प्रेगनेंसी में ग्लुकोज़ टोलरेंस टेस्ट

Glucose Tolerance Test during pregnancy

ग्लुकोज़ टोलरेंस टेस्ट को ओरल ग्लुकोज़ टोलरेंस टेस्ट या ओजीटीटी भी कहते हैं, इससे आपके अंदर ग्लुकोज़ टोलरेंस का पता चलता है। इससे डायब्टीस की पहली अवस्था और सबसे ज़्यादा प्रेगनेंसी की डायब्टीस का पता लगाया जाता है।

इसमें पता लगाया जाता है की आपके शरीर में ग्लुकोज़ को लेते हुए कोई असमान्यता तो नहीं है, वो खाना खाने के बाद। इससे गर्भावस्था की डायब्टीस का भी पता लगाया जाता है। आपमें इन स्थिति में डायब्टीस हो सकती है:

प्रेगनेंट होने से पहले आप 25 साल से कम उम्र की थी और आपका वज़न भी ज़्यादा था

आप ऐसे बच्चे को जन्म दे चुकी हैं जिसका वज़न 4.1 किलो है।

आपको पहले की प्रेगनेंसी में गर्भावस्था की डायब्टीस हो चुकी हो।

इसके लिए कैसे तैयार हों?

टेस्ट देने से पहले आपको एक संतुलित आहार लेना है, इसमें कम से कम 150 ग्राम कार्बोहाइड्रेट होना चाहिए। ऐसा हर दिन के हिसाब से होना चाहिए। इस समय फल, ब्रेड, सेरियल, अनाज, चावल और स्टार्च से भरी सब्जियाँ लें, इससे आपके अंदर अधिक कार्बोहाइड्रेट आएगा।

इससे पहले धूम्रपान, मदिरापान ना करें, और इससे आठ घंटे पहले एक्सर्साइज़ भी ना करें।

आप टेस्ट से पहले जो भी दवाई ले रही थी उनके बारे में अपने डॉक्टर से ज़रूर बात करें। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि डॉक्टर आपको टेस्ट से पहले कोई खास दवाई नहीं लेने की सलाह दे सकते हैं।

प्रक्रिया

इसमें आपके खून का सैंपल लिया जाता है। ये सबसे पहली चीज़ की जाती है।

आपको एक पेय पदार्थ दिया जाता है, इससे आपके अंदर का ग्लुकोज़ टोलरेंस का पता चलता है। आपको 75-100 ग्राम पेय पदार्थ पीना पड़ेगा।

2 से 3 घंटे के अंतराल पर आपके खून के नमूने लिए जाएंगे। इसमें 30 मिनट से लेकर 3 घंटे तक का समय लग सकता है।

इस टेस्ट में कुछ रिस्क भी होते हैं। कुछ महिलाओं के अंदर टेस्ट के खत्म होने तक खून शुगर लेवल काफी कम हो जाता है। शुगर में कमी होने के सबसे बड़े संकेत हैं कमजोरी, भूख, और पसीने आना