प्रेगनेंसी और एड्स

HIV AIDS

एचआईवी का मतलब होता है ह्यूमन इम्यूनो वाइरस, जिसकी वजह से एड्स जैसी जानलेवा बीमारी होती है। एचआईवी पॉज़िटिव इंसान को कभी भी एड्स हो सकता है। इस जान-लेवा बीमारी का कोई सटीक उपचार नहीं है।

आपको एड्स होने से पहले आपके शरीर में एचआईवी वाइरस फैलता है। ये वाइरस आपके प्रतिरोधक तंत्र पर हमला करती है और फिर आपका शरीर कई बीमारियों का घर बन सकता है।

अगर माँ को एचआईवी है तो आपको इस बात का ध्यान रखना होगा की आपके बच्चे को आपसे ये वाइरस न हो। आप बच्चे को जन्म के दौरान या उसे दूध पिलाते हुए ये वाइरस उसे दे सकती हैं।

लक्षण

इस वाइरस से आपके प्रतिरोधक तंत्र पर असर पड़ता है, इसलिए आपको बीमारी वाले लक्षण सभी प्रकार से दिखाई देंगे। आपको बुखार होगा जो काफी दिनों में सही होगा और आपको बाकी बुखार वाले लक्षण ही होंगे। आपको थकान हो सकती है, सर में दर्द हो सकता है, लाल निशान पड़ सकते हैं। आपको एचआईवी है या नहीं इसका पता केवल टेस्ट से चलता है।

क्या किया जाए?

अगर आपको और आपके पार्टनर को बच्चा चाहिए और आप इसके लिए प्लैन कर रही हैं तो आपको एलिसा टेस्ट करने के ज़रूरत है। इस टेस्ट में पता चलता है की आपके अंदर ये वाइरस है या नहीं, इसमें ये भी पता चलता है की आपके अंदर ये कितने वाइरस फैल चुके हैं। टेस्ट काफी अहम है और इससे पता चलता है की डॉक्टर को बच्चे को इससे दूर रखने के लिए कितनी दवाई देने की ज़रूरत है।

बचाव

यदि किसी महिला को एचआईवी है तो भी वो अपने बच्चे को इससे बचा सकती है।

एंटीरेट्रोवाइरल दवाई से मदद होती है।

आप ऑपरेशन से बच्चे को जन्म देकर उसे इससे बचा सकती हैं, आमतौर पर ये डेट से दो हफ्ते पहले की जाती है।

संक्रमित माँ को अपने बच्चे को दूध नहीं पिलाने की सलाह दी जाती है। आपके बच्चे को बाहरी रूप से बना दूध पिलाया जा सकता है।

एचआईवी द्रव से द्रव मिलने पर होता है, इसलिए आपको इससे बचना चाहिए:

आपको किसी के साथ भी असुरक्षित सेक्स नहीं करना है आपको इस समय कोंडोम का इस्तेमाल करना है

अगर आपके पार्टनर को एचआईवी है तो आपको लेटेक्स कोंडोम इस्तेमाल करना चाहिए

आपको किसी भी हालत में सुईं को फिर से इस्तेमाल नहीं करना है, क्योंकि इससे आपको वाइरस फैल सकता है।

अगर आपको प्रेगनेंसी में एचआईवी का पता चले तो आपको ज़्यादा भी घभरना नहीं है। आपके डॉक्टर आपका इस विषय में सही मार्गदर्शन करेंगे। इसके अलावा आजकल कुछ ऐसी दवाई बन गई हैं जिनसे कोई भी एक स्वस्थ जीवन जी सकता है।

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