इन 12 तरीकों से आप अपने बच्चे से जुड़ सकती हैं

Bonding with your baby

सभी प्रेगनेंसी और गर्भवती महिलाएं अलग होती हैं। प्रेगनेंसी में कोई भी भाव नॉर्मल नहीं माने जाते हैं। कुछ महिलाएं अपनी प्रेगनेंसी कि शुरुआत से ही अपने बच्चे से रिश्ता बना लेती हैं, तो कुछ महिलाओं को ये संबंध बनाने में थोड़ा ज़्यादा समय लग जाता है।

इस बारे में कई महिलाएं खुलकर बात नहीं कर पाती, लेकिन ज़्यादातर महिलाओं के लिए प्रेगनेंसी में अपने बच्चे से जुड़ पाना उतना आसान नहीं होता। अगर ये आपकी पहली प्रेगनेंसी है तो आपको अपने बच्चे कि गतिविधि कुछ ज़्यादा ही जल्दी महसूस होगी। अगर आपका पहले गर्भपात हुआ हुआ है तो फिर से प्रेगनेंसी में सकारात्मक सोचना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, और इसी वजह से आप मानसिक रूप से अपने बच्चे से बंधन नहीं बना पाती हैं।

या शायद हो सकता है कि आप अपना समय ले रही हों। प्रेगनेंसी काफी असुविधा वाला समय हो सकता है और कई भावनाओं कि वजह से आप अपने बच्चे से बंधन बनाने में परेशानी का सामना कर सकती हैं। जैसे ही आप अपनी डेट कि ओर बढ़ती हैं वैसे ही आप चिंता कि वजह से अपने बच्चे से बंधन बनाने में दिक्कतों का सामना कर सकती हैं।

पेट में मौजूद अपने बच्चे के साथ बंधन बनाना

इन तरीकों से आपकी मदद हो सकती है:

पहला तरीका: अपनी आवाज़ का इस्तेमाल करें

जब आपका बच्चा जन्म लेता है तब वह आपकी आवाज़ को पहचान सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बच्चा पेट से ही आपकी आवाज़ सुनता रहा है और उसे इसकी आदत पड़ जाती है। इसलिए आपको हर दिन अपने बच्चे से बात करनी चाहिए, ये सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन ऐसा करना ही सही है। आप देखेंगी कि बच्चा आपकी बात पर प्रतिक्रिया दे सकता है। अगर आपको बात करना थोड़ा अटपटा लगे तो आप अपने पेट के पास गाना गा सकती हैं।

दूसरा तरीका: वापिस से धक्का मारना

पेट में आपका बच्चा बस लात और धक्का मारकर संपर्क कर सकता है। आपने देखा होगा कि बैठने पर आपका बच्चा काफी एक्टिव हो जाता है, जब भी आपका बच्चा लात मारे तब आपको भी आराम से वापिस मारना चाहिए। आप अपने पेट पर गतिविधि कि जगह अपना हाथ भी फहरा सकती हैं।

तीसरा तरीका: बच्चे कि फोटो

एक वजह से आपका अपने बच्चे से बंधन नहीं बनता और वो है आपको कुछ नहीं पता कि वो कैसा दिखाई देता है। भले ही बच्चा पेट में बढ़ रहा हो, लेकिन आपको हर दिन लग सकता है कि आपके पेट में कैसा बच्चा होगा। इसके लिए आप अपने बच्चे कि अल्ट्रासाउंड फोटो को फ्रेम करवाके अपने टेबल पर रख लें और दिन में कई बार उसे देखने कि कोशिश करें।

चौथा तरीका: योगा करें

प्रसव के पूर्व योगा करने से आपको अपनी प्रेगनेंसी पर ध्यान देने का मौका मिलता है। योगा मास्टर आपको बताएँगे की किस मुद्रा में प्रेगनेंसी के अंदर कितना महत्व है, और इसे करने से आपको प्रेगनेंसी में क्या फायदे होंगे। आपको रिलेक्स करने और अपने बढ़ते हुए बच्चे पर फोकस करने का समय भी दिया जाएगा, काम में आप ये सब करने में सक्षम नहीं हो पाएँगी। और इसी समय आप बच्चे से अच्छे तरीके से जुड़ सकती हैं। योगा से डिप्रेशन और प्रेगनेंसी में होने वाली बेचैनी भी सही होती है।

पांचवा तरीका: अपने पति को भी सम्मिलित करें

आप ही केवल ऐसी इंसान नहीं हैं जो अपने बच्चे के साथ एक जुड़ाव बनाना चाहती हैं, आपके पति भी बच्चे से जुड़ना चाहते हैं। जब भी आपको बच्चे की किक महसूस हो तब अपने पति का हाथ अपने पेट पर रखे दें, ताकि वो भी बच्चे की गतिवधि सुन सकें, और उन्हें अपने पेट को मसलने भी दें। वो बच्चे के लिए किताबें भी पढ़ सकते हैं। इससे आप अपने बच्चे और अपने पति दोनों से काफी अच्छा रिश्ता बनाएँगी व बच्चे के पिता को भी काफी अच्छा लगेगा।

छटा तरीका: बच्चे के लिए कुछ बनाएँ

अपने बच्चे के लिए गिफ्ट बनाने में आप थोड़ा समय लगाएँ। आप बच्चे को कैसे चद्दर ओढ़ाना है इसकी प्रैक्टिस कर सकती हैं। उसके लिए कुछ अच्छी सी पेंटिंग रख सकती हैं। अगर आपने पहले कभी ऐसा कुछ नहीं किया है तो आसान चीज़ से शुरू करें। आप अपनी यादों को भी लिख सकती हैं, और बाद में बच्चे को ये सभी बातें सुना सकती हैं, ये बच्चे से आपका रिश्ता अच्छा करेगा। आप बच्चे के पाँव के निशान भी फ्रेम करवा सकती हैं।

सातवाँ तरीका: अपने पेट की फोटो लें

प्रेगनेंसी के बाद न सिर्फ ये फोटो आपकी हसीन यादें बन जाएंगी बल्कि इससे आप प्रेगनेंसी में अपने बढ़ते हुए बच्चे पर भी ध्यान दे पाएँगी। हर हफ्ते अपनी फोटो लेने के लिए समय निर्धारित कर लें। हर हफ्ते की फोटो की तुलना करके आप देख सकती हैं की बच्चा कितनी तेज़ी से बढ़ रहा है और आप कैसे वज़न बढ़ा रही हैं। इससे आपको लगेगा की आप सही में माँ बनने जा रही हैं। प्रेगनेंसी के अंत में यदि आप किसी पेशेवर फोटोग्राफर को हायर करना चाहती हैं तो आप ऐसा कर सकती हैं, ऐसा करने से आपको काफी अच्छा महसूस होगा। इस समय आप अपने पार्टनर या अकेले ही खुदकी फोटो खिंचवा सकती हैं, ये फोटो बाद में आपके लिए किसी खजाने से कम नहीं होगा।

आठवां तरीका: थोड़ा आराम करलें

जी हाँ बच्चे के आने से पहले आपको काफी काम करना है, पर लेकिन आपको ये सब एक ही दिन में नहीं करना है। प्रेगनेंसी में आपको ज़्यादा से ज़्यादा आराम लेने की ज़रूरत है, आप जो भी कर रही हैं उसमें ज़्यादा तेज़ी ना लाएँ, और अपने शरीर की आवाज़ सुनें। हर दिन कुछ समय निकालें और बैठकर अपनी प्रेगनेंसी के बारे में सोचें, इस समय बस सोचें, कुछ करे नहीं।

आप टहलते हुए भी ये कर सकती हैं। घर के कामों में जहां भी आपको मदद मिल सकती है आप उसे ले लें, और ज़्यादा ना सोचें। मदद लेने से आपका काफी काम आसान हो जाता है, लोग मदद को सही में देना चाहते हैं, किसी का इसमें कोई मकसद नहीं होता है।

नौवा तरीका: कुछ लिखें

प्रेगनेंसी से जुड़ी सभी बात लिखने के लिए एक लेख पर आप विचार कर सकती हैं। आपके मन में जो आए लिख दें, और इस बारे में ज़्यादा ना सोचें। इस समय आप अपने शरीर के बारे में क्या सोचती हैं और जो भी चिंताएँ हैं आप उनके बारे में भी लिख सकती हैं। इससे पता चल सकता है की आपको बेचैनी की कोई समस्या है या नहीं।

दसवां तरीका: माताओं के साथ बात करें

अगर आपको लग रहा है की आपका अपने बच्चे के साथ ज़्यादा बॉन्ड नहीं बन पा रहा है तो आप इस तरीके को आज़मा सकती हैं। इसमें गोदभराई की तरह सबको गिफ्ट नहीं लाने होते, बस पहले से माँ बन चुकी महिलाएं यहाँ आती हैं और अपनी कहानियाँ सबके साथ साझा करती हैं। ये महिलाएं आपको पता सकती हैं की कैसे आप अपने बच्चे के साथ कनैक्शन कर सकती हैं, और कैसे आप इस पल को और खास बना सकती हैं। अगर आपको जानना है की प्रेगनेंसी में जो आप महसूस कर रही हैं वो सब महसूस करते हैं तो इसे जानने का इससे अच्छा तरीका और कुछ नहीं है।

ग्यारवां तरीका: अच्छी चीजों पर ध्यान दें

एक चीज़ की वजह से ज़्यादातर महिलाएं अपने बच्चे से बॉन्ड नहीं बना पाती और वो है इस बात की चिंता की वो अपने बच्चे का कैसे खयाल रखेंगी। कुछ महिलाओं को बुरे सपने आते हैं, और उन्हें लगता है की वो आने वाले समय के लिए तैयार नहीं हैं। ज़्यादा चिंता ना करें, और सभी नकरतमकता को एक तरफ कर दें। आप ये सोचें की आने वाले समय में आप कितनी अच्छी माँ होंगी। सब अच्छी बातें लिखें और उन्हें फ्रिज के ऊपर चिपका दें। सोचें की आपको कैसी माँ बनना है और इसके बारे में क्या करेंगी। पॉज़िटिव सोचने से आप एक अच्छी दिशा में निश्चित बढ़ेंगी। कुछ महिलाएं को लगता है की अच्छी किताब पढ़ने से उन्हें अच्छा लगता है, आप भी ये आजमा सकती हैं।

बारहवां तरीका: ज़्यादा ना सोचें

अगर आपको लग रहा है की आपका अपने बच्चे के साथ रिश्ता/बॉन्ड नहीं बन रहा है तो खुदको इसके लिए दोष ना दें। प्रेगनेंसी एक कठिन समय हो सकता है। आपका पूरा शरीर इस समय बदल रहा है, इसके साथ भविष्य में क्या होगा ये चिंता भी आपको सताती है। एक ऐसे इंसान से जुड़ना जिससे आप पहले कभी नहीं मिले हैं कभी-कभी थोड़ा कठिन हो सकता है। इसका ये मतलब नहीं है की आप कभी भी अपने बच्चे से रिश्ता नहीं बना पाएँगी। इस बारे में अपने आप को दोष ना दें और आत्मग्लानि से बचें। इसके स्थान पर सोचें की आपने काफी कोशिश की और बच्चे के पैदा होने के बाद आप एक अच्छी माँ होंगी। इस समय पॉज़िटिव सोचने से आप निश्चित रूप से पॉज़िटिव माहौल बना सकती हैं। कई महिलाओं ने इस बात की शिकायत की है की वो अपने बच्चे के साथ बॉन्ड बनाने में दिक्कत का सामना करती हैं।

चिंता और बेचैनी व बदलते हुए शरीर में आप वैसी नहीं रहती जैसी आप प्रेगनेंसी के पहले थी। इसी वजह से आपका शरीर पहले जैसा सोच नहीं पाता। आप बस ये सोचिए की बच्चा आने के बाद उसके लिए सबसे अच्छा माहौल देंगी, और इसी सोच की मदद से आप बच्चे से बॉन्ड स्थापित कर सकती हैं। अगर फिर भी आपको कम रिश्ता लगे तो चिंता ना करें, ये आम है, आप एक अच्छी माँ होंगी। डॉक्टर इस बात की पुष्टि कर चुके हैं की आपका प्रेगनेंसी में बाकी चीजों में ध्यान रहता है, और इसी वजह से आप अपने बच्चे से बॉन्ड नहीं बना पाती। अगर आपके पास सब सही चल रहा है तो आप निश्चित रूप से ये रिश्ता बन सकती हैं।