प्रेगनेंसी में तनाव और व्याकुलता कैसे संभालें?

Managing stress during pregnancy

क्या प्रेगनेंसी में व्याकुल होना आम है?

प्रेगनेंसी में लगभग सभी लोग चिंतित होते हैं, और इसका कारण है आपके पेट में पल रहा बच्चा।

इस समय खाने, पीने, सोचने और काम करने को लेकर चिंता हो सकती है। ये सोचना की आपका बच्चा नॉर्मल है या नहीं ये सोचना भी आपके लिए काफी आम है, आने वाला बच्चा आपके जीवन पर कैसे प्रभाव डालेगा, आपका इसके बारे में चिंतित होना भी नॉर्मल ही माना जाएगा। लेकिन अगर आपकी व्याकुलता और चिंता से आपके जीवन पर असर पड़ रहा है, तो आपको इसको संभालना ही होगा।

शुरुआत के लिए आपको अपनी सभी डर अपने पार्टनर के साथ शेयर करने चाहिए। ऐसा भी हो सकता है की आपके पार्टनर भी किसी चिंता में हों।

अपनी-अपनी चिंता के बारे में बात करने से आप दोनों को ही अच्छा लगेगा। आप इस समय अपने परिवार के लोगों से भी बात कर सकती हैं। जो महिलाएं माँ बनने वाली हैं आप उनसे भी बात कर सकती हैं, क्योंकि उन्हें भी आप जैसा ही महसूस हो रहा होगा।

अगर आपको बच्चे की सेहत को लेकर ही चिंता रहती है, तो आप इस चिंता को अपने डॉक्टर से भी शेयर कर सकती हैं। अगर आपके ये सब करने के बाद भी व्याकुलता बार-बार आपको सता रही है तो आप किसी प्रॉफेश्नल काउन्सलर से मदद ले सकती हैं।

मेरे जीवन में काफी तनाव है, क्या इससे मेरे बच्चे पर कोई असर पड़ेगा?

जहां हर दिन का दबाव ज़िंदगी का हिस्सा है, वहीं उच्च तनाव की वजह से आपका प्रसव समय से पूर्व हो सकता है, या आपके बच्चे का वज़न कम हो सकता है। अगर आप पहले सभी लोगों का खयाल रखा करती थी, लेकिन अब आप सिर्फ अपना खयाल रख रही हैं, तो आपको स्वार्थी जैसा महसूस हो सकता है। लेकिन आपको इस समय बस अपना ही खयाल रखना है।

लेकिन अपना खयाल रखकर आप अपने बच्चे का खयाल भी काफी अच्छे से रख सकती हैं। अगर आपको पता है की आप अपने तनाव को कैसे संभाल सकती हैं तो आपकी प्रेगनेंसी स्वस्थ रहेगी।

मैं कैसे शांत रहूँ?

नीचे दिए गए तरीकों से आप घर और ऑफिस में अपनी व्याकुलता और तनाव को कम कर सकती हैं:

1.ना कहना सीखें: अब आपको सीखना ही पड़ेगा की आप सब काम अपने आप नहीं कर सकते हैं। तो इसलिए भूल जाएँ की सब आपको खुद करना है। इस समय आपको थोड़ा आराम करना चाहिए, और अपने दोस्त या अपने रिश्तेदारों से मदद लेनी चाहिए।

2.घर के काम: इस समय घर के ज़्यादा काम ना करें और जब भी समय मिले तब आराम करें।

3.इस समय लंबी सांस लेने का अभ्यास करें, या योगा करें

4.इस समय टहलने या स्विमिंग करना ना छोड़ें

5.इस समय आपको स्वस्थ और संतुलित खाना लेना है, इससे आपके अंदर शारीरिक और मानसिक रूप से एनर्जी बनी रहेगी।

6.ज़्यादा जानकारी से बचें: इस समय आपको सब ही सलाह देंगे, और ऐसा होना भी काफी आम है। लेकिन इनमें से कोई भी बात मानने या करने से पहले आपको अपने डॉक्टर से ही सलाह लेनी चाहिए। आप इस बात की चिंता ना करें की आगे क्या होगा, बस अपना ध्यान रखें।

7.अपने जैसे लोगों का ग्रुप बनाएँ: अगर आपको बाकी लोगों से बात करने में दिक्कत हो रही तो आपको अपने जैसी प्रेगनेंट महिलाओं का ग्रुप बनाना चाहिए। कई महिलाएं सोशल मीडिया पर ऐसे ग्रुप बनाती हैं जहां उन्हें गर्भपाती महिलाएं मिलती हैं। आप भी अपने शहर में ऐसी महिलाओं का ग्रुप ढूंढ सकती हैं।

8.अगर आपको लग रहा है की आपका तनाव कुछ ज़्यादा ही बढ़ गया है तो अपने डॉक्टर से बात करें, वो बता पाएंगे की आपका तनाव कितना बड़ा हो गया है, और ये कब तक जाएगा। प्रेगनेंसी में मदद लेने से आपके बच्चे को फालतू के रिस्क होने के खतरे कम होंगे और इससे आप भी स्वस्थ रहेंगी।

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