क्या जन्म देने के बाद गर्भनाल का सेवन करना सुरक्षित है?

बच्चे को जन्म देने के बाद अपनी गर्भनाल खाने को प्लेसेनटोफ़ेजी कहते हैं। ये कोई नया आइडिया नहीं है पर इसके बारे में आजकल कुछ ज़्यादा ही बात हो रही है। ऐसा माना जाता है की अपनी गर्भनाल खाने से आप प्रसव बाद के डिप्रेशन से बच जाते हैं और इससे आपकी एनर्जी भी अच्छी रहती है।

गर्भनाल बच्चे की ताकत का स्त्रोत होता है, इससे बच्चे को सभी विटामिन, खनिज और पोषण मिलते हैं। इससे बच्चे को एक और ज़रूरी चीज़ मिलती है और वो है ऑक्सिजन। पेट में इसी गर्भनाल की मदद से भ्रूण कुछ कोशिका से पूरा बच्चा बनता है।

गर्भनाल में विटामिन बी6, विटामिन बी12, आइरन, व एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन होते हैं, प्रसव बाद के ज़रूरी हार्मोन्स। जो लोग बच्चे को जन्म देने के बाद इसका सेवन करते हैं उनके अनुसार उन्हें प्रसव बाद के डिप्रेशन से लड़ने में मदद मिलती है। लेकिन तभी जब आप खुद इसको खाते हैं। इस धारणा के कुछ समर्थक ये भी कहते हैं की कई दूध पिलाने वाले जानवर अपने आप ही अपनी गर्भनाल खा जाते हैं।

सच क्या है?

असली में इस बात कोई सबूत नहीं है की इसे खाने से माँ को कोई मदद होती है। कुछ स्टडी में ही ये दिखाया गया है की गर्भनाल खाने से दूध देने की क्षमता बढ़ती है और इससे दर्द भी कम होता है। लेकिन इसके अलावा किसी भी स्टडी ने अभी तक ये नहीं देखा है की इसके नुकसान क्या हैं।

इस बात का निचोड़: सभी बड़े मेडिकल एक्सपर्ट कहते हैं की इस तरह अपनी ही गर्भनाल खाने से कोई फायदा होता है इसके कोई सबूत नहीं है।

आपको फिर भी इसको देखना है? अगर हाँ, तो नीचे दी गई बातें दिमाग में रखें:

अपने हॉस्पिटल के नियम पढ़ लें: प्रसव में जाने से पहले आप अपने हॉस्पिटल के नियम पढ़ लें। कई हॉस्पिटल में गर्भनाल को अपशिष्ट माना जाता है और ये उन्हें फेंक देते हैं। अगर आपको अपनी गर्भनाल रखनी है तो आपको इसकी व्यवस्था पहले से करनी पड़ेगी। अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करलें। अगर वो इसका विरोध करें तो आपको ऐसा डॉक्टर ढूँढना है जो इसकी अनुमति आपको दे।

सुरक्षित तरीके से ये क्रिया करें: एक बार आपको अपनी गर्भनाल मिलने के बाद आप इसे फ्रीज़ कर दें, किसी भी मीट की तरह ये भी बर्बाद हो सकती है। अगर आपको इसका सेवन भी करना है तो याद रखें की इसमें कोई फालतू चीज़ ना मिलाएँ।

खुदपर नज़र रखें: इससे फर्क नहीं पड़ता की आप अपनी गर्भनाल का सेवन कैसे करेंगी, यदि आपको ऐसा करने में दिक्कत हो तो तुरंत ऐसा करना रोक दें। दिक्कत होने पर अपने डॉक्टर से बात करें।