डेटिंग स्कैन या बच्चे के लिए अल्ट्रासाउंड

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डेटिंग स्कैन क्या है?

डेटिंग स्कैन पहला अल्ट्रासाउंड स्कैन जो प्रेगनेंसी में पहली बार किया जाता है। इसमें पता चलता है की आप कितने समय से प्रेगनेंट हैं। इसमें बाकी चीज़ें भी पता चलती है जैसे आपके पेट में कितने भ्रूण हैं, या आपके पेट में कितनी गर्भनाल हैं। इसके साथ ये भी पता चलता है की भ्रूण का आकार कितना है, जो बताता है की आप कितने समय से प्रेगनेंट हैं। इसमें बच्चे धड़कन का पता चलता है और बच्चे के विकास से जुड़ी कुछ विकारता भी यहाँ पता चलती है।

इस स्कैन से पता चलता है की आपका बच्चा कब पैदा होगा। किसी केस में आपको ये स्कैन नहीं भी लिया जाने दिया जाएगा, जहां महिलाओं को पता होता है की उन्होने कब गर्भ धारण किया था, और उनके पीरियड कब से नहीं हो रहे हैं।

ये आपको पहली तिमाही में 10 से 13वें हफ्ते के बीच लेने के लिए कहा जाएगा। अगर आपकी प्रेगनेंसी में कोई दिक्कत जैसे योनी से खून निकल रहा है तो आपको डॉक्टर 6वें हफ्ते में ही ये स्कैन लेने की सलाह देंगे।

ये स्कैन होता कैसे है?

ये स्कैन सोनोग्राफन या एक दाई द्वारा किया जाता है। ये स्कैन पेट से होता है। इसमें आपके पेट पर एक जेल लगाया जाता है और इसमें आपके पेट पर एक डिवाइस चलाई जाती है। फिर आपके बच्चे से टकराकर ध्वनि वापिस आती है और एक तस्वीर बनाती है। अगर आपको मोटापे की समस्या है तो आपको इस समय योनी का स्कैन लेने के लिए कहा जाएगा।

क्या इसमें कोई सावधानी रखनी है?

पेट के स्कैन के लिए आपको काफी पानी पीना चाहिए ताकि आपकी थैली भरी रहे। ये आपकी कोख को ऊपर की तरफ कर देती है और इससे बच्चे की तस्वीर अच्छी दिखती है। योनी के स्कैन के लिए आपके पेट का पूरा भरा होना ज़रूरी नहीं है।

स्कैन में जाने से पहले आपको डॉक्टर की सारी सलाह माननी चाहिए, इससे आपको स्कैन में ज़्यादा असहज नहीं लगेगा।

ऐसे कोई भी स्कैन किसी भी महिला के लिए काफी खास हो सकते हैं, इससे उन्हें पहली बार अपने पेट में पल रही जीवन के दर्शन होते हैं।

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