इन सुझाव को आज़माकर आप अपनी ऑफिस की ज़िंदगी को अपनी प्रेगनेंसी के साथ संतुलित कर सकती हैं

Pregnancy and work life- Angohealth

“प्यारी डायरी! आपको कुछ पता है? मुझे आज सबसे अच्छा कर्मचारी का अवॉर्ड मिला। मैं आज दिल से काफी खुश हूँ। मैं सही में काफी खुश हूँ। ये एक बेहतरीन सफर था। सुबह 8 बजे की मीटिंग और कभी कभी दिन का खाना ही नहीं खाना, उसके ऊपर से मेरे बॉस का मुझे और प्रेरित करना। इन सबमें एक इंसान ने हमेशा मुझे ताकत दी। और आज 3 साल की शादी के बाद हमारी पहली लड़ाई हुई! और प्रेगनेंसी की खबर सुनते ही मेरा दिमाग ही काम करना बंद हो गया।”

ये कहानी है अमीषा की, वो भी आपमें से एक है। पहले अल्ट्रासाउंड से पहले वो भी काफी तनाव में थी, पर उन्हें क्या पता था की उनका ये सफर उनकी ज़िंदगी बदल देगा, पेट में एक नन्ही सी जान किसी का भी नज़रिया बदल दे।

वो ऐसी कई महिलाओं में से है जिसने प्रेगनेंसी के दौरान भी अपना ऑफिस जारी रखा। और हम भी उनके इस निर्णय को सराहते हैं। प्रेगनेंसी में वैसे ही कई दिक्कत होती हैं, और अगर आप ऑफिस में हों तो आपकी दिक्कत थोड़ी ज़्यादा ही बढ़ सकती है। लेकिन आपको सरकार द्वारा मातृत्व की छुट्टी का अधिकार दिया गया है। अब गर्भवती महिलाओं को प्रेगनेंसी के लिए 26 हफ्तों की तनख्वा वाली छुट्टी मिलेगी, साथ ही अगर आपका काम घर से हो सकता है तो आप अपने काम को घर से कर सकती हैं। लेकिन हम यहाँ छुट्टी पर चर्चा करने नहीं आए हैं, हम यहाँ उन महिलाओं की मदद करने आए हैं जिन्हें प्रेगनेंसी के दौरान काम करते हुए काफी टेंशन लेनी पड़ती है, और उनसे सब कुछ बैलेन्स नहीं हो पाता।

हमने यहाँ कुछ करने और नहीं करने की लिस्ट बनाई है, जिससे आप अपने ऑफिस के साथ अपनी प्रेगनेंसी को भी संतुलित कर सकती हैं।

निम्न चीज़ें आपको करनी हैं:

1.अपनी प्रेगनेंसी की खबर को सबसे पहले अपने बॉस को बताएं। आपको सलाह दी जाती है की आप अपनी प्रेगनेंसी की खबर पहली तिमाही के पूरा होने पर ही सबको बताएं, क्योंकि इस समय के बाद आपके गर्भपात की संभावना कम रहती है। अपने काम को सही प्रकार से करते रहें और अपने बॉस को इस बात की तसल्ली दें की आपके प्रेगनेंट होने से आपके काम पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। अपने बॉस को ये भी बताएं की आपको कोई काम करने में ज़्यादा दिक्कत आ रही है, वो भी इस बात को समझते हैं की आप इस समय प्रेगनेंट हैं।

2.अपने सह-कर्मी से किसी भी काम में मदद लेने से शरमाएँ या हिचकिचाएँ नहीं। वो जानते हैं की आप काफी परेशानी में हो सकती हैं और उन्हें आपकी मदद करने में निश्चित ही काफी दिलचस्पी होगी। आप उन अनुभवी महिलाओं से बात कर सकती हैं, जो आपकी परिस्थिति में रह चुकी हों। वो आपको कुछ ऐसी सलाह दे सकती हैं जिससे आपका सफर आसान हो सकता है।

3.अपने आप को हमेशा सेफ रखें। आपके काम करने की जगह आपके और आपके बच्चे के लिए सुरक्षित होनी चाहिए। आपको किसी भी उस कमरे में नहीं रहना है जहां धूल ज़्यादा रहती है। केमिकल आपके और आपके बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है, इसलिए इनसे भी दूर रहें।

4.आपको दिनभर कुछ न कुछ पर छोटी मात्रा में खाना है, इसलिए अपने साथ हमेशा स्नैक तैयार रखें, जिससे आपका पेट ज़्यादा खाली नहीं रहेगा। इससे आपकी जी मिचलने की समस्या भी सही रहेगी, या कह सकते हैं की आपको इसमें आराम मिलेगा। इसके साथ आप उस किसी भी गंध से दूर रहें जिससे आपको जी मिचलने की समस्या हो सकती है।

5.आपको दिन में काफी मात्रा में पानी पीना है। इससे आपके अंदर द्रव की कमी नहीं होगी और आपके बच्चे को भरपूर पोषण भी मिलेगा।

6.आपके दिमाग में इस समय अपनी फिटनेस को लेकर चिंता सबसे ऊपर होनी चाहिए। आपको हर घंटे के बाद कम से कम 15 मिनट चलना है। चलने से आपको दर्द में आराम मिलता है। आपको इस समय जूते भी वो लेने हैं जो आपके लिए आरामदायक हों। इस समय हील्स से तो दूर ही रहें। चलते रहने से आपके अंदर खून का संचार सही रहता है। आपको हमेशा अपने पाँव थोड़ा ऊपर करते हुए बैठे रहना है।

7.आपको यदि डॉक्टर से मिलना हो तो आप अपोइनमेंट को छुट्टी वाले दिन या ब्रेक के समय रख सकती हैं। इससे आपको ये चिंता नहीं होगी की आपके काम पर आपकी डॉक्टर से मिलकर का असर पद रहा है।

8.अपनी मातृत्व या प्रेगनेंसी की छुट्टी को सही प्रकार से इस्तेमाल करें। अपने एचआर से कंपनी की पॉलिसी के बारे में बात करें। आप अपने पति से बात करें की वो कब अपनी वाली छुट्टी ले रहे हैं।

9.हमेशा आरामदायक कपड़े ही पहनें। वो कपड़े पहनें जिसमें हवा सही प्रकार से प्रवाहित हो सके। आपको इस समय सूती कपड़े पहनने हैं, और आप इस समय सिंथेटिक से जितना दूर रहें उतना अच्छा है।

नीचे दी गई चीजों से बचें:

1.ऐसी किसी भी जगह न जाएँ जहां बिल्डिंग बनाने या कोई भी निर्माण का काम चल रहा हो। यहाँ तक की पैंट की गंध भी आपके बच्चे के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

2.इस समय भारी समान उठाने से बचें। कमर के बल भारी चीज़ें उठाने से आपके बच्चे को नुकसान हो सकता है, क्योंकि इससे आपके गर्भाशय पर दबाव पड़ता है।

3.काफी देर के लिए बैठे न रहें। इससे आपकी सूजन बढ़ सकती है और आपके पाँव में नसें जमने की दिक्कत हो सकती है।

4.अपने आपको ज़्यादा तनाव न दें। हो सके तो शांत रहें और अपनी पर्सनल और प्रॉफेश्नल ज़िंदगी को बैलेन्स करें। अगर आपको ज़्यादा ही तनाव हो रहा है तो आपको योगा करना चाहिए।

याद रहे की आपको जी मिचलने, उल्टी आने और प्रेगनेंसी के अन्य लक्षणों के लिए तैयार रहना ही पड़ेगा। आपको शायद अपने काम की जगह पर अपनी दिनचर्या को थोड़ा बदलना पड़े, इससे आप सही काम कर पाएँगी। प्रेगनेंसी की सभी अवस्था अलग होती हैं, और सबकी चुनौती भी अलग हैं। आप पहली तिमाही में काफी थकावट महसूस कर सकती हैं और दूसरी में आपके अंदर काफी ऊर्जा दिख सकती है। प्रेगनेंसी के आगे बढ़ने सभी चीज़ें तेज़ी से बदलती हैं, इसलिए आपको उन परिस्थिति के लिए पहले से ही तैयार होना होगा।

आपकी प्रेगनेंसी मंगलमय हो!

प्रेगनेंसी से जुड़ी और जानकारी के लिए हमारी एंगों हेल्थ एप यहाँ डाउनलोड करें।