प्रसव के सफर को कैसे आसान किया जा सकता है?

प्रसव के दर्द से सामना करने के लिए यह कपल डांस से मदद लेता है। पति के इस सफर में साथ होना काफी प्रोत्साहन वाला काम है।

लोग इसे इंग्लिश में लेबर और हिन्दी में प्रसव वैसे ही नहीं कहते हैं। बच्चा पैदा करना एक बड़ा काम है, और इस मुश्किल काम में सबसे मुश्किल है प्रसव का दर्द झेलना। लेकिन आपको चिंता करने की ज़्यादा ज़रूरत नहीं है। इन तकनीक से आप प्रसव के दर्द से उभर सकती हैं!

रिलेक्सेशन यानी विश्राम

प्रसव में सबसे ज़रूरी चीज़ है रिलेक्स करना। यहाँ सीधा सा फंडा है, जब आप दर्द से डरती हैं तो आप चिंता करती हैं और इससे दर्द भयंकर ही होता है।

सांस लेना

रिलेक्स रहने के लिए उसी तरह से सांस लेना अहम है जैसे आप किसी समान को उठाते हुए सांस लेती हैं। जब आप अंदर तक सांस लेती हैं तो आपको आराम मिलता है।

और इस समय अजीब सी आवाज़ निकालने से भी ना शर्माएँ। इस समय कम आवाज़ से चिल्लाना ज़्यादा आवाज़ से चिल्लाने से अच्छा माना जाता है, तेज़ चिल्लाने से आपका गला सूखा और तनावग्रस्त होता है इसलिए हमें मुश्किलों के बाद भी कम आवाज़ निकालने की कोशिश करनी चाहिए।

हिलना-ढुलना

टहलना, पोज़िशन बदलना और बर्थिंग बॉल पर रोल करने से ना सिर्फ आपका दर्द कम होता है बल्कि प्रसव में जाने में भी गुरुत्वाकर्षण का अपने फायदे में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे बच्चे की गतिविधि अच्छी होती है और उसे गर्भाशय में नीचे आने में मदद मिलती है। हॉस्पिटल में भ्रूण के मॉनिटर, दवाइयों और आईवी से जुड़े होने की वजह से आपका टहलना थोड़ा मुश्किल है पर आप हाथ पाँव को हिला सकती हैं और खड़ी भी हो सकती हैं, आप बैड के कोने पर बैठ सकती हैं या ऊपर नीचे हो सकती हैं।

पानी की थेरेपी

गर्म पानी से प्रसव का दर्द काफी कम हो सकता है। जहां आप बच्चे को जन्म दे रही हैं वहाँ का तापमान 100 फेरेनहाइट करने से आपको अच्छा लग सकता है और इससे प्रसव का दर्द भी चला जाता है। यह स्पा में रहने जैसा ही है।

गर्म पानी से नहाना भी काफी मददगार है। गर्म पानी की धार से ना सिर्फ आप रिलेक्स रहेंगी बल्कि इससे आपके बॉडी की मसाज यानी मालिश भी होगी। इसके कोई रूल्स नहीं है लेकिन कुछ डॉक्टर आपको प्रसव की शुरुआत में गर्म पानी में नहाने से मना कर सकते हैं क्योंकि इससे प्रसव की गति धीमी पड़ती है।

मालिश

प्रसव में महिला को जितने प्रैशर की ज़रूरत होती है उसके लिए मालिश शायद कम ही लोगों को सही लगे। लेकिन आपके पति अगर आपके हाथ पाँव की मालिश करते हैं तो उससे आपका ध्यान दर्द से हट जाता है। इससे आप रिलेक्स होंगी, और आपको लगेगा की आपके पास कोई है जो आपकी मानसिक शक्ति बढ़ाती है।

रीड़ की हड्डी और कम्बाइन्ड स्पाइनल-एपिड्यूरल

एपिड्यूरल काफी असरदार हो सकते हैं लेकिन लेकिन उन्हे असर करने में 10 से 25 मिनट लगते हैं। रीड़ की वो जगह जहां आपको नीचे की तरफ इंजेक्शन दिया जाता है कुछ ही सेकंड में काम करता है। लेकिन एपिड्यूर जो आपको लगातार दिए जाते हैं 45 मिनट तक असर करते हैं। 80 से 90 परसेंट चुने हुए सी-सेक्शन स्पाइनल से किए जाते हैं।

आपको प्रसव दर्द की मैनेजमेंट तकनीक के बारे में हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और फिर कोई निर्णय लेना चाहिए।