं। सीएमवी यानि कमव आपके बच्चे के लिए खतरनाक हो सकता है, और आप इससे बचने के लिए अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं, आप उनसे पूछ सकती हैं की इस वाइरस से कैसे बचना है। यदि आपका बच्चे की देखभाल शिशुग्रह में होती है तो आपको अपने बच्चे का और भी खयाल रखने की ज़रूरत है, क्योंकि उसे ये वाइरस किसी और बच्चे से मिल सकता है।

अगर आपको गर्भावस्था की डायब्टीस होने का ज़्यादा खतरा होता है तो आपका ग्लूकोज़ टेस्ट हो सकता है, वो भी पहली मुलाक़ात में ही। आपके डॉक्टर आपकी त्वचा का टेस्ट भी करेंगे देखने के लिए की कहीं आप छः रोग के संपर्क में तो नहीं आए।

आपको सलाह देने और बताएँगे की आगे क्या होने वाला है

आपके डॉक्टर आपको सही आहार, क्या खाना नहीं लेना है, सही वज़न, और प्रसव पूर्व के विटामिन लेने का महत्व समझाएँगे। आपको डॉक्टर ये बताएँगे की शुरुआत में आपको क्या दिक्कत आ सकती है, और क्या प्रेगनेंसी के लक्षण होते हैं। वो आपको ये भी बताएँगे की प्रेगनेंसी में कौन से लक्षण आम नहीं माने जाते हैं।

आपकी भावुकता से जुड़ा स्वास्थ भी काफी इंपोर्टेंट है। आपके डॉक्टर आपको देखकर बताएँगे की आपको प्रेगनेंसी में डिप्रेशन के कोई लक्षण तो नहीं है। लेकिन इस बारे में अपने आप ही डॉक्टर से बात करें। अगर आपको व्याकुलता या अवसाद यानि डिप्रेशन लग रहा है तो आप उनको इसकी जानकारी दे सकती हैं, वो आपको किसी अच्छे सलाहकार के पास भेज सकते हैं।

आपके डॉक्टर आपसे धूम्रपान, शराब, ड्रग्स, और कुछ निश्चित दवाइयों के सेवन से जुड़े नुकसान के बारे में बात कर सकते हैं। अगर आपको शराब या धूम्रपान छोड़ने में दिक्कत आ रही है तो अपने डॉक्टर से इस विषय में मदद लें।

आपके डॉक्टर आपको ये भी बताएँगे की आपको प्रेगनेंसी में एक्सर्साइज़, यात्रा, और सेक्स से जुड़ी क्या चीज़ें करनी है और क्या नहीं। वो आपको ये भी बताएँगे की आप कैसे किसी इन्फ़ैकशन से बच सकती हैं।

अगर फ्लू का मौसम चल रहा है तो आपके डॉक्टर आपको फ्लू शॉट लेने के लिए कहेंगे।

इसके बाद आप अगली मुलाक़ात प्लैन करेंगी, जो अब से चार हफ्ते बाद होनी चाहिए।

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