बच्चे को जन्म देने की लमेज़ प्रणाली

Lamaze method of childbirth

बच्चे को जन्म देने वाली लमेज़ प्रणाली क्या है?

इस प्रणाली का अविष्कार फ्रेंच डॉक्टर फ़र्डीनांड ने किया गया, इसको 1950 से ही अमेरिका में इस्तेमाल किया जा रहा है, और क्लास में इस तरीके को सबसे ज़्यादा सिखाया जाता है। शुरुआती दिनों में सांस लेने कि तकनीक पर ही ध्यान दिया जाता था, लेकिन लमेज़ ने इसके बाद कि परिकल्पना कि थी।

लमेज़ इंटरनेशनल के अनुसार लमेज़ क्लास का उद्देश्य है महिलाओं में जन्म देने को लेकर विश्वास बढ़ाना। अंत के समय महिलाएं कई नीति सीखती हैं, जिसमें सांस लेने कि तकनीक एक है। इन क्लास में महिलाओं को सिखाया जाता है कि वो दर्द पर कैसे प्रतिक्रिया दें जिससे उनका प्रसव आसान हो।

लमेज़ के अनुसार जन्म नॉर्मल, प्रकृतिक और स्वस्थ होता है, और महिलाओं को बिना किसी मेडिकल दखलअंदाजी के जन्म देने का हक़ होता है। लेकिन लमेज़ कहते है कि जब महिलाओं को मेडिकल मदद कि ज़रूरत पड़े, तो उन्हें इसके बारे में बताया जाए और उनकी इसमें सहमति हो।

लमेज़ कोर्स में क्या है?

लमेज़ क्लास में 12 घंटे के अनुदेश होते हैं और एक क्लास में 12 से ज़्यादा जोड़े नहीं होते। सभी प्रेगनेंट महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वो अपने सातवें महीने कि शुरुआत में इन क्लास को लेना शुरू करें। क्लास में निम्न चीज़ें होती हैं:

इसमें नॉर्मल प्रसव के बारे में बताया जाता है जिसमें असली जन्म कि वीडियो दिखाई जाती है, और प्रसव से पूर्व कि वीडियो भी शामिल होती हैं।

जन्म के समय आपके पास कैसे जानकारी होनी चाहिए, और कैसे आपको अपने बच्चे को जन्म देने में भाग लेना चाहिए।

प्रसव के समय सांस लेने कि तकनीक पर ध्यान लगाना

रिलेक्स करने कि अन्य तकनीक और प्रसव के दर्द को कम करने के तरीके। इसमें मालिश, टहलना, और मुद्रा बदलना शामिल है।

इसमें आपके पार्टनर को बताया जाता है की वो आपको प्रसव में कैसे मदद कर सकते हैं।

आपको बताया जाता है की कैसे एक डॉक्टर आपके साथ होकर आपकी मदद करेगा।

आपको कैसे अपने डॉक्टर से बात करनी है, ताकि आपकी सभी जरूरतें पूरी हो सकें।

आपको ये भी बताया जाएगा की प्रेगनेंसी में क्या दिक्कत आ सकती हैं, और आपको कैसे मेडिकल मदद और कौनसी मेडिकल मदद दी जा सकती है।

कैसे आपको अपने बच्चे से पहली मुलाक़ात करनी है

दूध पिलाने की तकनीक

मैं इस क्लास से जुड़ी जानकारी कैसे लूँ?

आप लमेज़ इंटरनेशनल वैबसाइट में जाकर देख सकते हैं की आपके पास कहाँ ये क्लास होती है, आपको ये भी पता चलेगा की कौन से हॉस्पिटल आपको ये क्लास दे सकते हैं।