प्रेगनेंसी में कभी यूरिन टेस्ट करवाना ना भूलें, इनसे पेशाब की जगह इन्फ़ैकशन और डायबटीस का पता चलता है

urine test

क्या प्रेगनेंसी से पहले होने वाली सभी विजिट में आपका डॉक्टर यूरिन सैंपल के लिए पूछेगा?

आपका डॉक्टर आपकी पहली विजिट के दौरान यूरिन सैंपल माँगेगा और उसे फिर जांच के लिए भेज देगा। कुछ डॉक्टर हर विजिट या हर तिमाही में एक बार यूरिन सैंपल मांगते हैं। वो इसकी जांच आमतौर पर डिपस्टिक द्वारा करते हैं। अन्य आपसे फिर कभी यूरिन सैंपल नहीं मांगेंगे, हाँ अगर उन्हे कोई लक्षण हुआ तो वो यूरीन टेस्ट के लिए कहेंगे। कुछ डॉक्टर आपको कैसे एक अच्छा यूरिन लिया जाता है इसकी सलाह देंगे तो कुछ आपको बस इसे कप में लेने के लिए कहेंगे।

किस तरह से एक ‘क्लीन-कैच मिड्स्ट्रीम स्पेसिमेन’ प्राप्त करें?

एंटीसेप्टिक से अपने हाथों को धोएँ। फिर साफ उँगलियों से अपनी लेबिया को अलग करें और अपनी योनी को आगे से पीछे तक साफ करें।

वॉश रूम में दिए गए खास कप में जिसे स्पेसिमेन कप कहते हैं उसमें पेशाब करें, फिर कप को धार के नीचे थोड़ी देर तक रखें, कप के अंदर कैसे भी टच ना करें। पेशाब करने के बाद कप के ऊपर ढक्कन लगा दें और इसे टेस्ट टीम को दे दें।

डिपस्टिक टेस्टिंग कैसे की जाती है?

इसमें टेस्ट टीम का एक सदस्य आपके यूरिन में कलर वाली टेस्ट स्टिक डालेगा और रिज़ल्ट को चार्ट से कम्पेर करेगा। आपके डॉक्टर आपके रिज़ल्ट को रिपोर्ट से चेक करेंगे और पता लगाएंगे की अभी स्थिति कैसी है।

यूरिन की जांच किस लिए होती है?

शुगर

प्रेगनेंसी के दौरान आपके यूरिन में थोड़ा शुगर होना काफी नॉर्मल माना जाता है, लेकिन अगर आपकी लगातार दो विजिट में इसकी मात्रा ज़्यादा पाई जाती है तो इसका मतलब हो सकता है की आपको प्रेगनेंसी की डायबटीस हो। आपके डॉक्टर आपको इस बीमारी की जांच के लिए ग्लूकोज़ चैलेंज टेस्ट लेने को कह सकते हैं।

हालांकि अगर आपके यूरिन टेस्ट नॉर्मल हैं तो भी आपको 24 से 28 हफ्ते के बीच में प्रेगनेंसी के डायबटीस का पता लगाने के लिए इस ग्लोकोज़ टेस्ट को लेना ही होगा।

प्रोटीन

आपके यूरिन में अधिक मात्रा में प्रोटीन होने का मतलब हो सकता है की आपको पेशाब की जगह इन्फ़ैकशन हो, इसके साथ इसका मतलब किडनी डैमेज, और अन्य विकार भी हो सकते हैं। प्रेगनेंसी की अंतिम स्टेज में अगर इसमें ब्लड प्रैशर ज़्यादा भी है तो इसका मतलब यह प्रीक्लेमसिया(उच्च ब्लड प्रैशर की एक कंडिशन) भी हो सकता है। अगर आपके यूरिन में प्रोटीन है पर ब्लड प्रैशर नॉर्मल है तो आपके डॉक्टर इस क्लीन-कैच मिड्स्ट्रीम सैंपल को पेशाब की जगह इन्फ़ैकशन की जांच के लिए लैब भेज सकते हैं।

कीटोन

कीटोन्स तब बनते हैं जब शरीर जमा किए हुए वसा यानी फैट को एनर्जि के लिए तोड़ता है। यह तब हो सकता है जब आप प्रयाप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट नहीं लेते है- आपके शरीर के ऊर्जा का स्त्रोत।

अगर आपको जी मिचलने या कई बार उल्टी हो रही है, या आपने प्रेगनेंसी में वज़न कम किया है तो आपके डॉक्टर आपके यूरिन को कीटोन्स के लिए मांग सकते हैं। अगर आपके कीटोन्स लेवल ज़्यादा है तो आप खाना या कोई भी तरल पदार्थ नीचे नहीं रख पाते हैं, आपको शायद दवाई की ज़रूरत पड़े। यूरिन सैंपल में कीटोन्स और शुगर दोनों एक साथ पाने का मतलब है की आपको डायबटीस हो सकता है।

रक्त कोशिकाएँ या बैक्टीरिया  

आपकी पहली विजिट में आपके यूरिन की उस बैक्टीरिया के लिए जांच की जाएगी जो पेशाब की जगह इन्फ़ैकशन को दर्शाता है। इसमें आपके यूरिन की जांच लैब में की जाती है। इस टेस्ट को कल्चर टेस्ट कहते हैं, इससे पता चलता है की आपमें ये इन्फ़ैकशन है या नहीं और सेंसिविटी टेस्ट से पता चलता है की किस एंटीबायोटिक से अच्छा इलाज़ होगा।

अगर आपका टेस्ट नेगेटिव आया तो बाद में पेशाब का इन्फ़ैकशन आपको होने के चान्स कम हैं, हाँ बस आपको इस इन्फ़ैकशन की कोई हिस्ट्री नहीं होनी चाहिए।

आपको शायद आपकी प्रेगनेंसी के दौरान बीच-बीच में यह डिपस्टिक टेस्ट लेना पड़े, शायद लक्षण दिखने पर एक ही बार देना पड़े। डिपस्टिक टेस्ट में कुछ निश्चित एंजाइम की जांच होती है जो सफ़ेद रक्त कोशिका और नाइट्राईट जो बैक्टीरिया से बनते हैं इन दोनों की जांच होती है। इन दोनों से इस इन्फ़ैकशन का पता चलता है। अगर इनमें से कोई भी डिपस्टिक टेस्ट में दिख जाते हैं तो आपके सैंपल को लैब में कल्चर और सेंसिविटी टेस्ट के लिए भेज दिया जाता है।

इस कल्चर और सेंसिविटी टेस्ट में कम से कम 48 घंटे लगते हैं। हालांकि टेस्ट पूरा होने से पहले आपके डॉक्टर आपको कुछ एंटीबायोटिक लेने की सलाह दे सकते हैं, खासकर तब जब आपको पेशाब में इन्फ़ैकशन के लक्षण हों।

वैसे पेशाब में इन्फ़ैकशन अगर आपको आम दिनों में हो तो ये काफी दर्दनाम होता है लेकिन प्रेगनेंसी में इसके कोई भी लक्षण नहीं दिख सकते हैं। अगर इसका इलाज़ नहीं किया गया तो बिना दर्द वाला और बिना लक्षण वाला ये इन्फ़ैकशन आपकी किडनी में पूरी तरह इन्फ़ैकशन कर देगा, इस कंडिशन में तो फिर आपको हॉस्पिटल जाना ही पड़ता है।