बच्चे के जन्म के लिए तैयार होने के 10 तरीके

Preparing for baby's birth

ऐसा लग सकता है की आपकी प्रेगनेंसी कभी खत्म ही नहीं होगी, लेकिन आप जल्द ही अपने बच्चे से मिलने वाली हैं। बच्चे के इंतज़ार में काटे जा रहे समय का सही उपयोग करें और बच्चे के लिए तैयार हों। अभी से की गई तैयारी से आपका आने वाला समय काफी तनावरहित होगा।

इन तरीको से आप बच्चे के आने के लिए तैयार हो सकती हैं:

जन्म की प्रक्रिया के बारे में जानें

बच्चे को जन्म देने का खयाल आपको काफी तनाव दे सकता है। लेकिन एक बड़े डॉक्टर ग्लेड कर्टिस सलाह देते हैं,”जो महिलाएं जन्म के बारे में पहले काफी कुछ पता कर लेती हैं वो बच्चे को जन्म देने में काफी एक्टिव देखी गई हैं, जिससे अच्छे परिणाम आते हैं।“

इस समय आप जन्म देने से जुड़ी क्लास जॉइन कर सकती हैं और प्रसव के चरण के बारे में जान सकती हैं, और इसके साथ दर्द कैसे संभाला जाए यह भी आप इन क्लास में सीख सकती हैं, इन क्लास में और कई चीज़ें आपको पता चलती हैं जो आपको पहले कभी पता नहीं थी। आपको अपनी गर्भावस्था के बीच में ये क्लास लेनी चाहिए।

आप कई वीडियो देखकर जन्म देने के कई तरीके भी सीख सकती हैं, जिसमें प्रकृतिक तरीके से जन्म देना, पानी में जन्म देना और ऑपरेशन से जन्म देना शामिल है।

अध्यन करने के बाद आप एक लिस्ट बना सकती हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखिए की इन सब चीजों के साथ तैयार होने के बाद आपकी प्रेगनेंसी आपके अनुसार जाए ऐसा होने की कोई गारंटी नहीं है।

बच्चो को जन्म देने से जुड़ी क्लास लेने वाली डायनी रेंडोल ने बताया,”प्रसव में कई उतार-चढ़ाव आ सकते हैं और किसी को नहीं पता की आपको प्रसव कैसा होगा।“

अपने बच्चे के लिए एक डॉक्टर ढूंढें

आपको अपनी प्रेगनेंसी के बीच में ही उसके लिए बच्चों का डॉक्टर ढूंढकर रख देना चाहिए। ऐसा लग सकता है की अभी ये सब करना जल्दबाजी है पर ऐसा डॉक्टर ढूँढना जो आपके और आपके परिवार के लिए बेस्ट हो इतना भी आसान नहीं, और उसमें भी वो डॉक्टर ढूंढना जो आपके इन्शुरेंस प्लैन को स्वीकार करता हो।

अपने स्वास्थ इन्शुरेंस एजेंट से बात करके पता लगाइए की आप अपने बच्चे को इस पॉलिसी में कैसे जोड़ सकती हैं। आपको ये भी देखना है की इन्शुरेंस में कैसे आपका प्रसव और प्रेगनेंसी शामिल है।

आप और आपके पार्टनर की सोच मिलनी चाहिए

जैसे प्रसव के पूर्व की क्लास आपके लिए ज़रूरी हैं, वैसे ही ये भी उतना ही इंपोर्टेंट है की आप बच्चे के पैदा होने के बाद एक-दूसरे को समझते हों। अगर आप दोनों ही अलग-अलग चीज़ें चाहते हैं तो इससे दिक्कत हो सकती है, इसलिए आप पहले इन सब बातों पर चर्चा कर लें।

आप ये मानकर भी मत बैठिए की आपके पति को आपकी दिक्कत के बारे में पूरा अंदाज़ा होगा। आप इस बारे में बात कीजिए की बच्चे के आने के बाद आप घर और बच्चे के काम को कैसे बाटेंगे। अपने पार्टनर को बताएं की वो कैसे बच्चे को दूध पिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

आप कुछ बड़े निर्णय लेकर अपनी ज़िंदगी आसान कर सकते हैं, जैसे बच्चे का नाम क्या होगा, आप बच्चे को कैसे खिलाएँगे और कैसे धार्मिक रीति-रिवाज़ करना चाहते हैं।

पुरानी माँ से बात करें

नई माँ बनने के संबंध में कई चीज़ ऐसी हैं जिनके बारे में समाज आज भी खुलकर बात नहीं करता है। जैसे पेशाब का लीक होना, या सेक्स करना।

सबके अनुभव अलग होते हैं लेकिन इनके बारे में बात करके आप पता लगा सकते हैं की सबके साथ क्या होता है या हुआ था। इससे आपको ज़्यादा हैरानी भी नहीं होगी। सबसे अच्छा है की आप इन सब चीजों के बारे में अपनी माँ से पूछ सकती हैं।

ऐसी धारणा है की आपके बच्चे और आपमें रिश्ता एक दम से ही बन जाना चाहिए, लेकिन ऐसा होना कोई ज़रूरी नहीं है। आप सही लोगों से बात करके पता लगा सकती हैं की आप कैसे रिश्ता जल्द से जल्द बना सकती हैं। या इसमें कितना समय लगता है।

अगर कोई आपको प्रेगनेंसी से जुड़ी दिक्कतों के बारे में डरा रहा हो तो उन्हें रोक दें और पूछें की उस दिक्कत का उपाय क्या है।

बच्चे और पालतू जानवर को तैयार करें

नया बच्चा आपसे ज़्यादा आपके बड़े बच्चे को हिला सकता है। अच्छी बात ये है की आपके परिवार को नए मेहमान की आदत पड़ने में अभी महीने पड़े हैं, इस समय आप बड़े बच्चे को नए बच्चे के लिए तैयार कर सकती हैं।

कई लोग अपने बड़े बच्चे को छोटी सी गुड़िया देते हैं, और बताने की कोशिश करते हैं की घर में क्या आने वाला है। बड़े बच्चे इन सब चीजों से खेलने में आनंद पाते हैं, बाद में उन्हें बच्चे के साथ इसकी आदत पड़ जाती है।

कुछ हॉस्पिटल में बड़े बच्चे के लिए क्लास होती हैं, जहां वो नए बच्चे के बारे में काफी बातें सीख सकते हैं। इसमें सिखाया जाता है की बच्चा इतना क्यों रोता है, उनका खयाल कैसे रखें, और बच्चे इतना क्यों सोते हैं। बड़े बच्चों को इनके बारे में जानना काफी अच्छा लगता है, ऐसे करने से उन्हें परिवार वाली फीलिंग आती है।

जैसे ही आपकी डेट पास आती है, वैसे ही आपको इस बात को सुनिश्चित करना है की आपके बड़े बच्चे का खयाल रखने के ली कोई होना चाहिए।

पालतू जानवर को भी ऐसी ही क्लास से काफी फायदा होता है। लोकल ट्रेनर आपके पालतू जानवर को क्लास दे सकते हैं, या आप खुद वीडियो या किताब से पढ़कर पालतू जानवर को बच्चे की आदत पड़वा सकते हैं। यदि सबकुछ आपके अनुसार नहीं जा रहा है तो आप पालतू जानवरों को क्लास में भेज सकती हैं। बच्चे के आने समय आप किसी को अपने कुत्ते का खयाल रखने के लिए रख सकते हैं।

बच्चे के जन्म के बाद मदद जुटाने की तैयारी करलें

बच्चे के पैदा होने के बाद कुछ हफ्ते आपको मदद की काफी ज़रूरत पड़ सकती है। जिन माँ को मदद मिलती है वो अपने बच्चे का सही से खयाल रख सकती हैं। किसी की मदद लेना सभी काम खुद करने से काफी अच्छा है। ऐसा करने से आप थकती नहीं, और बच्चे का सही से ध्यान भी रख सकती हैं।

अगर आपका कोई रिश्तेदार आपकी मदद कर सकता है तो आप उनसे कुछ निश्चित चीजों के बारे में खुलकर बातें कर सकती हैं। आगे के समय के बारे में बात करने से आपकी काफी दिक्कत कम हो सकती हैं। आपके काफी बड़े-बुज़र्ग चाहते होंगे की वो आपके बच्चे का पूरी तरह से खयाल रखें, लेकिन हम आपको बताना चाहेंगे की ये काम पूरी तरह से माँ-बाप को ही करना चाहिए।

तो इस समय दादी-नानी क्या करें? इस समय उन्हें बच्चे से ज़्यादा उससे जुड़े काम जैसे कपड़े धोना, शॉपिंग, खाना बनाना, और सफाई पर ध्यान देना चाहिए।

जी हाँ, हम समझते हैं की सभी लोग ये सब काम करने के लिए सभी लोग राज़ी नहीं होंगे। लेकिन कई लोग अपने मन से मदद करना चाहते हैं, और आप क्या चाहते हैं ये सुनकर उन्हें काफी अपना सा महसूस होगा।

आप मदद के लिए पैसा भी दे सकते हैं, जिसमें साफ़-सफाई से लेकर घर के सभी काम पैसे देकर करवाए जाते हैं। आप बड़े बच्चे के लिए किसी को रख सकते हैं।

ऐसा करने से बड़े बच्चे का कोई और खयाल रखेगा और आपको आराम करने का समय मिल जाएगा। नींद नहीं लेने से आपको नींद से जुड़ा डिप्रेशन हो सकता है, इसलिए आपको जब नींद मिले तब नींद लेनी चाहिए।

बच्चे का अच्छी तरह से खयाल रखने से आपको अच्छी नींद मिलेगी। और आप बाकी समय में भी अपने नए बच्चे पर पूरी तरह से ध्यान दे सकती हैं।

प्रसव शुरू होने पर आपको ये करना चाहिए

पहले संकुचन शुरू होने से पहले ही आपको पता होना चाहिए की आपको प्रसव शुरू होने पर कहाँ जाना है, किसे फोन करना है और कब जाना है।

आपके डॉक्टर आपको इस बात की लिस्ट देंगे की प्रसव शुरू होने पर आपको क्या करना है, जैसे कब फोन करना है, कब हॉस्पिटल जाना है। और इस समय आपके साथ कौन होगा इसका फैसला भी आपको करना है, और इसके विकल्प भी अपने पास रख लें।

आप इस बात को पहले ही सोच लें की हॉस्पिटल जाने के लिए आप किस रास्ते को लेंगी, और अपनी कार कहाँ पार्क करेंगे। आप इन सब चीजों के बारे में पहले हॉस्पिटल जाकर जानकारी ले सकती हैं। आप हॉस्पिटल में घूमकर ये भी देख लेंगी की हॉस्पिटल में क्या नियम फॉलो होते हैं।

अगर हो सकता है तो सभी कागजी कार्यवाही पहले ही करलें। इससे आपके प्रसव में ज़्यादा देरी नहीं होगी, और आप पेपर भरने से पहले ही बच जाएंगी।

इस बात का फैसला लें की जन्म के समय आपके साथ कौन होगा

ये काफी निजी निर्णय है कुछ माँ चाहती है की उनके साथ कमरे में उनके पार्टनर, दोस्त, सास और माँ हो। अगर आपके हॉस्पिटल इतने लोगों को अंदर रहने की अनुमति ना देता हो तो इस बारे में जानें की आपका हॉस्पिटल किस चीज़ की अनुमति देता है।

कुछ लोग कम से कम लोगों की अनुमति इस समय चाहते हैं। इस बारे में सोच लें की आप कितने लोगों को इस समय अपने साथ चाहती हैं, ताकि बाद में कोई भ्रम ना हो, और कोई बिना बुलाए ही ना आजाए। ऐसा होने से आपको और आने वाले दोनों को ही बुरा लग सकता है।

आप उस व्यक्ति की अभी से घोषणा कर दें जो बच्चे के जन्म के विषय में सबसे आधिकारिक रूप से बात करेगा, ये वो इंसान होगा जो ईमेल भेजेगा, या फोन पर सबसे बात करेगा। ये इंसान ही इस बात की जानकारी सबको देगा की बच्चा अब आ गया है, और किसी को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

आप इस बात का ख्याल भी रखें की प्रसव के बाद सारी ऊर्जा चली जाती है, और आपको काफी थकान लग सकती है। और इस समय बार-बार लोगों के आने से आपको दिक्कत हो सकती है। वैसे भारत में ये होना मुश्किल है पर हो सके तो आप इस समय कम से कम लोगों से मिलें। कई लोगों के आने की वजह से आप बच्चे को बिना जिझक के दूध भी पीला नहीं पाएँगी। इसलिए बच्चे की सेहत के लिए भी आपको लोगों से कम से कम मिलने का कठिन निर्णय लेना ही पड़ेगा।