गर्भपात: संकेत, कारण, और उपचार

Miscarriage

गर्भपात क्या है?

पहले 20 हफ्तों में प्रेगनेंसी के खत्म हो जाने को ही गर्भपात कहते हैं। मेडिकल के क्षेत्र में गर्भपात की जगह एक दम से गर्भपात शब्द का इतेमाल करते हैं। लगभग 10 से 20 प्रतिशत महिलाओं को गर्भपात होता है और 80 प्रतिशत से ज़्यादा गर्भपात 12 हफ्तों से पहले होते हैं।

इसमें वो स्थिति नहीं शामिल की जाती जिसमें आप अपने उपजाऊ अंडे को प्रेगनेंसी से पहले ही खो देती हैं। स्टडी के अनुसार 30 से 50 प्रतिशत उपजाऊ अंडे इप्लेंटेशन के दौरान ही खो दिए जाते हैं।

खून निकलना एक सबसे बड़ा संकेत

अगर आपको ये लक्षण दिख रहे हैं तो अपने डॉक्टर को तुरंत कॉल करें, ये संकेत/लक्षण नीचे दिए गए हैं:

खून निकलना: योनी से खून या द्रव निकलने को वैसे गर्भपात की पहली निशानी मानते हैं। याद रखें की चार में से एक महिला को योनी से थोड़ा से खून निकलता ही है, और इनमें से ज़्यादातर प्रेगनेंसी में गर्भपात नहीं होता है।

पेट में दर्द: आपको खून निकलने के बाद ही आमतौर पर आपको पेट में दर्द होता है। आपको मरोड़े जैसा लग सकता है, या आपको पीठ में दर्द हो सकता है, या श्रोणि में दबाव बन सकता है।

अगर आपको दर्द और खून दोनों निकल रहा है तो हो सकता है की आपकी प्रेगनेंसी आगे कम ही बढ़े। आपको पता होना चाहिए की प्रेगनेंसी की शुरुआत में खून निकलना, या दर्द होने का क्या मतलब है।

अगर आपका खून Rh-नेगेटिव है तो आपको Rh प्रतिरोधक ग्लोबुलिन के शॉट लेने की ज़रूरत पड़ सकती है वो भी खून के दिखने के दो से तीन दिनों के अंदर।

कुछ गर्भपात तो आपको पहली बार डॉक्टर से मिलने पर पता चल जाएंगे, जब आपके डॉक्टर आपके बच्चे की धड़कन नहीं सुन पाते तो वो पता लगाते हैं की इसका कारण क्या है, और कुछ संकेत देखकर इस नतीजे पर पहुँचते हैं की गर्भपात हुआ है या नहीं। आमतौर पर जब आपको खून निकलता है उससे कई दिनों पहले ही बच्चे का विकास होना रुक जाता है।

अगर आपके डॉक्टर को लगता है की आपको गर्भपात हो गया है तो वो आपको अल्ट्रासाउंड लेने को कह सकती हैं, और इससे पता चलेगा की बच्चे का क्या हो रहा है। वो आपको खून का टेस्ट लेने के लिए भी कह सकती हैं।

गर्भपात का कारण क्या है?

पहली तिमाही में होने वाले 50-70 प्रतिशत गर्भपात कई कारणों से होते हैं लेकिन इनमें क्रोमोसोम से जुड़ी अनियमितता काफी आम हैं। इसका मतलब या तो अंडे में या शुक्राणु में क्रोमोसोम की संख्या गलत रही होगी, और परिणाम में उर्वरक अंडे सही प्रकार से विकसित नहीं हो पाते।

गर्भपात होने के बाद डॉक्टर कभी भी पूरी जांच नहीं करते, इसलिए कहना मुश्किल होता है की प्रेगनेंसी में गर्भपात क्यों हुआ। और अच्छी जांच के बाद भी अगर पता चलता है की आपको कई बार गर्भपात हो गया है, तब भी आधी बार पता नहीं चल पाता की बच्चा क्यों गिरा है।

आपको किस वजह से गर्भपात का ज़्यादा खतरा होता है?

वैसे किसी भी महिला को गर्भपात हो सकता है, पर कुछ को ये खतरा ज़्यादा होता है। उसके ये कारक हैं:

उम्र: जिन महिलाओं की उम्र थोड़ा ज़्यादा होती है प्रेगनेंसी में क्रोमोसोम से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। यहाँ तक की चालीस साल की महिला का गर्भपात 20 साल की महिला से दोगुना ज़्यादा रहता है।

गर्भपात का इतिहास: यदि किसी के एक या दो गर्भपात हो गए हों तो इसके ज़्यादा चान्स हैं की आपको फिर से गर्भपात हो सकता है।

गंभीर बीमारी या विकारता: वो डायब्टीस जिसका सही तरीके से इलाज़ नहीं हुआ हो, या खून के थक्के से जुड़े विकार, व हार्मोनल विकार आमतौर पर गर्भपात की वजह बनते हैं।

इसके अलावा गर्भपात आनुवांशिक कारणों, इन्फ़ैकशन, धूम्रपान-मदिरापन, दवाइयों, प्रदूषण, मोटापे और अन्य विकारों से हो सकता है।

अभी तक इस बात का पूरी तरह से पता नहीं चला है की गर्भपात का कारण क्या होता है, लेकिन कह सकते हैं की अलग-अलग गर्भपात में कारण भी अलग-अलग होते हैं।

गर्भपात से बचने के लिए वैसे आपको अपने सभी प्रकार से टेस्ट करवाने चाहिए, इसके अलावा आपको डॉक्टर के संपर्क में हमेशा रहना चाहिए। आपको जो भी सलाह दी जाए उसे ज़रूर सुनें, गर्भपात से बचने का सबसे अच्छा तरीका है सावधानी।