बर्दिंग बॉल के प्रेगनेंसी, प्रसव और जन्म देने के बाद के फायदे

Birthing Ball during pregnancy

बर्दिंग बॉल का इस्तेमाल एक्सर्साइज़, या प्रेगनेंसी में आरामदायक पोसिशन में आने के लिए किया जाता है, प्रेगनेंसी के अलावा ऐसी ही चीजों के लिए इसका उपयोग प्रसव और बच्चे के जन्म के बाद भी किया जाता है।

इस बॉल के फायदे

इस बॉल के साथ एक्सर्साइज़ करने से आपके कमर में दर्द के चान्स कम होंगे। प्रेगनेंसी में इसकी मदद से आपको हिलने में भी काफी आसानी होगी। प्रसव की बात करें, तो इस बॉल पर एक्सर्साइज़ करने से आपको मरोड़ों के दर्द कम हो सकते हैं, खासकर तब जब आप बच्चे को जन्म देने के 2 महीने पहले एक्सर्साइज़ करना शुरू कर चुकी हों। इसके साथ इस बॉल से एक्सर्साइज़ करने से आपकी व्याकुलता की समस्या भी ठीक होती है व आपके प्रसव का समय भी कम होता है। हालांकि जब भी आपको चक्कर या बुखार आए तो आपको ये रोक देना चाहिए।

जिम बॉल और बर्दिंग बॉल में फर्क

ये दोनों बॉल लगभग एक जैसी होती हैं। ये दोनों बिना फूटने वाले पदार्थ से बन सकती हैं इसका मतलब वो पंक्चर होने पर भी धीमे से खाली होती हैं। लेकिन आपको इस बात की पुष्टि करनी होगी की बॉल फूटने वाली ना हो। सावधानी के लिए आपको इस बॉल से सभी नुकीली चीज़ दूर रखनी हैं। इसे खुदरी जगह, हीट, या आग से दूर रखें।

कुछ बॉल ऐसी होती हैं जिसमें आप फिसलती नहीं हैं, इससे आपकी पकड़ भी अच्छी बनती है। इनमें से ज़्यादातर पीवीसी की तरह के पदार्थ से बनती है पर लेकिन अगर आपको इससे एलर्जी है तो आपको खरीदने से पहले इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

प्रेगनेंसी में इन बॉल का आकार क्या होना चाहिए?

आपके वज़न के अनुसार आपको ये बॉल लेनी चाहिए। वैसे इस समय आपके घुटने आपके हिप से 4 इंच नीचे होने चाहिए, वो भी जब आप बैठती हैं। ये भी दिमाग में रखें:

अगर आपकी लंबाई 5 फिट आठ इंच तक है तो आपको 65 सीएम की बॉल लानी चाहिए

अगर आप 5 फिट 9 इंच से बड़े हैं तो आपके लिए 75 सीएम की बॉल बेस्ट है।

आपका आकार कैसा भी हो लेकिन ये बॉल आपका वज़न सह सकती है। अच्छे प्रकार की बॉल का टेस्ट होता है, टेस्ट में इनपर 300 किलो तक दबाव बनाया जाता है।

आपको इसके साथ पंप भी लेना होगा, क्योंकि कई बॉल के साथ ये पंप नहीं आता है। इसमें ढंग से हवा भरें। अगर आपकी बॉल काफी सॉफ्ट है तो इसका असर कम हो सकता है, इसलिए अपने लिए सही साइज़ लाएँ।

प्रेगनेंसी में बर्दिंग बॉल

काम करते या रिलेक्स करते हुए सही और आराम से बैठें

इस बॉल पर आप चेयर या सोफ़ा की तुलना में काफी आराम से बैठ और उठ सकते हैं।

इस बॉल पर बैठना वैसे एक छोटी सी एक्सर्साइज़ है। इसमें आप आराम से उछलते भी हैं, आपको सीधा रखने के लिए आपका पेट और कमर की मसल काफी मेहनत करती है।

सहजता से एक्सर्साइज़ करें

इस बॉल से आपका बैलेन्स और मुद्रा अच्छे हो सकते हैं, और आप अपनी पेट की मसल पर इस बॉल से एक्सर्साइज़ कर सकते हैं। इससे आपके कमर का बचाव होगा और जन्म देने के बाद आप पहले की तरह शेप में भी आती हैं। इससे आपका शरीर प्रेगनेंसी के वज़न को संभालने में समर्थ होगा।

आप इस समय बैठकर आगे की ओर झुकें। इससे आपके बच्चे की कमर आगे की ओर जाएगी और उसकी कमर आपके पेट की ओर होगी। इससे आपको कमर में दर्द से भी राहत मिलेगी।

प्रसव के लिए पोसिशन का अभ्यास करें

प्रेगनेंसी में आप प्रसव के लिए विभिन्न प्रकार की पोसिशन ट्राय करें, इससे आपको पता चलेगा की आपके लिए कौन सी सबसे अच्छी है।

इस बॉल का इस्तेमाल कैसे करें?

बॉल पर बैठें और अपनी श्रोणि को आगे पीछे करें

पाँव झुकाकर इस बॉल पर लेटें

इस समय अपने हाथों से अपनी बॉल को गले लगाएँ।

खड़े होकर अपनी बॉल पर अपना सर रखें।

इन तकनीक को प्रसव की पहली अवस्था में इस्तेमाल कर सकते हैं:

इन पोसिशन से आपको और आपके पार्टनर को अच्छी ख़ासी जगह मिलगी, एंठन के समय अपनी कमर के नीचे की ओर दबाएँ या मालिश करें।

जैसे ही आप बच्चे को बाहर निकालने वाली अवस्था में जाने वाली हों, तो आपको बैठना नहीं चाहिए। इस समय आपको झुककर हाथों और पाँव के सहारे रहना चाहिए। इससे आपके नीचे वाले हिस्से पर दबाव नहीं पड़ेगा। वैसे हॉस्पिटल आजतक इस बॉल को रखते हैं। अगर आपको अपनी बॉल की आदत पड़ गई हो तो इसे अपने साथ ले जाएँ। बाद में इसे साबुन के पानी से धो दें।