प्रेगनेंसी में एक्यूपंक्चर ट्राय किया जा सकता है

Acupuncture During Pregnancy

चाहे आपको सुई से दबाया जा रहा हो या उंगली से, लेकिन इन तरीकों से प्रेगनेंसी के लक्षण जैसे जी मिचलना और प्रसव के दर्द पर कंट्रोल मिलता है।

वैसे ही प्रेगनेंसी में काफी दिक्कत आती है, और उस पर से अपने आप से सुई घुसवाना शायद ही कोई चाहेगा। लेकिन जब बात प्रेगनेंसी की दिक्कतों से बचने की आती है तब कई माँ एक्यूपंक्चर के लिए जाती हैं। विज्ञान भी अब इस बात की पुष्टि कर चुका है की इससे प्रेगनेंसी की दिक्कत निश्चित रूप से कम होती हैं।

एक्यूपंक्चर क्या है?

एक्यूपंचर दर्द से उभरने की एक ऐसी तकनीक है जिसका अविष्कार हजारों सालों पहले चीन में हुआ था। पारंपरिक चीनी चिकित्सा शरीर को दो रूपों में देखा है यिन और यैंग। जब इन दोनों में असंतुलन आता है तब एक्यूपंक्चर का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें एक विशेषज्ञ आपके अंदर सुई घुसकर इस असंतुलन को सही करता है।

क्या यह काम आता है? कई अध्यन के अनुसार एक्यूपंक्चर में सुई सीधे अंदर की नसों को लगती हैं, जिससे नस चलने लगती हैं। ऐसा होने से दिमाग के कई रसायन निकलने लगते हैं, जिसमें एंडोर्फिंस भी शामिल है। ये दर्द को रोकता है और प्रेगनेंसी के कई लक्षण से बचाव करता है।

एक्यूपंक्चर के फायदे

कई लोगों के अनुसार इससे प्रेगनेंसी के कई लक्षण सही होते हैं, जैसे सीने का जालना, पाँव में सूजन, मरोड़े, साइटिका, इत्यादि शामिल है।

निम्न प्रेगनेंसी लक्षणों को एक्यूपंक्चर आराम दे सकता है:

जी मिचलना: कई अध्यन से पता चला है की पारंपरिक एक्यूपंक्चर से सीधे कलाई पर टार्गेट होता है, जिससे जी मिचलने की समस्या कम होती है।

पीठ में नीचे की ओर दर्द और श्रोणि दर्द: अमरीकी जर्नल में छपी एक स्टडी के अनुसार एक्यूपंक्चर से पीठ में नीचे की ओर दर्द और श्रोणि का दर्द कम हो सकता है। दूसरी तिमाही के अंत और तीसरी तिमाही में प्रेगनेंट महिलाओं पर एक्यूपंचर ट्राय किया गया। 80% को एक हफ्ते बाद देखा गया की उनमें दर्द कम था।

डिप्रेशन: प्रेगनेंसी में डिप्रेशन या अवसाद होना काफी आम है, इससे हर चार में से एक प्रेगनेंट महिला गुजरती है-लेकिन एक्यूपंक्चर से मदद मिल सकती है। एक स्टडी ने अनुसार आठवे हफ्ते में जो महिला डिप्रेशन से जूझ रही थी और जो कोई दवाई भी नहीं ले रही थी उन्हें एक्यूपंक्चर दिया गया। जिन भी महिलाओं ने डिप्रेशन के लिए एक्यूपंचर लिया था उनमें ये समस्या काफी कम हो गई। कई महिलाओं ने ये भी बताया की वो दवाई ले रही थी, लेकिन एक्यूपंचर के साथ उनकी समस्या काफी तेज़ी से कम हुई।

सरदर्द: कई शोध से पता चला है की एक्यूपंचर से आपमें प्रेगनेंसी में होने वाला सर दर्द कम हो सकता है। जिन महिलाओं ने एक्यूपंचर लिया उन्हें दवाई कम लेने की ज़रूरत पड़ी।

सोने में दिक्कत: प्रेगनेंसी में सही प्रकार से सोना एक बड़ी चुनौती है- लेकिन कुछ शोध से ये भी पता चला है की जिन महिलाओं ने प्रेगनेंसी में एक्यूपंचर लिया उन्हें अच्छी नींद आई।

प्रेगनेंसी में मोक्सीबक्शन

मोक्सीबक्शन भी एक्यूपंक्चर की तरह काम करता है पर इसमें सुईं घुसाने की जगह मगवर्ट जड़ीबूटी की बत्ती को एक्यूपंचर पॉइंट के पास जलाया जाता है। कई स्टडी से पता चला है की इसके हर दिन सेशन लेने से भ्रूण के सक्रियता बढ़ सकती है और इससे बच्चा पैदा होने की मुद्रा में आता है। हालांकि कुछ स्टडी में ये भी पता चला है की इससे कुछ ज़्यादा असर नहीं पड़ता है।

एक्यूपंक्चर और एक्यूप्रेशर के संभावित रिस्क

यदि आपको एक्यूपंचर एक ट्रेंड डॉक्टर द्वारा दिया जा रहा है तो प्रेगनेंसी में इसके नुकसान ना के बराबर हैं। एक्यूपंचर में सबसे बड़ा रिस्क है दर्द का या जिस जगह सुईं घुसाई जाती है उस जगह इन्फ़ैकशन का होना, और कभी कभी सुईं से घाव भी लग जाता है। सबसे बड़ी बात है की आपको एक्यूपंचर कहाँ दिया जा रहा है। एड़ी में ऐसे कई एक्यूपंचर पॉइंट होते हैं जिनसे आपके मरोड़े बढ़ सकते हैं।

प्रेगनेंट महिलाओं के लिए एक्यूपंचर से जुड़ी सलाह

प्रेगनेंसी के लक्षण आप इस तकनीक से खत्म करना चाहती हैं? आपको कुछ बातें जाननी चाहिए:

अपने डॉक्टर से बात करें: अगर आप इस तकनीक को लेना चाहती हैं तो अपने डॉक्टर से सबसे पहले बात करें। हालांकि ये थेरेपी सेफ ही मानी जाती है पर फिर भी आपको अपने डॉक्टर से सभी बातों पर बात करनी चाहिए।

इसको देने वाले को काफी परख के चुनें: ऐसे इंसान के पास जाएँ जिसके पास कोई आधिकारिक सर्टिफिकेट हो। ये भी देख लें की जिस इंसान के पास आप जा रही हैं वो कई प्रेगनेंट महिलाओं को एक्यूपंचर दे चुका हो। अगर आपको सही एक्यूपंचर देने वाला चाहिए तो आप अपने डॉक्टर से भी बात कर सकती हैं।

खर्च जान लें: कुछ भी शुरू करने से पहले अपने एक्यूपंचर देने वाले से पूछ लें की इसमें आपको कितने उपचार लेने होंगे और हर उपचार की क्या कीमत है। अपने इन्शोरेंस को भी देख लें, कुछ इन्शुरेंस में ये कवर होता है और कुछ में नहीं।

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