नैचुरल(प्राकृतिक) तरीके से जन्म देने के क्या फायदे हैं?

Maybe this is where the adage 'pain is gain' comes from. Understanding the advantages of having a natural childbirth over techno-medical interventions.

नैचुरल चाइल्डबर्थ यानी प्राकृतिक तरीके से बच्चे को जन्म देने के शब्दों को डॉक्टर ग्रेंटली डिक-रीड ने अपनी किताब नैचुरल चाइल्डबर्थ में 1930 में गढ़ा था।  प्राकृतिक तरीके से जन्म देने का मतलब है बिना किसी तकनीक-दवाई, एनेस्तेशिया और एपिड्यूरल की मदद से जन्म देना। प्राकृतिक तरीके से जन्म देने में एनेस्तेशिया और सी-सेक्शन की कोई मदद नहीं ली जाती है। यहाँ जन्म एक दम नैचुरल तरीके से होता है।

नैचुरल तरीके से जन्म देने में शरीर पर ज़्यादा से ज़्यादा कंट्रोल रहता है। हालांकि इसमें काफी दर्द और परेशानी होती है लेकिन कई महिलाएं इसे एक शक्ति बढ़ाने वाला और सुकून देने वाला अनुभव मानती हैं।

नैचुरल तरीके से जन्म देने के फायदे:

  • इस तरीके में ज़्यादा तकनीक और दवाइयों का इस्तेमाल नहीं होता है, इसलिए बच्चे पर किसी भी प्रकार का साइड इफैक्ट होने का खतरा कम रहता है।
  • कुछ स्टडी के अनुसार जन्म देने के तुरंत बाद आपके और आपके बच्चे के बीच में त्वचा के बीच जो संपर्क होता है उससे काफी पॉज़िटिव असर पड़ता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार बच्चे और माँ के शरीर में कांटैक्ट होने से बच्चे के रोना कम होता है और दूध पिलाने में मदद मिलती है। जन्म देने के दो घंटे के अंदर एक गहरा रिश्ता बनता है क्योंकि बच्चा इस समय काफी सजग रहता है।
  • नैचुरल जन्म देने से सुनिश्चित होता है की आप अलर्टनेस नहीं खोती हैं, जिससे आप चंचल रहती हैं, एक सहज पोज़िशन ढूंढें और सक्रिय रूप से डिलिवरी में हिस्सा लें।
  • इस तरीके से आपके पति भी इस सब में सक्रिय रूप से हिस्सा ले पाते हैं और इससे आपको दर्द को सहने में शक्ति मिलती है।
  • आप कई प्रकार के कम-आक्रामक तरीके इस्तेमाल कर सकती हैं जिससे नैचुरल तरीके से जन्म देने में दर्द कम होता है। पानी में जन्म देना, खुद का सम्मोहन, सांस लेने की एक्सर्साइज़, मसाज, रिलेक्सेशन थेरेपी, और आवाज़ की तकनीक से नैचुरल तरीके से जन्म देने में दर्द कम होता है। हालांकि इनसे पूरी तरह से दर्द चला नहीं जाता है पर ये तकनीक, दवाई और एनेस्तेशिया इस्तेमाल करने से ज़्यादा सुरक्षित मानी जाती हैं।
  • नैचुरल तरीके से जन्म देने में स्क्वाटिंग, हाथ और घुटने, या पानी में सस्पेंशन की पोज़िशन अच्छी मानी जाती है। ये पोज़िशन पीठ के बल लेटके और पाँव ऊपर उठाने से अच्छी मानी जाती है।
  • नैचुरल तरीके से जन्म देने के लिए आपको प्रसव के पूर्व की क्लास, सांस लेने के तकनीक, योगा सीखना, श्रोणि की मसल को मजबूत करना और सेहत का अच्छा खयाल रखने से मदद मिलती है।