सबसे भयानक सवाल: मरोड़े कैसे होते हैं?

contractions

आपको मरोड़े कैसे महसूस होंगे यह कई बातों पर निर्भर करता है। नीचे दी गई चीजों का आपके मरोड़ों पर असर पड़ता है:

  • आपके बच्चे की पोज़िशन
  • आपके प्रसव की ताकत
  • आप शारीरिक और मानसिक रूप से कैसा महसूस करती हैं।
  • प्रसव में आपको किस प्रकार का सपोर्ट है।

हर महिला का बच्चे को जन्म देने का अनुभव कुछ खास और दूसरों से अलग होता है। कुछ महिला कहती हैं की उन्हे प्रसव के बढने के साथ मरोड़े तेज़ी से महसूस होते हैं। यह मरोड़े काफी गहन और थकाने वाले हो सकते हैं।

कुछ महिलाओं के अनुसार मरोड़ों का दर्द आम दर्द जैसा नहीं होता है। आम दर्द में शरीर हमें बताता है की कुछ गड़बड़ है। वहीं दूसरी तरफ मरोड़ों के दर्द का मतलब है की आपका बच्चा सही है। शरीर एंडोर्फिंस छोड़कर आपको इसके लिए तैयार करती है, इससे दर्द के लिए आपका नज़रिया बदल जाएगा।

कुछ महिलाओं के अनुसार जब बच्चा पैदा होकर उनके हाथों में आता है तो वो सब दर्द भूल जाती हैं। पहले का सारा अनुभव आपको शक्ति और उपलब्धि का अहसास दे सकता है।

अगर आप मरोड़ों के बारे में चिंतित हैं तो अपने डॉक्टर से बात करें। वो आपको दर्द कम करने में मदद कर सकते हैं, शायद वो आपको दर्द की दवाई दें। जब आपको मरोड़े हों तो ये सोचिए की आपका शरीर इस समय कितना बड़ा काम कर रहा है।

अगर आप मरोड़ों के समय अपने पेट पर हाथ लगाएँगी तो आप कोख को सख्त होते हुए फील कर सकती हैं। हर मरोड़ा सैलाब के तरह लग सकता है- यह आता है और एक निश्चित समय तक रहता है और चला जाता है।

मरोड़े इस बात पर निर्भर करते हैं की आप प्रसव में कहाँ तक आ गई हैं। प्रसव के शुरुआत में आने वाले मरोड़े ऐसे लगते हैं जैसे पीरियड का दर्द हो। आपको पीठ में दर्द और खिंचाव हो सकता है। या आपको दर्द हो सकता है और इसके साथ आपको अपने पेट, पीठ, योनी में नीचे की तरफ भारीपन लग सकता है।

कुछ महिलाओं के लिए मरोड़े काफी दर्द वाले और प्रसव के शुरुआत से नियमित होते हैं। यह गर्भाशय ग्रीवा के खुलने के समय होते हैं। कुछ महिलाओं को अपने प्रसव का पता ही नहीं चलता। कुछ महिलाओं को प्रसव में लगातार पीठ का दर्द होता है, और उन्हे लेटने या आराम करने में दिक्कत होती है।

प्रसव के बढ्ने के साथ आपके मरोड़े, और दर्द वाले और ज़्यादा होते हैं। आपको डबल पीक की तरह लग सकता है, मतलब ये आते हैं दर्द के एक लेवल तक रहते हैं चले जाते हैं और फिर से ऐसा ही होता है।

यह डबल पीक मरोड़े आपको तब आते हैं जब आपकी गर्भाशय ग्रीवा पूरी तरह से चौड़ी हो जाती है। इसको परिवर्तन कहते हैं- इसका मतलब है की आपकी पहली स्टेज पूरी हो गई है और दूसरी शुरू हुई।

आपका बच्चा दूसरी स्टेज में पैदा होता है, आमतौर पर मरोड़ों और आपके द्वारा जान लगाके, ऐसा करने पर बच्चा योनी में नीचे की ओर आता है और फिर बाहर आ जाता है। दूसरी स्टेज में आपको नीचे को दम लगाने का मन करेगा, क्योंकि आप बच्चा बाहर करना चाहती हैं। अगर आपको ऐसा कोई भी मन करे तो आपके डॉक्टर आपको मदद कर सकते हैं।

तीसरी स्टेज में मरोड़े गर्भनाल को अलग कर देंगे, ताकी इसे बाहर निकाला जा सके। यह मरोड़े प्रसव के मरोड़ों जैसे दर्द वाले नहीं होंगे। लेकिन आपको फिर भी इनका अहसास होगा।