अल्ट्रासाउंड के दौरान बच्चे ने सबको चौंका दिया

अल्ट्रासाउंड क्या है?

प्रीनेटल अल्ट्रासाउंड में शरीर पर किसी यंत्र को टच किए बिना साउंड वेव से बच्चे, गर्भनाल, गर्भाशय और अन्य अंगों की तस्वीर बनाई जाती है। इससे प्रेगनेंसी कैसे बढ़ रही है और बच्चे की सेहत का पता लगाया जाता है।

टेस्ट के दौरान सोनोग्राफ से उच्च लेवल की साउंड वेव गर्भाशय में डाली जाती है जो बच्चे से लगकर वापिस आती है। फिर एक कम्प्युटर सभी आवाज़ों को वीडियो में बदलते हैं, इससे बच्चे की शेप का पता चलता है, और इसके साथ उसकी गतिविधि और स्थिति का पता चलता है।

आपको 6 से 10वे हफ्ते के बीच अल्ट्रासाउंड प्रेगनेंसी की डेट पता करने के लिए करवाना पड़ सकता है। और शायद आपको प्रेगनेंसी के बीच यानी 16 से 20 हफ्ते के बीच तक इसे ना करवाना पड़े।

मिड-प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड से क्या पता चलता है?

एक मिड-प्रेगनेंसी अल्ट्रासाउंड के दौरान रेडियोलोजिस्ट और डॉक्टर आपके बच्चे की धड़कन जाँचते हैं। वो देखेंगे की बच्चा का दिल एक मिनट में कितनी बार धड़क रहा है, इससे पता चलता है की बच्चा नॉर्मल है।

डॉक्टर बच्चे के सर के पास को पूरी तरह मापेंगे, और फिर वो जांघ की हड्डी, और पेट के पास का एरिया भी नापेंगे, इससे पता चलता है की बच्चा नॉर्मल तरीके से बढ़ रहा है या नहीं। अगर ये आपका पहला अल्ट्रासाउंड है और आपका बच्चा नॉर्मल साइज़ से दो हफ्ते बड़ा या छोटा है तो आपको एक नई डेट दी जा सकती है।

अल्ट्रासाउंड से ये भी पता चलता है की आप कितने बच्चे पैदा करने वाली हैं।

यह गर्भनाल की जगह का भी पता लगाता है। अगर यह नाल गर्भाशय ग्रीवा को जकड़े हुए है तो इससे प्रेगनेंसी के बाद में खून निकल सकता है। अगर डॉक्टर को यह कंडिशन मिली तो वो आपको तीसरी तिमाही से पहले एक और स्कैन करके देख सकते हैं की ये कंडिशन अब भी है या नहीं।

इससे ये भी पता चलता है की आपके गर्भाशय में कितना एम्निओटिक द्रव है। अगर ये ज़रूरत से ज़्यादा या कम है तो दिक्कत हो सकती है। आपके डॉक्टर आपको कई बार बुला सकते हैं जिससे पता चलेगा की इसके पीछे वजह क्या है।

आपके डॉक्टर बच्चे के शरीर की रचना अच्छे से देखेंगे, इसमें सर, गर्दन, छाती, रीड़ की हड्डी, थैली, किडनी, पाँव और नाभि रज्जु को देखा जाता है, और इस बात को सुनिश्चित किया जाता है की सब सही तरीके से बढ़ रहा है।

अगर आप बच्चे के लिंग के बारे में जानना चाहते हैं तो अल्ट्रासाउंड से इसके बारे में पता चलेगा, हाँ अगर बच्चे ने अपने जननांग हाथ से ढके हों तो इसके बारे में कुछ कहना मुश्किल है।