न्यूकल ट्रान्स्ल्युसेंसि स्क्रीनिंग टेस्ट

Nuchal Translucency Screening Test

न्यूकल ट्रेंस्यूलेसेंसि स्क्रीनिंग टेस्ट प्रेगनेंसी में होता है। इसमें अल्ट्रासाउंड की मदद से देखा जाता है की बच्चे के गर्दन के पीछे जो द्रव है वो कितना मोटा है। यदि ये एरिया नॉर्मल से थोड़ा ज़्यादा मोटा होता है, तो इसका मतलब हो सकता है बच्चे को डाउन सिंड्रोम हो, ट्रिसोमी 18 या दिल की समस्या हो।

ये टेस्ट 11-14 हफ्ते के बीच किया जाता है। ये आपके पहली तिमाही के स्क्रीनिंग टेस्ट में किया जा सकता है या अलग से किया जा सकता है।

इस टेस्ट से पता चलता है की बच्चे में कोई दिक्कत तो नहीं है। इससे ये पक्का पता नहीं चलता की बच्चे में सही में कोई दिक्कत है। आपको सीवीएस या एम्निओसेंटीसिस जैसे टेस्ट लेकर ही पता चलेगा की बच्चे को सही में कोई दिक्कत है या नहीं।

ये टेस्ट किया क्यों जाता है?

इस टेस्ट को करने का उद्देश्य ये देखना की बच्चे में कहीं कोई डाउन सिंड्रोम की दिक्कत तो नहीं है।

कैसे तैयारी करें

आपको इस टेस्ट के लिए पूरी थैली की ज़रूरत पड़ सकती है। अगर ऐसा है तो आपको आपको द्रव पीने के लिए कहा जा सकता है, और आपकी भरी हुई थैली से टेस्ट किया जाता है।

अपने डॉक्टर से आप इस टेस्ट के बारे में खुलके बात कर करें, पूछें की ये टेस्ट कब और कैसे किया जाता है, और इसके परिणाम का क्या मतलब होता है। डॉक्टर आपको ढंग से बता पायेंगे की इस टेस्ट में क्या होता है।