प्रेगनेंसी के समय म्यूज़िक

Music for unborn child

क्या म्यूज़िक से भ्रूण का विकास होता है?

किसी को इस बारे में पुख्ता जानकारी नहीं है। कुछ अध्यन के अनुसार भ्रूण म्यूज़िक को सुन सकते हैं और उस पर हिलके प्रतिक्रिया भी दे सकते हैं। लेकिन किसी को नहीं पता की इन गतिविधि का क्या मतलब है, इसकी वजह से डॉक्टर को पेट में पनप रहे बच्चे को समझने में उतनी आसानी नहीं होती जितनी उन्हें पैदा हुए बच्चे को समझने में आसानी होती है।

क्या संगीत चलाने से बच्चा समझदार होता है?

ऐसा भी कोई अध्यन सामने नहीं आया है की पेट में पनप रहे बच्चे के लिए म्यूज़िक चलाने से वह ज़्यादा समझदार होता या नहीं। आपने ये सुना होगा की बड़े बच्चों के सामने गाना चलाने से वो समझदार होते हैं, लेकिन भ्रूण पर इसका क्या असर होता है वो कहना मुश्किल है।

उदाहरण के लिए पियानो बजाने से बच्चे का अन्तरिक्ष-संबंधी तर्क कौशल अच्छा होता है, लेकिन इसमें 3-4 साल के बच्चों पर ही अध्यन किया गया था। कुछ एक्सपर्ट के अनुसार अगर बड़े बच्चों पर इतना अच्छा असर म्यूज़िक द्वारा देखा गया है तो छोटे बच्चों या भ्रूण पर भी इसका कुछ न कुछ असर तो होता होगा।

कुछ लोग कहते हैं की पेट में बच्चे ने जो गाने सुने थे वो उन गानों को बाहर आने के बाद पहचान सकता है, और वो उस गाने पर सो भी सकते हैं। लेकिन एक मनोवैज्ञाइक जेनेट डीपिएट्रो के अनुसार ये सब अनुमान हैं, और इनमें क्या सच्चाई है, इसका किसी को नहीं पता।

कुछ लोगों के अनुसार भ्रूण म्यूज़िक के साथ ही सांस लेने का अभ्यास करता है। कैलिफोर्निया की डॉक्टर रेने वैन डी केर ने कहा कि उन्होने एक 33 हफ्ते के भ्रूण पर अध्यन किया और उन्होने देखा की भ्रूण गाने की धुन पर सांस ले रहा था। लेकिन दूसरे शोधकर्ता डीपिएट्रो इस पर सवाल उठाते हुए कहा की हमारे पास ऐसा क्या सबूत है जो कहता हो की बच्चा गाने की धुन पर ही सांस लेता है?

मैं अपने अजन्मे बच्चे के लिए कैसे गाने चलाऊँ?

जब आप सोने जाएँ तब आप अपने स्टेरिओ पर गाने चलाएं। अपने पेट से हैडफोन चिपकाकर गाने चलाना उतना अच्छा नहीं माना जाता है, इससे बच्चे को नुकसान हो सकता है। डॉक्टर डीपिएट्रो के अनुसार लोग सोचते हैं की बच्चे को सुनाने के लिए गाने का तेज़ होना ज़रूरी है, लेकिन उनके अनुसार ऐसा करने की कोई ज़रूरत नहीं है, और एम्निओटिक द्रव के माध्यम से साउंड आसानी से बच्चे तक पहुँच जाता है।

म्यूज़िक कितना तेज़ होना चाहिए?

अमेरिका की बच्चों की देखने वाली संस्था ने बताया की 1990 में बच्चों पर किए गए एक अध्यन से पता चला की जिन बच्चों ने ज़्यादा तेज़ संगीत सुना था उनमें से कई बच्चे समय से पहले पैदा हुए, उनका जन्म के समय वज़न भी कम था, और इनमें से कई बच्चों को सुनने की समस्या भी थी। इस अध्यन में उन माँ बनने वाली महिलाओं पर नज़र रखी गई जो तेज़ आवाज़ वाले क्षेत्र में काम करती थी या रहती थी।

कहा जाता है की आपके संगीत की क्षमता 65 डेसिबल से ज़्यादा नहीं होनी चाहिए। ये उतना ही तेज़ संगीत है जो म्यूज़िक स्टोर में चलता है। अगर आप काफी देर के लिए संगीत सुन रही हैं तो आपको संगीत 50 डेसिबल से कम रखना चाहिए। इससे आपके बच्चे को भी ज़्यादा दिक्कत नहीं होगी।

घर में मौजूद सामानों के आवाज़ों की क्षमता

50-75 डेसिबल वॉशिंग मशीन

55-70 डेसिबल बर्तन धोने की मशीन

60-85 डेसिबल वैक्यूम क्लीनर

60-95 डेसिबल हेयर ड्रायर

65-80 डेसिबल अलार्म क्लॉक

75-85 डेसिबल टॉइलेट का फ्लश

80 डेसिबल टेलीफोन की घंटी

अभी इस विषय में काफी शोध चल रहे हैं इसलिए एक्सपर्ट इस बात का निर्णय नहीं ले पा रहे हैं की म्यूज़िक भ्रूण के लिए अच्छा होता है या उसको इससे दिक्कत होती है। अगर आप चाहते हैं की आपका बच्चा संगीत सुने तो आपको बस ध्यान देना है की संगीत ज़्यादा तेज़ ना हो। एक बड़े एक्सपर्ट के अनुसार आपको बच्चे को संगीत विशेषज्ञ बनाने की ज़रूरी नहीं है, और ये भी ज़रूरी नहीं है की आप बच्चे को पूरे दिन ही गाने सुनाएँ। आप इससे सोच सकते हैं की बच्चा पैदा होने पर म्यूज़िक की तरफ दिलचस्पी लेगा, लेकिन ऐसा ही होगा इसकी कोई गारंटी नहीं है।

संगीत अपने आनंद के लिए चलाएं, ये ना सोचें की संगीत चलाने से आपका आने वाला बच्चा जीनियस बन जाएगा। म्यूज़िक से आप रिलेक्स कर सकते हैं और इससे आपको बच्ची नींद आ सकती है।

जब माँ रिलेक्स करती है तो बच्चे के लिए ये बच्चे लक्षण हैं और कह सकते हैं की बच्चे के लिए अंत में म्यूज़िक अच्छा ही है। आप संगीत सुनकर थोड़ा डांस भी कर सकती हैं, शायद पेट में भी आपके संगीत का लुत्फ उठा ले।

वैसे क्या पता की म्यूज़िक सुनते-सुनते आपके पेट में पल रहा बच्चा कोई महान गायक या संगीतकार बन जाए। आपको जो भी करना हैं करें, बस सब कुछ नियंत्रित तौर पर करें।