प्रेगनेंसी में गर्भाशय की विकृति

Abnormality of the uterus during pregnancy

गर्भाशय को आमतौर पर कोख भी कहते हैं, ये उल्टी नाशपाती की तरह दिखती है जो आपकी श्रोणि के एरिया में होती है। आपकी कोख 7.5 सेंटीमीटर लंबी, 5 सेंटीमीटर चौड़ी और 2.5सेंटीमीटर गहरी हो सकती है। कभी कभी कोख कुछ अलग ही आकार में बड़ी हो सकती है, इसे ही गर्भाशय या कोख की विकृति कहते हैं। कई महिलाओं को पता ही नहीं चलता की उन्हें ऐसी कोई विकृति है, लेकिन जब वो प्रेगनेंट होती हैं जब उन्हें पता चलता है की उनकी कोख विकृत है।

वैसे आमतौर पर कोख के आकार से आपके प्रेगनेंट होने पर असर नहीं पड़ता, लेकिन इससे आपके गर्भपात के चान्स बढ़ जाते हैं।

अच्छी बात ये है की ज़्यादातर केस में आप प्रेगनेंट हो सकती हैं, चाहे आपको नीचे दी गई कोई भी विकृति हो:

  • septate-uterusपटलमय गर्भाशय: इसमें अंदुरिणी गर्भाशय की दीवार कोख में बढ़ जाती है, और ये दो भागों में बंट जाती है। लगभग 45 महिलाओं में 1 इससे प्रभावित होती है। कभी कभी ये आपकी गर्भाशय ग्रीवा तक भी बढ़ सकती है, इस केस में आपकी पहली तिमाही में भी गर्भपात होने खतरा रहता है।
     

    arcuate-uterus

धनुषाकार गर्भाशय: ये नॉर्मल गर्भाशय की तरह ही दिखता है। बस एक फर्क है और वो है ऊपर में थोड़ी सी गहराई दिखना। ये लगभग 25 में से 1 महिला को होती है। इससे आपके बच्चे का समय से पूर्व जन्म नहीं होता है, पर लेकिन इससे आपका गर्भपात हो सकता है।

  • bicornuate-uterusदिल के आकार का गर्भाशय: ये गर्भाशय ऊपर से काफी गहरा होता है। इसमे बाहरी और अंदुरिणी दोनों गर्भाशय की दीवार दिल के आकार में नीचे की ओर जाती हैं। ऐसी विकृति आपको हर 250 महिलाओं में से एक महिला में दिखती है। इस स्थिति में गर्भपात और समय से पूर्व बच्चे के जन्म लेने के चान्स ज़्यादा होते हैं।
     

    unicornuate-uterusयुनिकोरनेट गर्भाशय: ये सबसे दुर्लभ गर्भाशय का आकार है ये बस 1000 में से एक ही महिला में दिखती है। इसमें दो अंडाशय होते हैं लेकिन एक ही कोख से जुड़ा होता है, इसमें एक फ़ेलोपियन ट्यूब बढ़ नहीं पाती। इसमें कोख आम कोख से आकार में आधी होती है। इसमें बच्चा प्रेगनेंसी के बीच में भी गिर सकता है और उसका समय से पहले भी जन्म हो सकता है।

     

    uterus-didelphysगर्भाशय का दो हिस्सों में बंटना: ये काफी दुर्लभ स्थिति है इसमें गर्भाशय दो हिस्सों में बंट जाता है, हर भर की अपनी कैवटी होती है। इस दो रूप से गर्भाशय, ग्रीवा और योनी पर भी असर पड़ता है। ये लगभग 350 में 1 महिला को होती है। इस स्थिति में महिलाओं के आमतौर पर दो गर्भाशय ग्रीवा और दो योनी भी होती हैं। इससे बच्चा समय से पूर्व पैदा हो सकता है।preterm baby.

गर्भाशय की विकृति से प्रेगनेंसी पर असर कैसे पड़ता है?

ये कई कारकों पर निर्भर करता है जैसे विकृति कैसी और कितनी है, और आपकी कितनी प्रेगनेंसी रही हैं। ऊपर जो भी विकृति बताई गई है, उनमें से बस धनुषाकार गर्भाशय विकृति को छोड़कर सभी में बच्चे के समय से पूर्व पैदा होने का खतरा रहता है। और इनमें से कुछ में बच्चा विकार के साथ पैदा हो सकता है और गर्भपात भी हो सकता है।

आपकी पानी की थैली समय से पूर्व टूट सकती है, क्योंकि यहाँ बच्चे को बढ़ने के लिए प्रयाप्त जगह नहीं मिल पाती।

कोख के ज़्यादा खिंचने से आपको समय से पूर्व प्रसव हो सकता है।

इस विकारता की वजह से आपकी ग्रीवा आपके बच्चे को गर्भ में रखने में सफल नहीं हो पाएगी।

अगर आपकी गर्भाशय ग्रीवा समय से पूर्व खुल गई तो आपको समय से पूर्व प्रसव हो सकता है और आपको लेट गर्भपात भी हो सकता है।

अगर आपकी कोख आम नाशपाती के आकार की नहीं है तो बच्चे के लिए अपना सर नीचे करके बाहर आना कठिन होगा।

अगर आपको कभी भी लगे की कुछ दिक्कत है तो आपको अपने डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए और इस बात की पुष्टि करनी चाहिए की सब ठीक जा रहा है।

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