प्रेगनेंसी में मालिश और इसके फायदे

Massage during pregnancy

प्रेगनेंसी में मालिश से आपका तनाव कम हो सकता है। मसाज या मालिश एक ऐसी चीज़ है जिससे कई प्रेगनेंट महिलाओं के तनाव का स्तर नीचे आया है। इससे आपके खून का संचार बढ़ सकता है और इससे आपका पाचन तंत्र भी अच्छा होता है। इससे आपकी सूजन भी कम होती है। कुछ मसाज एक्सपर्ट कहते हैं की प्रेगनेंसी में मसाज 12 हफ्ते बाद ली जानी चाहिए। कुछ अध्यन से पता चला है की मसाज करने से प्रसव का समय भी कम होता है।

मसाज करवाते हुए आपको ये बातें दिमाग में रखनी चाहिए:

चार महीने की प्रेगनेंसी के बाद आपको अपनी पीठ पर लेटने से थोड़ी दिक्कत हो सकती है, क्योंकि इससे आपकी खून कणिका पर दबाव बनता है। अपने मसाज करने वाले से तकिया इस्तेमाल करने के लिए कहें, इससे आपको अच्छा लगेगा।

एक ऐसे लोशन को मांगे जिसमें ज़्यादा खुशबू ना हो, ज़्यादा खुशबू से आपको जी मिचलने की समस्या हो सकती है और आपका पूरा मूड खराब हो सकता है। इससे आपके पेट के मरोड़े भी प्रेरित हो सकते हैं।

रिफ़्लेक्सोलोजी में आपके हाथ और पाँव में कुछ खास एरिया में दबाव डाला जाता है, इससे आपकी प्रेगनेंसी की सूजन कम होती है। इसके अलावा आपको मसाज देने वाले को काफी ज्ञान/अनुभव होना चाहिए, क्योंकि इस समय आपको अधिक देखभाल की ज़रूरत पड़ेगी।

प्रेगनेंसी में मसाज के कुछ फायदे:

इससे आपका तनाव खत्म होता है, और इससे आपमें वो हार्मोन्स बनते हैं जिनकी वजह से आपको फिर से खुशी होगी, इन हार्मोन्स को एंडोर्फिंस कहते हैं।

इससे व्याकुलता कम होती है

मसाज से रिलेक्स करने के समय मिलता है इससे आपका मूड अच्छा होता है

इससे आपको जी मिचलने और सीने में जलन की दिक्कत से भी राहत मिलती है

इससे आपके जोड़ों का दर्द भी कम होता है, और आपको राहत मिलती है

क्योंकि मसाज से तनाव कम होता है इसलिए फिर परिणाम में आपको अच्छी नींद आती है

कोई भी मसाज लेने से पहले आपको अपने डॉक्टर से हमेशा बात करनी चाहिए