मुझे प्रेगनेंसी में एंटी-डी इंजेक्शन लेने की ज़रूरत क्यों है? क्या ये मेरे बच्चे के लिए सुरक्षित है?

Anti D during pregnancy

एंटी-डी इंजेक्शन उन महिलाओं को दिया जाता है जो Rh नेगेटिव होती हैं, इससे Rh सेन्सेशन की प्रक्रिया रुकने में मदद मिलती है। ये सेन्सेशन तब हो सकती है जब गर्भवती महिला जिसका खून RhD नेगेटिव है और उसके पेट में RhD पॉज़िटिव भ्रूण होता है। ज़्यादातर केस में माँ का खून बच्चे के खून से जन्म के समय तक नहीं मिलता। क्योंकि बच्चे पर असर पड़ने वाली एंटीबॉडी को बनने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए बच्चे पर असर पड़े इसकी संभावना कम ही है।

अगर RhD नेगेटिव महिला फिर से RhD पॉज़िटिव बच्चा पेट में धारण करती हैं, तो एंटीबॉडी काफी गंभीर साबित हो सकती है। जब एंटीबॉडी सेंसिटाइस्ड हो जाती हैं तो वो RhD पॉज़िटिव बच्चे की कोशिका पर हमला करती हैं। इसलिए माँ को एंटी-डी इंजेक्शन डिलिवरी के 72 घंटे में दिया जाता है। इससे एंटीबॉडी का गठन नहीं होता। एंटी-डी इंजेक्शन आपके और आपके बच्चे के लिए काफी सेफ माना जाता है।

एंटी-डी और RhD नेगेटिव महिला

Rh नेगेटिव प्रेगनेंट महिलाओं को एंटी-डी लेने के लिए कहा जाता है, ताकि उनके बच्चे के Rh पॉज़िटिव होने के स्थिति में भी कोई नुकसान ना हो। आपको खून की जांच से पता चलेगा की आप Rh नेगेटिव है या नहीं।

प्रेगनेंसी या जन्म के समय आपके बच्चे का खून आपके खून से मिल सकता है। ऐसा गर्भनाल में मौजूद छोटी खून की कोशिका की वजह से होता है। यहाँ तक की अगर प्रेगनेंसी में खून नहीं भी मिलते तो भी आपका और आपके बच्चे का खून जन्म के समय संपर्क में आता ही है।

एंटी-डी के न होने पर माँ का खून बच्चे के खून को बाहरी की तरह ट्रीट कार्ट है और माँ का शरीर बच्चे की कोशिका को खांत करने के लिए एंटीबॉडी बनाता है।

अगर एंटीबॉडी बच्चे की गर्भनाल से उसके रक्त तंत्र तक पहुँच गई तो इससे गंभीर स्थिति खड़ी हो सकती है जिससे बच्चे को पीलिया या एनीमिया की समस्या हो सकती है। गंभीर केस में पीलिया और एनीमिया से बच्चे के दिमाग को गंभीर नुकसान हो सकता है, यहाँ तक की बच्चे की मौत भी हो सकती है। एंटी-डी से आपके बच्चे के Rh पॉज़िटिव होने की वजह से बनने वाली रक्त कोशिका उदासीन हो जाती है, इससे पहले की आपका शरीर एंटीबॉडी बनाए। वैसे आजकल 21,000 जन्म में एक जन्म में ये केस दिखाई देता है।

आपको एंटी-डी की ज़रूरत पड़ती है यदि:

आपकी प्रेगनेंसी में ज़्यादा खून योनी से निकल रहा है।

गर्भापात की स्थिति में

बच्चा गिराने की स्थिति में

यदि आप एम्निओसेंटीसिस जैसी मेडिकल स्थिति से निकले हों

क्योंकि ऊपर बताई गई स्थिति में बच्चे की कोशिका आपके शरीर में आ सकती हैं, इसलिए Rh नेगेटिव महिलाओं को निश्चित ही एंटी-डी इंजेक्शन डिलिवरी के बाद लेने चाहिए।

काफी कम केस में एंटी-डी से आपको एलर्जी हो सकती है। इंजेक्शन लेने के बाद आपको सलाह दी जाती है की आप कम से कम 20 मिनट तक डॉक्टर के ऑफिस में रहें। अगर आपको सही नहीं लगे तो आप तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं।

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