डॉक्टर डेस्क: अपनी प्रेगनेंट बॉडी से प्यार कीजिए

शरीर कैसा दिखेगा यह महिलाओं के लिए हमेशा चिंता का विषय बना रहता है, और प्रेगनेंसी के समय यह और भी महत्वपूर्ण बन जाता है। कुछ महिला इस बदलाव को स्वीकार करके इस प्रक्रिया को एंजॉय करती हैं, वहीं कुछ महिला अपने शरीर की बनावट के बदलने से काफी दुखी हो जाती हैं, और इस बात पर उन्हे गुस्सा आता है की वो कभी अपनी पुरानी बॉडी नहीं पा सकेंगी।

ऐसा क्यों होता है यह समझकर बदलाव को स्वीकार करें

जैसे ही अंडा उपजाऊ होता है और आपके गर्भाशय में बैठता है वैसे ही आपके शरीर में बदलाव होने शुरू हो जाते हैं। यह एक और जीवन यानी भ्रूण को बढ़ाता है, जिसमें गर्भनाल, के साथ एमनियोटिक थैली का समावेश होता है। गर्भनाल का सबसे अहम काम होता है हार्मोन की उत्पत्ति करना, जिससे प्रेगनेंसी और बच्चे की सेहत का खयाल रखा जाता है। और इन्ही हार्मोन से आपके शरीर में कोई भी बदलाव दिखते हैं।

  • सूजे हुए स्तन ऐसा बदलाव है जो आप सबसे पहले शरीर में देखेंगे। ऐसा इसीलिए होता है क्योंकि हार्मोन स्तन को दूध देने के लिए तैयार करते हैं। कई महिलाओं ने देखा की उन्हे प्रेगनेंसी में कई ब्रा साइज़ बदलने पड़े। प्रेगनेंसी के बाद भी यह बच्चे को दूध पिलाने की वजह से बढ़ सकते हैं।
  • आपका मेटाबोलिस्म पहले कुछ हफ्तों में काफी बढ़ता है, इसलिए आपको इस दौरान ज़्यादा खाने का मन करता है, या कई अजीब चीज़ें खाने का मन होता है। इसी समय खून भी गाढ़ा होता है इसी वजह से प्रेगनेंसी की जलन होती है।
  • जहां भी भ्रूण बड़ा होता है वहाँ गर्भाशय बढ़ता है और एम्निओटिक थैली दर्व के साथ जुड़ जाती है, जिससे बच्चे के आस-पास गुदगुदा एरिया बन जाता है। हालांकि दूसरी तिमाही तक यह कई महिलाओं की आशा के अनुरूप नहीं दिखेगा, लेकिन ऐसा पेट की मासपेशियों के साथ होता ही है- और बाद में बढ़ा हुआ पेट दिखने लगता है।

आप सूजे हुए हाथ-पाँव, दाग-धब्बे, फुली हुई नस और मुहासे को अनुभव कर सकती हैं। लेकिन आपको यह जानना है की आपकी प्रेगनेंट बॉडी काफी सुंदर है।

बदले हुए शरीर की महत्वता को सराहिए

जिन लोगों को अपनी बॉडी की छवि ज़्यादा बेकार लगती है उन्हे खाने से जुड़े विकार जैसे एनोरेक्सिया और बुलिमिया भी होने का खतरा होता है। और कुछ लंबी समस्या में गर्भ फिर से धारण करने में मुश्किल होती है, हालांकि अगर ऐसा होता है तो खाने की समस्या आपकी प्रजनन क्षमता और फिटनेस पर असर डाल सकती है। नीचे दी गई कुछ समस्या हैं जो प्रेगनेंसी में खाने के विकारों से जुड़ी हैं:

  • सिजेरियन डिलिवरी की संभावना
  • भ्रूण के विकास में देरी
  • सांस लेने में संकट
  • अनियमित प्रसव
  • बच्चे का मृत पैदा होना
  • गर्भाशय के अंदर विकास से फर्क पड़ता है
  • गर्भाशय का डायबटीस
  • बच्चे का कम वेट होना
  • एम्निओटिक द्रव का छोटा होना

यह सुनिश्चित करना काफी अहम है की शरीर की छवि से जुड़े सभी मुद्दे प्रेगनेंसी से पहले या प्रेगनेंसी के दौरान ही सुलझाने चाहिए।

Dr Ragini Agarwal
Director Medical Services
Clinical Director – Obstetrics & Gynaecology
W Pratiksha Hospital
30+ Years of Experience