गर्भपात से जुड़े 5 सवाल जिन्हे पूछने से हर महिला डरती है

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गर्भपात के बारे में सब कम ही बात करते हैं, लेकिन यह निश्चित रूप से क्षति पहुंचाने वाला अनुभव होता है। हमने इस मुद्दे से जुड़े 5 सवालों को पूछा और उन पर चर्चा की है:

जैसे ही प्रेगनेंसी टेस्ट में आपको दो लाइन दिखाई देती हैं, वैसे ही आपके दिमाग में तबीयत खराब, बच्चे के लिंग, क्या बच्चा आपके जैसा दिखेगा, और कई प्रकार के सवाल आते हैं। लेकिन किसी-किसी के दिमाग में बच्चे को गर्भपात से खोने का डर होता है।

सबसे पहले आपको यह जानना ज़रूरी है की ज़्यादातर गर्भावस्था पूरी सुरक्षित और सफल रहती हैं। लेकिन गर्भपात प्रेगनेंसी से जुड़ी काफी बड़ी समस्या है, रिकॉर्ड के अनुसार केवल 10-25% केस में गर्भपात होता है।

चाहे आपका गर्भपात हुआ हो या इसे लेकर कोई चिंता हो, ये हैं उन 5 सवालों के जवाब जो आपको परेशान करते हैं या आप पूछने से बचती हैं।

क्या किसी प्रकार का निशान दिखना हमेशा गर्भपात की निशानी है?

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को किसी भी प्रकार के निशान या खून रिसाव के संबंध में आगाह किया जाता है। जहां यह आने वाले गर्भपात की निशानी हो सकती है, लेकिन यह पक्का नहीं है। शुरुआती प्रेगनेंसी में खून के रिसाव होने का मतलब हमेशा गर्भपात नहीं होता है। 20-30% प्रेगनेंसी में ऐसा हो सकता है, और उनमें से आधी प्रेगनेंसी बिल्कुल सुरक्षित रही हैं।

क्या यह दुबारा हो सकता है?

गर्भपात के 85% मामलों में महिलाएं फिर से गर्भवती हो सकती हैं, और एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं, लेकिन गर्भपात कहीं दुबारा ना हो जाए इसका डर हमेशा रहता है। इसलिए इससे बचने के लिए कुछ उपाय करने चाहिए, सावधानी, ध्यान, लिखाई, नकारात्मक सोच पर काम करने से इस डर से लड़ने में मदद मिलती है। यह जानना काफी ज़रूरी है की आप कैसे अपने डर से छुटकारा पाएँ। हमसे बेहतर हमको कोई नहीं समझता है, इसलिए हमें खुदको संभालने और शांत रखने की आवश्यकता होती है, और नकारात्मकता से हमें दूर रहना चाहिए।

मैं हमेशा उदास क्यों रहती हूँ?

लोगों को यह गलतफहमी है की गर्भावस्था की शुरुआत में गर्भपात होने से मानसिक रूप से कोई असर नहीं पड़ता। कई महिलाओं के केस में यह सच नहीं है। अपने बच्चे को खोना काफी दर्दनाक होता है, भले ही गर्भपात शुरुआत में हुआ हो या कुछ महीनों बाद। इससे दुख जैसी भावना आती है। इसकी वजह से कोई भी महिला लगातार रोने, भूख ना लगने और ध्यान की कमी के लक्षण खुद में देख सकती है।

क्या मुझे अपने नुकसान के बारे में बात करनी चाहिए?

गर्भपात के बारे में बात करने से आपको इस दुख से उभरने में मदद मिल सकती है। गर्भपात को हमारे समाज में ज़्यादा गोपनीय विषय नहीं होना चाहिए। अपने नुकसान के बारे में बाकी लोगों से बात करने पर ना सिर्फ आप दुख से जल्दी उभरेंगी बल्कि अपने आस-पास बात करने से क्या पता आप किसी ऐसे इंसान की मदद कर दें जो आप जैसी समस्या का सामना कर रहा हो। बात शेयर करने से जल्दी उपचार होता है।

क्या यह मेरी गलती थी?

ओब्स्टेट्रिक्स एंड गायनकोलोजी द्वारा किए गए एक सर्वे में पता चला है की जिन भी महिलाओं को गर्भपात हुआ है उनमें से आधी महिलाओं ऐसा लगता है की यह उनकी गलती थी। महिलाएं आमतौर पर खुदको दोष देती हैं, लेकिन गर्भपात पर उनका कोई कंट्रोल नहीं होता है। अपने हुए नुकसान के लिए खुदको कभी दोष ना दें, इससे आपका दर्द और बढ़ेगा पर कम नहीं होगा।

गर्भपात के बारे में शायद समाज को काफी बुरी समझ है। जितना ज़्यादा हम बाते, सवाल और लोगों को इस विषय पर शिक्षित करेंगे, उतना ज़्यादा ही हम महिलाओं और उनके पार्टनर के लिए अच्छा माहौल बना पाएंगे।